T-Shirt पर अल्लाह लिखे होने पर अर्जुन बिजलानी की पत्नी विवादों में, अब एक्टर ने मांगी माफी
punjabkesari.in Wednesday, Oct 14, 2026 - 07:00 PM (IST)
नारी डेस्क: एक्टर अर्जुन बिजलानी और उनकी पत्नी नेहा स्वामी बिजलानी ने हाल ही में नेहा द्वारा पहनी गई एक टी-शर्ट को लेकर मचे हंगामे पर माफी मांगी है। हाल ही में नेहा ने एक टी-शर्ट पहनी थी, जिस पर उर्दू में कुछ लिखा था और उसमें पैगंबर मोहम्मद का ज़िक्र था। इसे लेकर काफी हंगामा हुआ। बुधवार को इस कपल ने अपने इंस्टाग्राम पर एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया और कहा कि उन्हें टी-शर्ट पर लिखे टेक्स्ट का मतलब नहीं पता था।

पोस्ट में लिखा- "हम नेहा स्वामी बिजलानी और उस टी-शर्ट के बारे में चल रही स्थिति पर बात करना चाहते हैं जिसे उन्होंने हाल ही में पहना था; उस टी-शर्ट पर उर्दू में पैगंबर के बारे में कुछ शब्द लिखे थे। जब नेहा ने वह टी-शर्ट पहनी थी, तो उन्हें उस पर लिखी बातों का मतलब और महत्व बिल्कुल नहीं पता था। किसी भी व्यक्ति या समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, अनादर करने या नाराज़ करने का हमारा कोई इरादा नहीं था। हम सभी धर्मों, आस्थाओं और विश्वासों का दिल से सम्मान करते हैं और कभी भी जानबूझकर ऐसा कुछ नहीं करेंगे जिससे दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुंचे। हम समझते हैं कि धार्मिक महत्व के मामलों पर लोगों की भावनाएं गहरी हो सकती हैं, लेकिन नेहा को ट्रोल करना, अपशब्द कहना, बुरा-भला कहना और धमकियां देना बहुत दुखद और अस्वीकार्य है।"
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें ऑनलाइन दुर्व्यवहार और धमकियों का सामना करना पड़ा है और उन्होंने अपील की है कि लोग समझदारी से काम लें। उन्होंने आगे कहा- "जानकारी की कमी से पैदा हुई स्थिति किसी व्यक्ति को ऑनलाइन परेशान करने या धमकाने का कारण नहीं बननी चाहिए। यह टी-शर्ट बैंकॉक के एक मॉल में एक फैन ने उन्हें गिफ्ट की थी और हमें उस पर लिखी बातों का मतलब नहीं पता था; हम सभी त्योहार मनाते हैं और कभी भी किसी की भावनाओं को किसी भी तरह से ठेस नहीं पहुंचाएंगे।जो कुछ भी अनजाने में हुआ, उसके लिए हमें खेद है और भविष्य में हमें मिले तोहफ़ों को लेकर हम हमेशा सावधान रहेंगे। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि वे इस मामले को समझदारी, संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ देखें और नफ़रत फैलाने या नेहा और उनके परिवार को निशाना बनाने से बचें। हमारा मानना है कि गाली-गलौज और डराने-धमकाने के बजाय आपसी सम्मान और बातचीत कहीं ज़्यादा बेहतर और सकारात्मक होती है। हमें उम्मीद है कि इस स्पष्टीकरण से मामले को सही परिप्रेक्ष्य में समझने में मदद मिलेगी,”

