अच्छी नींद है बेहतर सेहत की चाबी, रात को चैन से सोने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके
punjabkesari.in Sunday, Oct 18, 2026 - 12:49 PM (IST)
नारी डेस्क: दिनभर काम करने के बाद हर कोई चाहता है कि रात को अच्छी और सुकून भरी नींद आए, ताकि सुबह उठते ही शरीर में ताजगी महसूस हो। लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, काम का दबाव, घर की जिम्मेदारियां और तनाव के कारण कई लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती। इसका असर अगले दिन के मूड, काम करने की क्षमता और सेहत पर भी पड़ता है। कई बार रातभर बिस्तर पर करवटें बदलने के बाद भी नींद नहीं आती। ऐसे में केवल जल्दी सोने की कोशिश करना काफी नहीं है, बल्कि अपनी दिनचर्या और सोने की आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
सोने के लिए आरामदायक माहौल बनाएं
अच्छी नींद के लिए जरूरी है कि आपका बेडरूम शांत और आरामदायक हो। कमरे में बहुत तेज रोशनी, शोर या ज्यादा गर्मी होने पर नींद बार-बार खुल सकती है। इसलिए सोने के कमरे को जितना हो सके शांत, अंधेरा और आरामदायक रखें। इसके साथ ही गद्दे और तकिए का सही होना भी जरूरी है। बहुत ऊंचा या असुविधाजनक तकिया गर्दन और कंधों में दर्द पैदा कर सकता है। कोशिश करें कि ऐसा तकिया इस्तेमाल करें, जिससे सोते समय गर्दन को सही सहारा मिले। सोने से पहले मोबाइल, टीवी और लैपटॉप का इस्तेमाल भी कम कर दें। स्क्रीन से निकलने वाली रोशनी शरीर की प्राकृतिक नींद की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। खासकर बिस्तर पर लेटकर लंबे समय तक मोबाइल चलाने से नींद आने में देरी हो सकती है।

तनाव कम करने के लिए अपनाएं ये तरीके
कई बार शरीर थका होता है, लेकिन दिमाग में दिनभर की बातें चलती रहती हैं। काम की चिंता, परिवार की जिम्मेदारियां या किसी बात को लेकर बेचैनी नींद में रुकावट बन सकती है। ऐसे में सोने से पहले खुद को थोड़ा समय देना जरूरी है।
हल्का योग और ध्यान करें: कुछ मिनट ध्यान लगाने या धीरे-धीरे सांस लेने से मन शांत करने में मदद मिल सकती है।
गुनगुने पानी से स्नान करें: सोने से पहले गुनगुने पानी से नहाना कुछ लोगों को आराम महसूस करा सकता है।
पैरों की हल्की मालिश करें: दिनभर खड़े रहने या चलने से पैरों में थकान हो तो हल्की मालिश से आराम मिल सकता है।
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अपनी पसंद की किताब पढ़ें: सोने से पहले कुछ देर किताब पढ़ना या धीमा संगीत सुनना मन को शांत करने में मदद कर सकता है।
अगर आप शिफ्ट में काम करते हैं, तो बदलते समय के कारण नींद का रूटीन बिगड़ सकता है। ऐसे में जब भी संभव हो, सोने और जागने का समय नियमित रखने की कोशिश करें।
रात को क्या खाएं और किन चीजों से बचें
आपका खानपान भी नींद पर असर डाल सकता है। रात को बहुत ज्यादा या भारी खाना खाने से पेट में गैस, अपच और एसिडिटी की परेशानी हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि रात का खाना सोने से करीब दो से तीन घंटे पहले खा लें।
सोने से पहले इन बातों का ध्यान रखें
चाय और कॉफी कम करें: इनमें मौजूद कैफीन नींद आने में परेशानी पैदा कर सकता है। खासकर शाम और रात के समय इनका सेवन सीमित रखें।
एनर्जी ड्रिंक से बचें: इनमें कैफीन की मात्रा अधिक हो सकती है, जिससे नींद प्रभावित हो सकती है।
भारी और मसालेदार खाना न खाएं: ज्यादा तला-भुना या मसालेदार भोजन कुछ लोगों में एसिडिटी और बेचैनी बढ़ा सकता है।
दूध अपनी जरूरत के अनुसार पिएं: सोने से पहले गुनगुना दूध कुछ लोगों को आराम दे सकता है, लेकिन अच्छी नींद के लिए दूध पीना जरूरी नहीं है। दूध से एलर्जी या लैक्टोज की परेशानी हो तो इसे न लें।
शराब को नींद का उपाय न समझें: शराब पीने से शुरुआत में नींद जैसा महसूस हो सकता है, लेकिन यह रात में नींद टूटने और उसकी गुणवत्ता खराब होने की वजह बन सकती है।दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और नियमित शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। हालांकि, सोने से ठीक पहले बहुत ज्यादा मेहनत वाला व्यायाम करने से कुछ लोगों को नींद आने में परेशानी हो सकती है।

नींद पूरी न होने से सेहत पर क्या असर पड़ता है
कभी-कभार नींद पूरी न होना आम बात है, लेकिन अगर ऐसा लगातार हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नींद के दौरान शरीर और दिमाग को आराम मिलता है। इस दौरान शरीर की मरम्मत, याददाश्त और कई जरूरी प्रक्रियाओं को सहारा मिलता है।लंबे समय तक नींद की कमी रहने पर कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं दिनभर थकान और सुस्ती महसूस होना। छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन या गुस्सा आना। काम में मन न लगना और ध्यान लगाने में परेशानी होना। सिरदर्द और दिनभर नींद आती रहना। लंबे समय तक नींद की कमी रहने पर मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, टाइप-2 डायबिटीज और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ना। इसलिए अगर आप अक्सर थके हुए उठते हैं या दिनभर नींद आती रहती है, तो अपनी नींद की आदतों पर ध्यान दें।
रोज एक ही समय पर सोने और जागने की आदत डालें
अच्छी नींद के लिए नियमित दिनचर्या बहुत जरूरी है। अगर आप रोज अलग-अलग समय पर सोते और जागते हैं, तो शरीर की प्राकृतिक घड़ी प्रभावित हो सकती है। इससे रात को समय पर नींद आने में परेशानी हो सकती है। ज्यादातर वयस्कों को हर रात करीब सात से नौ घंटे की नींद की जरूरत होती है। हालांकि, नींद की जरूरत उम्र और व्यक्ति की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। बेहतर नींद के लिए रोज एक तय समय पर सोने और सुबह उठने की कोशिश करें। छुट्टी वाले दिन भी समय में बहुत ज्यादा बदलाव न करें। दिन में लंबी झपकी लेने से रात की नींद प्रभावित होती है, इसलिए जरूरत हो तो छोटी झपकी लें। अगर रात को नींद नहीं आ रही है, तो बार-बार घड़ी देखने या जबरदस्ती सोने की कोशिश करने के बजाय कुछ देर शांत गतिविधि करें। नींद आने लगे तो बिस्तर पर लौटें।
खर्राटों और नींद में सांस रुकने को न करें नजरअंदाज
हर बार खर्राटे आना किसी बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन अगर खर्राटे बहुत तेज आते हैं, सोते समय सांस रुकती हुई महसूस होती है या व्यक्ति हांफते हुए उठता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये स्लीप एपनिया नाम की समस्या के संकेत हो सकते हैं। इस स्थिति में रातभर नींद पूरी होने के बावजूद सुबह थकान रह सकती है और दिन में बहुत ज्यादा नींद आ सकती है। ऐसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लें। इसी तरह, अगर कई सप्ताह से नींद आने या रात में बार-बार जागने की परेशानी बनी हुई है और इसका असर आपके रोजमर्रा के काम पर पड़ रहा है, तो चिकित्सक से संपर्क करें। बिना सलाह के नींद की दवा लेना सही नहीं है।
अच्छी नींद के लिए छोटी-छोटी आदतों में करें बदलाव
अच्छी नींद केवल जल्दी बिस्तर पर जाने से नहीं आती। इसके लिए सही खानपान, तनाव कम करना, आरामदायक माहौल और नियमित दिनचर्या भी जरूरी हैं। रोजमर्रा की आदतों में छोटे बदलाव करने से नींद बेहतर हो सकती है और सुबह उठने पर ज्यादा ताजगी महसूस हो सकती है।
अगर पर्याप्त समय सोने के बाद भी थकान बनी रहती है या नींद की समस्या लगातार परेशान कर रही है, तो इसे सिर्फ तनाव समझकर टालें नहीं। सही कारण जानने और उचित सलाह लेने से सेहत का बेहतर ख्याल रखा जा सकता है।

