हमारे बच्चे को एग्जाम से ज्यादा फोन की चिंता...  CBSE हेल्पलाइन पर पेरेंट्स ने की सबसे ज्यादा यही शिकायत

punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 05:30 PM (IST)

नारी डेस्क: सीबीएसई (CBSE) ने कुछ समय पहले मुफ़्त काउंसलिंग हेल्पलाइन शुरू की थी जो विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए एक सपोर्ट सिस्टम है, जिसका मकसद मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई का तनाव, परीक्षा का दबाव और व्यवहार संबंधी समस्याओं में तुरंत मदद देना है। आपको यह जानकार हैरानी होगी कि  CBSE हेल्पलाइन पर  सिर्फ 20 दिनों में करीब 1000 शिकायतें आई और ज़्यादातर कॉल्स सोशल मीडिया की लत से जुड़ी थी।


CBSE की मुफ़्त काउंसलिंग हेल्पलाइन क्या है?

यह सेवा CBSE द्वारा चलाई जाती है। इसमें प्रशिक्षित काउंसलर और मनोवैज्ञानिक विद्यार्थियों से बात करते हैं। खासकर बोर्ड परीक्षा के समय और उसके आसपास यह सेवा ज्यादा सक्रिय रहती है। यहां पढ़ाई और परीक्षा का तनाव, सोशल मीडिया / इंटरनेट की लत, एंग्ज़ायटी, घबराहट, डर, नींद न आना, चिड़चिड़ापन, आत्मविश्वास की कमी, माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की समस्या जैसी  समस्याओं को लेकर ममद मिलती है।

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 CBSE हेल्पलाइन पर आए ये केस

सीबीएसई की काउंसलिंग में यह सामने आया कि 20 दिन में देशभर से अब तक एक हजार केस सामने आए हैं, जिनमें सोशल मीडिया के नकारात्मक कंटेंट के कारण विद्यार्थी अपने लक्ष्य से भटक रहे हैं, इनमें करीब 300 केस ऐसे हैं, जिनकी फिजिकल काउंसलिंग तक करनी पड़ी है। कुछ बच्चे परिक्षा की चिंता छोड़ अपना ज्यादा समय फोन पर ही बिता रहे हैं। ऐसे बच्चों में चिड़चिड़ापन, अकेलापन पढ़ाई में मन न लगना, नींद की कमी, एंग्ज़ायटी और डिप्रेशन जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं।  काउंसलर्स का कहना है कि कई बच्चे मोबाइल और सोशल मीडिया के बिना रह ही नहीं पा रहे।


सोशल मीडिया का बच्चों पर असर

जरूरत से ज़्यादा स्क्रीन टाइम: दिन का बड़ा हिस्सा मोबाइल पर बिताने से आंखों और दिमाग पर दबाव पड़ रहा है और नींद का पैटर्न बिगड़ रहा है।

ऑनलाइन तुलना का दबाव: सोशल मीडिया पर “परफेक्ट लाइफ” देखकर हीन भावना बढ़ती है। आत्मविश्वास में कमी आती है। ऐसे बच्चे खुद को कमतर समझने लगते हैं। 

एडिक्शन (लत): फोन छीने जाने पर गुस्सा आता है वह पढ़ाई और परिवार से दूरी बनाने लगते हैं । बार-बार सोशल मीडिया चेक करने की आदत बच्चों के दिमाग पर असर डालती है। 

साइबर बुलिंग: ऑनलाइन ट्रोलिंग, अपमानजनक मैसेज,  डर और तनाव उनका पूरा जीवन बर्बाद कर सकता है।

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CBSE काउंसलर्स की चेतावनी

CBSE हेल्पलाइन से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते सोशल मीडिया की आदत पर कंट्रोल नहीं किया गया, तो बच्चों में लंबे समय की मानसिक समस्याएं विकसित हो सकती हैं। ऐसे में जितना हो सके  माता-पिता बच्चों के स्क्रीन टाइम की सीमा तय करें। 
 सोने से पहले मोबाइल बिल्कुल न दें। बच्चों से रोज़ खुलकर बात करें, उनकी आउटडोर एक्टिविटी और खेल को बढ़ावा दें। ध्यान रखें  पढ़ाई के साथ डिजिटल डिटॉक्स जरूरी। जरूरत पड़े तो काउंसलिंग से झिझकें नहीं। 


 CBSE हेल्पलाइन का कैसे कर सकते हैं इस्तेमाल?


यह हेल्पलाइन निर्धारित समय और तारीखों में उपलब्ध होती है। समय-समय पर CBSE अपनी आधिकारिक वेबसाइट और नोटिस के ज़रिये जानकारी जारी करता है। सही नंबर, समय और भाषा की जानकारी के लिए CBSE की आधिकारिक वेबसाइट या हालिया नोटिस देखना सबसे भरोसेमंद तरीका है।हाल के आंकड़ों के मुताबिक, हेल्पलाइन पर सोशल मीडिया की लत मेंटल हेल्थ से जुड़ी शिकायतों में तेज़ी से बढ़ोतरी देखी गई है, इसलिए CBSE का यह कदम बच्चों की भलाई के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
 


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Content Writer

vasudha

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