21 साल की युवती को कभी नहीं आए Periods, पेरेंट्स ने करवाया इलाज तो जांच में सामने आई ये बीमारी

punjabkesari.in Wednesday, Jun 24, 2026 - 12:03 PM (IST)

नारी डेस्क:  एक हैरान कर देने वाले मामले में 21 साल की एक युवती को अब तक कभी भी पीरियड्स शुरू नहीं हुए थे। जैसे-जैसे उसकी शादी की तैयारियां आगे बढ़ रही थीं, परिवार की चिंता बढ़ती गई कि आखिर यह स्थिति सामान्य है या किसी गंभीर समस्या का संकेत। परिजनों ने लंबे समय तक अलग-अलग जगह इलाज भी कराया, जिसमें होम्योपैथी और आयुर्वेदिक उपचार शामिल थे, लेकिन कोई खास सुधार नहीं हुआ।

डॉक्टर के पास पहुंचने पर हुई विस्तृत जांच

जब मामला आगे बढ़ा तो युवती को गाइनेकोलॉजिस्ट के पास लाया गया। यहां उसकी पूरी मेडिकल जांच की गई। शुरुआती जांच में एक बात ध्यान देने योग्य रही कि उसका शारीरिक विकास सामान्य महिलाओं की तरह था और ब्रेस्ट डेवलपमेंट भी सामान्य पाया गया। लेकिन जब अल्ट्रासाउंड (USG) किया गया, तो डॉक्टरों को एक चौंकाने वाली बात पता चली उसमें यूट्रस (गर्भाशय) दिखाई नहीं दिया।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Dr Chandni Sehgal | MBBS, MS (OBGY), FMAS, DMAS, Asso-RCOG (UK) (@busy_birthing)

रिपोर्ट ने खोला असली राज

स्थिति को स्पष्ट करने के लिए कैरियोटाइपिंग टेस्ट किया गया। इस जांच में सामने आया कि युवती में XY क्रोमोसोम पाए गए, जो सामान्यतः पुरुषों में होते हैं। इसी आधार पर डॉक्टरों ने निष्कर्ष निकाला कि यह मामला एंड्रोजन इंसेंसिटिविटी सिंड्रोम (AIS) का है जो एक बेहद दुर्लभ आनुवंशिक स्थिति मानी जाती है।AIS यानी Androgen Insensitivity Syndrome एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में पुरुष हार्मोन (एंड्रोजन) मौजूद होते हैं, लेकिन शरीर उन पर प्रतिक्रिया नहीं करता। इस वजह से व्यक्ति का बाहरी विकास महिला की तरह होता है जैसे सामान्य ब्रेस्ट डेवलपमेंट और महिला जैसी शारीरिक बनावट। लेकिन अंदरूनी प्रजनन अंग जैसे यूट्रस और अंडाशय विकसित नहीं होते। इसी कारण ऐसे मामलों में पीरियड्स कभी शुरू नहीं होते और प्राकृतिक रूप से गर्भधारण संभव नहीं होता।

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MRKH सिंड्रोम से अलग है यह स्थिति

डॉक्टरों के अनुसार AIS को कई बार लोग अन्य स्थितियों से भ्रमित कर लेते हैं, लेकिन यह MRKH सिंड्रोम से पूरी तरह अलग है। दोनों मामलों में कारण और शरीर पर असर अलग-अलग होता है, इसलिए सही जांच बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी लड़की को 15–16 साल की उम्र तक भी पीरियड्स शुरू नहीं होते, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर गाइनेकोलॉजिस्ट से जांच कराने पर हार्मोनल या जेनेटिक कारणों का पता लगाया जा सकता है और सही मार्गदर्शन मिल सकता है।
  
 

 

 


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Content Editor

Priya Yadav

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