Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के दौरान अगर सपने में दिखें ये चीजें तो बेहद शुभ माने जाते हैं संकेत
punjabkesari.in Thursday, Mar 19, 2026 - 11:34 AM (IST)
नारी डेस्क: Chaitra Navratri की शुरुआत 19 मार्च 2026 से हो चुकी है और इसका समापन 27 मार्च 2026 को होगा। यह 9 दिनों का पवित्र पर्व Maa Durga की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान देखे गए सपनों का विशेष महत्व होता है और ये भविष्य में होने वाली घटनाओं के संकेत दे सकते हैं।
स्वप्न शास्त्र क्या कहता है?
Swapna Shastra के अनुसार, हर सपना कोई न कोई संकेत देता है, लेकिन नवरात्रि के समय आने वाले सपनों को और भी ज्यादा प्रभावशाली माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इन दिनों माता रानी अपने भक्तों को सपनों के जरिए संकेत देती हैं, जिससे व्यक्ति को आने वाले समय के बारे में पहले से आभास हो सकता है।

शुभ सपनों के संकेत
नवरात्रि के दौरान अगर आपको माता दुर्गा का शांत और प्रसन्न रूप सपने में दिखाई देता है, तो इसे बहुत ही शुभ माना जाता है। इसका अर्थ है कि माता रानी आपसे प्रसन्न हैं और आपकी मनोकामनाएं जल्द पूरी हो सकती हैं। इसी तरह अगर छोटी कन्या, मंदिर, शंख, घंटी, पूजा की थाली, कलश, नारियल या गंगाजल जैसे धार्मिक प्रतीक सपने में दिखें, तो यह जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आने का संकेत देता है। शेर, जो माता दुर्गा का वाहन है, उसका दिखना भी शक्ति और सफलता का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा लाल फूल, फूलों की माला, जलती हुई ज्योत, धूप, मोर पंख, त्रिशूल या साफ बहता पानी देखने का मतलब होता है कि आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आने वाले हैं और खुशियों का आगमन होने वाला है।
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अशुभ सपनों के संकेत
वहीं दूसरी ओर, अगर नवरात्रि के दौरान कुछ नकारात्मक चीजें सपने में दिखाई देती हैं, तो इसे अशुभ संकेत माना जाता है। जैसे अंधेरा, सुनसान मंदिर या माता दुर्गा का गुस्से वाला रूप देखना इस बात का संकेत हो सकता है कि आपसे कोई गलती हुई है या जीवन में कठिनाइयां आ सकती हैं। गंदा पानी, कीचड़, सूखे फूल या टूटा हुआ शीशा देखना भी नकारात्मक ऊर्जा और परेशानियों की ओर इशारा करता है। अगर सपने में लड़ाई-झगड़ा, हिंसा, आग, हथियार या गुस्से में जानवर दिखाई दें, तो यह भविष्य में तनाव या किसी विवाद का संकेत हो सकता है। इसके अलावा खुद को उदास, घायल या परेशान देखना, बिल्ली का रास्ता काटना, सूखा कुआं या बंद दरवाजा देखना भी अशुभ माना जाता है और यह जीवन में रुकावट या परेशानी आने का संकेत देता है।
अशुभ सपना आए तो क्या करें?
अगर किसी व्यक्ति को इस दौरान अशुभ सपना दिखाई देता है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसे समय में माता रानी की सच्चे मन से पूजा करनी चाहिए और उनसे जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगनी चाहिए। साथ ही सकारात्मक सोच बनाए रखना और अच्छे कर्म करना भी जरूरी होता है, जिससे नकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है।

किस समय के सपने होते हैं सच?
सपनों के सच होने के समय के बारे में भी विशेष मान्यता है। कहा जाता है कि सुबह 3 बजे से 8 बजे के बीच देखे गए सपनों के सच होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। इस समय व्यक्ति का मन शांत और आत्मा के करीब होता है, इसलिए इस दौरान देखे गए सपनों को ज्यादा प्रभावशाली माना जाता है। कुल मिलाकर, चैत्र नवरात्रि के दौरान देखे गए सपनों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये सपने आपके जीवन के लिए महत्वपूर्ण संकेत हो सकते हैं, इसलिए इनके अर्थ को समझकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करनी चाहिए।

