पीरियड्स के कितने दिन बाद सबसे ज्यादा होते हैं प्रेग्नेंसी के चांस?

punjabkesari.in Sunday, Jan 25, 2026 - 03:44 PM (IST)

नारी डेस्क: अगर आप प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं, तो आपके मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि पीरियड्स के कितने दिन बाद मां बनने के चांस सबसे ज्यादा होते हैं। इसको लेकर ज्यादातर महिलाएं कंफ्यूज रहती हैं, क्योंकि हर महिला का पीरियड साइकल अलग होता है। लेकिन अगर आप अपने शरीर के नेचुरल साइकल को समझ लें, तो यह कंफ्यूजन काफी हद तक दूर हो सकता है।

क्या होती है फर्टाइल विंडो?

फर्टाइल विंडो वह समय होता है, जब महिला के प्रेग्नेंट होने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। इसमें ओव्यूलेशन से पहले के 5 दिन और ओव्यूलेशन का दिन शामिल होता है। ओव्यूलेशन वह प्रक्रिया है, जब ओवरी से एक अंडा रिलीज होता है, जिसे स्पर्म फर्टिलाइज कर सकता है। आमतौर पर ओव्यूलेशन अगले पीरियड से लगभग 14 दिन पहले होता है।

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पीरियड्स के कितने दिन बाद प्रेग्नेंसी के चांस ज्यादा होते हैं?

अगर आपका पीरियड साइकल 28 दिन का रेगुलर है, तो पीरियड खत्म होने के बाद 8वें दिन से 14वें दिन तक प्रेग्नेंसी के चांस बढ़ने लगते हैं 12वें से 14वें दिन के बीच सबसे ज्यादा चांस होते हैं इसका कारण यह है कि स्पर्म महिला के शरीर में 3 से 5 दिन तक जीवित रह सकते हैं। जबकि अंडा ओव्यूलेशन के बाद केवल 12 से 24 घंटे ही जिंदा रहता है इसीलिए ओव्यूलेशन से पहले के दिन सबसे ज्यादा अहम माने जाते हैं।

ओव्यूलेशन को कैसे पहचानें?

हर महिला में ओव्यूलेशन के संकेत थोड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं

सर्वाइकल म्यूकस में बदलाव – डिस्चार्ज साफ, चिपचिपा और स्ट्रेची हो जाता है

हल्का पेट दर्द – निचले पेट में हल्की चुभन या खिंचाव

बॉडी टेम्परेचर में बदलाव – ओव्यूलेशन के बाद शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ जाता है

मूड और एनर्जी में बदलाव – खुद को ज्यादा एक्टिव और पॉजिटिव महसूस करना

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अगर पीरियड साइकल अनियमित हो तो क्या करें?

जिन महिलाओं का पीरियड रेगुलर नहीं होता, उनके लिए ओव्यूलेशन पहचानना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। ऐसे में ये तरीके मददगार हो सकते हैं

ओव्यूलेशन किट का इस्तेमा

रोजाना बेसल बॉडी टेम्परेचर ट्रैक करना

सर्वाइकल म्यूकस पर ध्यान देना

इन तरीकों से फर्टाइल दिनों का अंदाजा लगाया जा सकता है।

जरूरी बात जो ध्यान में रखें

फर्टिलिटी कैलेंडर या ऐप सिर्फ अनुमान देते हैं।

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इन वजहों से ओव्यूलेशन आगे-पीछे हो सकता है। इसलिए सबसे जरूरी है कि आप अपने शरीर के संकेतों को समझें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।  


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Content Editor

Priya Yadav

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