Periods के दौरान ब्लड क्लॉट्स से हैं परेशान? खाएं ये Foods, मिलेगी राहत

punjabkesari.in Friday, Jun 05, 2026 - 03:39 PM (IST)

नारी डेस्क : पीरियड्स हर महीने आने वाले इन दिनों में कई महिलाओं को पेट दर्द, ऐंठन, थकान और मूड स्विंग्स जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान खून के साथ छोटे या बड़े ब्लड क्लॉट्स (थक्के) भी नजर आते हैं, जिन्हें देखकर घबराहट होना स्वाभाविक है। हालांकि, हर बार ब्लड क्लॉट्स का आना किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन अगर ये बार-बार दिखाई दें, आकार में बड़े हों या इनके साथ ज्यादा दर्द और भारी ब्लीडिंग हो रही हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अच्छी बात यह है कि खानपान में कुछ जरूरी बदलाव करके और पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को अपनी डाइट में शामिल करके इस परेशानी से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है। आइए जानते हैं उन चीजों के बारे में, जो पीरियड्स के दौरान शरीर को मजबूती देने और ब्लड क्लॉट्स से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकते हैं।

पीरियड्स में ब्लड क्लॉट्स क्या होते हैं?

पीरियड्स के दौरान निकलने वाले ब्लड क्लॉट्स खून, गर्भाशय की परत (एंडोमेट्रियम) और अंगो के मिश्रण से बने छोटे-छोटे थक्के होते हैं। इनका रंग गहरे लाल से लेकर भूरे रंग तक हो सकता है। सामान्य तौर पर छोटे क्लॉट्स आना चिंता की बात नहीं मानी जाती।

ज्यादा ब्लीडिंग के कारण बन सकते हैं थक्के

जब पीरियड्स के दौरान खून का बहाव बहुत अधिक होता है, तो शरीर के प्राकृतिक एंटी-क्लॉटिंग तत्व उसे पूरी तरह पतला नहीं रख पाते। ऐसे में खून जमकर थक्कों का रूप ले सकता है। यही कारण है कि भारी ब्लीडिंग वाली महिलाओं में ब्लड क्लॉट्स अधिक देखने को मिलते हैं।

गर्भाशय की परत के टूटने से भी बनते हैं क्लॉट्स

हर महीने गर्भाशय की अंदरूनी परत मोटी होती है ताकि गर्भधारण की स्थिति में भ्रूण को सहारा मिल सके। जब गर्भधारण नहीं होता, तो यह परत टूटकर खून के साथ शरीर से बाहर निकल जाती है। इसी प्रक्रिया में कुछ ऊतक और खून मिलकर थक्कों का रूप ले सकते हैं।

हार्मोनल असंतुलन हो सकता है वजह

शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का संतुलन बिगड़ने पर गर्भाशय की परत सामान्य से अधिक मोटी हो सकती है। इससे पीरियड्स के दौरान भारी ब्लीडिंग होती है और ब्लड क्लॉट्स बनने की संभावना बढ़ जाती है। हार्मोनल असंतुलन का असर पीरियड्स के नियमित चक्र पर भी पड़ सकता है।

गर्भाशय में फाइब्रॉइड्स

फाइब्रॉइड्स गर्भाशय में बनने वाली गैर-कैंसरयुक्त गांठें होती हैं। कई महिलाओं में ये किसी प्रकार की परेशानी नहीं पैदा करतीं, लेकिन कुछ मामलों में इनके कारण अधिक ब्लीडिंग, लंबे समय तक पीरियड्स और बड़े-बड़े ब्लड क्लॉट्स निकल सकते हैं।

किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

यदि आपको निम्न में से कोई भी समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है
बार-बार बड़े आकार के ब्लड क्लॉट्स निकलना
अत्यधिक या लंबे समय तक ब्लीडिंग होना
पीरियड्स के दौरान असहनीय दर्द
कमजोरी, चक्कर आना या थकान महसूस होना
सांस फूलना या एनीमिया के लक्षण दिखाई देना।

पीरियड्स में ब्लड क्लॉट्स होने पर खाएं ये चीजें?

आयरन से भरपूर चीजें: ज्यादा ब्लीडिंग से शरीर में आयरन की कमी हो सकती है। इसलिए खाएं, पालक, मेथी और सरसों का साग, चुकंदर, अनार, किशमिश और खजूर, दालें और राजमा, अंडे और मछली (यदि खाते हों)।
विटामिन C वाले फल: विटामिन C आयरन के अवशोषण में मदद करता है। संतरा, नींबू, आंवला, अमरूद और कीवी खाएं।
ओमेगा-3 फैटी एसिड: यह सूजन और पीरियड्स के दर्द को कम करने में मदद कर सकता है। अखरोट, अलसी के बीज, चिया सीड्स और फैटी फिश खाएं।
खूब पानी पिएं: शरीर को हाइड्रेट रखने से ब्लड फ्लो बेहतर रहता है और कमजोरी कम होती है।
मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ: ये मांसपेशियों की ऐंठन कम करने में मदद कर सकते हैं। बादाम, कद्दू के बीज, केला और डार्क चॉकलेट खाएं। 

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर हर महीने भारी मात्रा में ब्लड क्लॉट्स आ रहे हैं या इसके साथ दर्द और कमजोरी बढ़ती जा रही है, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच करवाना जरूरी है। समय पर जांच से हार्मोनल समस्याओं, फाइब्रॉइड्स या अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारणों का पता लगाया जा सकता है और उचित उपचार शुरू किया जा सकता है।


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Content Editor

Monika

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