colombia में 7.4 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही, 132 लोगों की मौत, 1500 से ज्यादा घर तबाह
punjabkesari.in Tuesday, Aug 11, 2026 - 04:34 PM (IST)
नारी डेस्क: कोलंबिया में आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने पश्चिमी हिस्से में भारी तबाही मचा दी है। भूकंप के बाद अब तक कम से कम 132 लोगों की मौत की खबर है, जबकि करीब 570 लोग घायल बताए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में इमारतों और घरों को नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर मकान पूरी तरह ढह गए हैं और मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम लगातार जारी है। बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं और प्रभावित परिवारों तक जरूरी मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
1,500 से ज्यादा घरों को नुकसान
भूकंप से पश्चिमी कोलंबिया के कई इलाकों में बड़ी संख्या में मकान और दूसरी इमारतें प्रभावित हुई हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, करीब 1,575 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि दर्जनों मकान पूरी तरह तबाह हो गए हैं। इसके अलावा 61 इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में परिवारों के सामने सबसे बड़ी चिंता अपने लापता परिजनों को ढूंढने की है। कुछ लोग अपने घरों के मलबे के आसपास अपनों की तलाश कर रहे हैं। भूकंप से प्रभावित लोगों की संख्या को देखते हुए राहत एजेंसियां बड़े स्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं।
भूकंप के एक दिन बाद राहत अभियान ने पकड़ी रफ्तार
भूकंप के करीब एक दिन बाद पश्चिमी कोलंबिया में राहत और बचाव अभियान और तेज कर दिया गया। कैली, क्विब्डो, पेरेइरा और आसपास के इलाकों में बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रहे हैं। करीब 1,600 इमारतों के क्षतिग्रस्त होने या ढहने की खबरों के बीच राहतकर्मियों के सामने मलबा हटाने और लोगों तक पहुंचने की बड़ी चुनौती है। कई परिवार अब भी अपने रिश्तेदारों के बारे में जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। लापता लोगों की जानकारी जुटाने और उनके परिवारों को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए स्थानीय नागरिकों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी तैयार किए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में शामिल पेरेइरा में अकेले करीब 60 लोगों की मौत की खबर सामने आई है।
बच्चों के लिए बनाए जा रहे सुरक्षित स्थान
भूकंप के बाद राहत एजेंसियों ने बच्चों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है। प्रभावित इलाकों में ऐसे सुरक्षित स्थान तैयार किए जा रहे हैं, जहां मुश्किल परिस्थितियों में बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके। वर्ल्ड विजन कोलंबिया की संचार समन्वयक बारबरा मेलो के मुताबिक, इन सुरक्षित जगहों पर उन बच्चों को लाया जा सकेगा, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या किसी वजह से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। बच्चों को तनावपूर्ण माहौल से बाहर निकालने के लिए यहां खेल और दूसरी गतिविधियों की भी व्यवस्था की जाएगी।
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चोको में राहत कार्य के सामने कई मुश्किलें
भूकंप का केंद्र चोको क्षेत्र में बताया गया है। यह इलाका कोलंबिया के गरीब और लंबे समय से उपेक्षित क्षेत्रों में शामिल है। यहां पहले से ही कई सामाजिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां रही हैं। सशस्त्र समूहों की गतिविधियों ने भी इस क्षेत्र में हालात को जटिल बनाया है। भौगोलिक परिस्थितियां भी राहत और बचाव कार्य को मुश्किल बना रही हैं। कई प्रभावित इलाकों तक सड़क के रास्ते पहुंचना आसान नहीं है। कुछ जगहों पर घने जंगलों के बीच से नाव या विमान के जरिए ही पहुंचा जा सकता है। ऐसे में बचाव दलों को प्रभावित लोगों तक पहुंचने और राहत सामग्री पहुंचाने में अतिरिक्त समय और संसाधन लगाने पड़ रहे हैं।
राष्ट्रपति ने क्विब्डो पहुंचकर लिया हालात का जायजा
कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्डो डी ला एस्प्रीएला सोमवार रात क्षेत्र की राजधानी क्विब्डो पहुंचे। उन्होंने भूकंप से हुए नुकसान का जायजा लिया और स्थानीय अधिकारियों से राहत एवं बचाव अभियान की स्थिति के बारे में जानकारी ली। सरकार और राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान को आगे बढ़ाने के साथ-साथ बेघर हुए परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाने पर भी ध्यान दे रही हैं। मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते आने वाले घंटों में बचाव अभियान बेहद अहम माना जा रहा है।

