गले में जमा रहता है कफ? इन आसान घरेलू उपायों से मिलेगी राहत
punjabkesari.in Sunday, Oct 11, 2026 - 03:59 PM (IST)
नारी डेस्क: कई बार गले में बार-बार कुछ अटका हुआ महसूस होता है। खांसने और गला साफ करने के बाद भी राहत नहीं मिलती। कभी गले में खराश होने लगती है, तो कभी बलगम की वजह से बोलने में परेशानी होती है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो इसकी वजह गले में कफ जमा होना हो सकती है। गले में कफ जमा होने के पीछे सर्दी-जुकाम, एलर्जी, सांस की नली में संक्रमण या नाक से बलगम का गले की तरफ आना जैसी वजहें हो सकती हैं। कुछ लोगों को सुबह उठते ही गले में ज्यादा बलगम महसूस होता है। ऐसे में बार-बार खांसने या जोर लगाकर गला साफ करने के बजाय कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं। इससे गले को आराम मिल सकता है और बलगम को पतला होकर बाहर निकलने में मदद मिलती है।
गुनगुना पानी पीते रहें
गले में कफ जमा होने पर शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से बलगम पतला रखने में मदद मिल सकती है, जिससे उसे बाहर निकालना आसान होता है। आप चाहें तो गुनगुना पानी, हल्का गर्म सूप या अन्य गुनगुने तरल पदार्थ ले सकते हैं। इनसे गले में होने वाली खराश और सूखेपन से भी कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, बहुत गर्म पानी पीने से बचें, क्योंकि इससे मुंह और गले में जलन हो सकती है।

नमक वाले गुनगुने पानी से करें गरारे
अगर गले में कफ के साथ खराश या जलन भी है, तो नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे करना फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए एक गिलास गुनगुने पानी में थोड़ा नमक मिलाएं और उससे गरारे करें। इसके बाद पानी को थूक दें, उसे निगलें नहीं। इससे गले की परेशानी और खराश में कुछ आराम मिल सकता है। ध्यान रखें कि छोटे बच्चों को गरारे तभी करवाएं, जब वे सुरक्षित तरीके से ऐसा कर सकें।
कमरे की हवा में नमी बनाए रखें
सूखी हवा गले में जलन और खांसी की परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में साफ ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करके कमरे की हवा में नमी बनाए रखना कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकता है। अगर नाक बंद होने के साथ गले में भी कफ जमा है, तो हवा में उचित नमी से आराम मिल सकता है। हालांकि, ह्यूमिडिफायर को नियमित रूप से साफ करना जरूरी है, ताकि उसमें फफूंद और कीटाणु न पनपें। ध्यान रखें: उबलते पानी के बर्तन के ऊपर झुककर भाप न लें। इससे चेहरा और सांस की नली जलने का खतरा रहता है।
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खांसी होने पर शहद से मिल सकती है राहत
अगर गले में कफ के साथ खांसी भी हो रही है, तो शहद खांसी को शांत करने में मदद कर सकता है। एक साल से बड़े बच्चों और वयस्कों को थोड़ी मात्रा में शहद दिया जा सकता है। लेकिन एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद बिल्कुल न दें, क्योंकि इससे गंभीर संक्रमण का खतरा हो सकता है। यह भी समझना जरूरी है कि शहद खांसी में राहत दे सकता है, लेकिन कफ जमा होने की हर वजह का इलाज नहीं है।

धुएं और धूल से बनाएं दूरी
धूम्रपान, सिगरेट का धुआं, धूल और तेज गंध वाली चीजें गले और सांस की नलियों में जलन बढ़ा सकती हैं। इससे खांसी और बलगम की परेशानी भी बढ़ सकती है। अगर आपको बार-बार गले में कफ जमा होने की समस्या रहती है, तो धूम्रपान से दूर रहें और धूल-धुएं से बचने की कोशिश करें। एलर्जी की वजह से परेशानी होने पर उसके कारणों को पहचानना भी जरूरी है।
बार-बार जोर लगाकर गला साफ न करें
गले में कुछ अटका हुआ महसूस होने पर कई लोग बार-बार जोर से खांसकर या गला साफ करके बलगम निकालने की कोशिश करते हैं। लेकिन ऐसा लगातार करने से गले में जलन बढ़ सकती है। इसके बजाय थोड़ा पानी पिएं, आराम से निगलने की कोशिश करें और जरूरत पड़ने पर हल्की खांसी आने दें। अगर गले में कुछ फंसा होने का एहसास लगातार बना रहता है, तो इसकी वजह जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
गले में कफ जमा होने पर डॉक्टर को कब दिखाएं
ज्यादातर मामलों में सर्दी-जुकाम या हल्की जलन के कारण होने वाला कफ कुछ समय में ठीक हो सकता है। लेकिन कुछ लक्षण ऐसे हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सांस लेने में परेशानी: अगर सांस फूल रही है या सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
सीने में दर्द: कफ के साथ सीने में दर्द होने पर जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।
बलगम में खून: बलगम में खून दिखाई देने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
तेज बुखार: बुखार के साथ खांसी या बलगम बढ़ रहा हो, तो डॉक्टर को दिखाएं।
लगातार बनी रहने वाली समस्या: खांसी बढ़ती जाए, कई दिनों तक आराम न मिले या परेशानी बार-बार हो, तो जांच करवाएं।
निगलने में परेशानी: अगर पानी या खाना निगलने में कठिनाई हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें।
अगर सांस लेने में गंभीर परेशानी हो या व्यक्ति अपना थूक भी न निगल पा रहा हो, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं न लें
गले में कफ जमा होने पर हर बार एंटीबायोटिक लेने की जरूरत नहीं होती। सर्दी-जुकाम के कई मामले वायरस के कारण होते हैं, जिनमें एंटीबायोटिक काम नहीं करतीं। इसी तरह, कफ निकालने वाली दवा भी हर व्यक्ति के लिए जरूरी या उपयुक्त नहीं होती। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से अस्थमा या सांस की बीमारी से परेशान लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। अगर लक्षण लगातार बने हुए हैं, तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।
याद रखें: गले में कफ जमा होने पर पर्याप्त पानी पीना, नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे करना और धूल-धुएं से बचना राहत दे सकता है। लेकिन अगर समस्या बार-बार हो रही है या इसके साथ गंभीर लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें।

