भजन करते समय मन में क्यों आते हैं गंदे विचार ?प्रेमानंद जी महाराज ने बताया इसका कारण
punjabkesari.in Friday, Feb 20, 2026 - 09:16 AM (IST)
नारी डेस्क: भजन, जप या पूजा करते समय कई लोगों के मन में अचानक उल्टे-सीधे या नकारात्मक विचार ग्र आने लगते हैं। ऐसे में व्यक्ति घबरा जाता है और सोचता है कि “मेरे मन में ऐसे खयाल क्यों आ रहे हैं?” इस विषय पर संत प्रेमानंद जी महाराज ने बहुत सरल और गहरी बात कही है।
मन का स्वभाव है भटकना
महाराज जी के अनुसार मन का काम ही है इधर-उधर भागना। जब हम भजन करते हैं, तो पहली बार हम मन को रोकने की कोशिश करते हैं। ऐसे में मन विरोध करता है और तरह-तरह के विचार लाने लगता है अच्छे भी, बुरे भी। उनका कहना है कि विचार आना पाप नहीं है, विचारों को पकड़ लेना और उनमें फंस जाना समस्या है।”
क्या करें जब उल्टे खयाल आएं?
यह सोचकर परेशान न हों कि आप गलत हैं। मन में विचार आना स्वाभाविक प्रक्रिया है। अगर आप उन्हें जबरन रोकने की कोशिश करेंगे, तो वे और ज्यादा आएंगे। बस उन्हें आने-जाने दें। जैसे ही ध्यान भटके, धीरे से मन को फिर से भगवान के नाम या मंत्र पर लगा दें। रोज थोड़ा समय भजन के लिए तय करें। धीरे-धीरे मन शांत होना शुरू हो जाता है। सकारात्मक वातावरण मन को शुद्ध और स्थिर बनाने में मदद करता है।
क्यों आते हैं ऐसे विचार?
महाराज जी समझाते हैं कि हमारे मन में वर्षों से जमा संस्कार और यादें होती हैं। जब हम शांत बैठते हैं, तो वही सब ऊपर आने लगता है। इसे मन की सफाई की प्रक्रिया भी कहा जा सकता है। भजन करते समय अगर उल्टे खयाल आएं तो खुद को दोष न दें। यह आध्यात्मिक यात्रा का एक हिस्सा है। धैर्य, अभ्यास और विश्वास से मन धीरे-धीरे स्थिर होने लगता है। भजन में सफलता मन को दबाने से नहीं, उसे प्रेम से समझाने से मिलती है।

