मामूली लगने वाला पीठ दर्द भी है Lung Cancer का इशारा, इसे ना करना इग्नोर
punjabkesari.in Saturday, Feb 28, 2026 - 11:36 AM (IST)
नारी डेस्क: पीठ दर्द (Back Pain) एक बहुत आम समस्या है। ज्यादातर मामलों में यह मांसपेशियों में खिंचाव, गलत बैठने की आदत, या लंबे समय तक काम करने से होता है। लंबे समय तक डेस्क पर बैठे रहने और मोबाइल डिवाइस पर लगातार स्क्रॉल करने से लोगों की रीढ़ की हड्डी की हेल्थ पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। गलत पोस्चर, कम फिजिकल एक्टिविटी, मसल्स में खिंचाव, मोटापा और यहां तक कि स्ट्रेस भी पीठ में दर्द या अकड़न की वजह बन सकते हैं। लेकिन कुछ दुर्लभ मामलों में, लगातार और असामान्य पीठ दर्द गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है जैसे फेफड़ों का कैंसर।

फेफड़ों का कैंसर और रीढ़ की हड्डी का संबंध
जब फेफड़ों में कैंसर होता है, तो शुरुआती लक्षण खांसी, सांस लेने में दिक्कत या सीने में दर्द हो सकते हैं। लेकिन अगर कैंसर की कोशिकाएं फैलकर (मेटास्टेसिस) रीढ़ की हड्डी तक पहुंच जाएं, तो पीठ दर्द शुरू हो सकता है। हर पीठ दर्द कैंसर नहीं होता, लेकिन लगातार और बढ़ता हुआ दर्द नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इन लक्षणों पर ध्यान दें
अगर पीठ दर्द के साथ ये लक्षण भी हों, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें:
-दर्द जो आराम करने पर भी कम न हो
-रात में दर्द ज्यादा बढ़ जाना
-बिना कारण वजन कम होना
-लगातार खांसी या खून वाली खांसी
- पैरों में कमजोरी या सुन्नपन
-शाब या मल पर नियंत्रण में समस्या
ये संकेत हो सकते हैं कि बीमारी रीढ़ की हड्डी पर दबाव डाल रही है।

क्यों होता है ऐसा दर्द?
जब कैंसर कोशिकाएं हड्डियों में फैलती हैं तो हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, नसों पर दबाव पड़ता है, सूजन और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। इससे गहरा, लगातार और चुभने वाला दर्द महसूस हो सकता है। अगर पीठ दर्द 2–3 हफ्तों से ज्यादा समय तक बना रहे, दवाइयों से आराम न मिले, और ऊपर बताए गए लक्षण हों, तो एक्स-रे, एमआरआई या अन्य जांच की जरूरत पड़ सकती है।
समय पर जांच जरूरी
अधिकतर पीठ दर्द सामान्य कारणों से होता है, लेकिन अगर दर्द असामान्य हो, लगातार बढ़े या अन्य लक्षणों के साथ आए, तो इसे हल्के में न लें। शरीर छोटे संकेत देता है, उन्हें समय पर समझना ही बड़ी बीमारी से बचाव का पहला कदम है। समय पर जांच और इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

