बार-बार समझाने पर भी नहीं सुनता बच्चा? जानें उसे समझाने का सही तरीका

punjabkesari.in Thursday, Jul 02, 2026 - 05:10 PM (IST)

नारी डेस्क : कई माता-पिता की शिकायत होती है कि उनका बच्चा बार-बार समझाने के बाद भी बात नहीं मानता। ऐसे में डांटना, चिल्लाना या बार-बार टोकना अक्सर स्थिति को और मुश्किल बना देता है। बच्चों के विशेषज्ञ के अनुसार, बच्चे से बात मनवाने का सबसे असरदार तरीका उसे डराना नहीं, बल्कि पहले उसके साथ मजबूत भावनात्मक जुड़ाव (Emotional Connection) बनाना है। आइए जानते हैं कि अगर बच्चा आपकी बात नहीं सुनता, तो आपको क्या करना चाहिए।

बच्चे अक्सर उल्टा काम क्यों करते हैं?

क्या आपने कभी बच्चे से कहा है, "भागो मत" या "कूदो मत", और उसने वही काम करना शुरू कर दिया? यह बच्चों में अक्सर देखा जाने वाला व्यवहार है। विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे बच्चे कई बार निर्देश की बजाय उसी क्रिया पर ध्यान देते हैं, इसलिए वे वही काम दोहरा देते हैं।

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बच्चे आपकी बात क्यों नहीं सुनते?

डॉक्टर के मुताबिक, कई बार माता-पिता बच्चे को निर्देश तो देते हैं, लेकिन उससे भावनात्मक रूप से जुड़ना (Connect) भूल जाते हैं। चाइल्ड डेवलपमेंट से जुड़ी रिसर्च बताती है कि एक बार बच्चे को सुधारने (Correction) से पहले उसके साथ कई सकारात्मक बातचीत (Positive Interactions) होना जरूरी है।

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कैसे बनाएं पॉजिटिव कनेक्शन?

बच्चे के अच्छे व्यवहार की तारीफ करें और उसे महसूस कराएं कि उसकी कोशिशों की कद्र की जा रही है। 
जैसे, "थैंक यू, तुमने अपने खिलौने सही जगह रखे।"
"बहुत अच्छा, तुमने मम्मी की मदद की।"
"मुझे तुम पर गर्व है।"
"गले लगाने के लिए थैंक यू।"
इस तरह के सकारात्मक शब्द बच्चे को सुरक्षित, महत्वपूर्ण और जुड़ा हुआ महसूस कराते हैं।

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पहले जुड़ें, फिर सुधारें

जब बच्चा आपके साथ भावनात्मक रूप से जुड़ जाता है, तो वह आपकी बात सुनने और अपनी गलतियों को सुधारने के लिए भी अधिक तैयार रहता है। इसलिए हर समय डांटने की बजाय पहले भरोसे का रिश्ता बनाना ज्यादा असरदार होता है। बार-बार गुस्सा करना, चिल्लाना या सजा देना बच्चे को जिद्दी बना सकता है। इससे वह डर सकता है या फिर आपकी बातों को नजरअंदाज करना शुरू कर सकता है। शांत और धैर्यपूर्ण तरीके से समझाना अधिक प्रभावी माना जाता है।

बच्चे की भावनाओं को समझें

हर बच्चे का व्यवहार किसी न किसी वजह से जुड़ा होता है। वह थका हुआ हो सकता है, भूखा हो सकता है, परेशान हो सकता है या सिर्फ आपका ध्यान चाहता हो। इसलिए उसे डांटने से पहले उसकी भावनाओं और जरूरतों को समझने की कोशिश करें।

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अगर आपका बच्चा आपकी बात नहीं मानता, तो सिर्फ नियम बनाना काफी नहीं है। उसके साथ प्यार, भरोसा और सकारात्मक संवाद का रिश्ता बनाना भी उतना ही जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब बच्चा खुद को सुरक्षित और समझा हुआ महसूस करता है, तो वह माता-पिता की बात सुनने और मानने की संभावना भी बढ़ जाती है।


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Content Editor

Monika

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