हफ्ते में सिर्फ 2 बार लगाएं ये देसी उबटन, चेहरे पर आएगा नेचुरल रोज़ी ग्लो
punjabkesari.in Saturday, Jul 11, 2026 - 03:17 PM (IST)
नारी डेस्क : बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन बढ़ी हुई नमी और उमस त्वचा की कई समस्याएं भी साथ लेकर आती है। इस मौसम में त्वचा पर अतिरिक्त तेल, चिपचिपाहट, पिंपल्स, ब्लैकहेड्स और बेजानपन की समस्या आम हो जाती है। ऐसे में कई लोग महंगे फेशियल या केमिकल युक्त स्किन केयर प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं। अगर आप भी प्राकृतिक तरीके से त्वचा की देखभाल करना चाहते हैं, तो घर में मौजूद कुछ सामान्य सामग्री से बना देसी उबटन आपकी मदद कर सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।
देसी उबटन बनाने के लिए सामग्री
2 चम्मच बेसन
1 चम्मच चंदन पाउडर
1 चम्मच मसूर दाल का पाउडर
1–2 चम्मच कच्चा दूध (ड्राई स्किन) या दही (ऑयली स्किन)
जरूरत अनुसार गुलाब जल
एक चुटकी कस्तूरी हल्दी

उबटन बनाने का तरीका
एक साफ कटोरी में बेसन, चंदन पाउडर, मसूर दाल का पाउडर और कस्तूरी हल्दी अच्छी तरह मिला लें। अब इसमें अपनी स्किन टाइप के अनुसार कच्चा दूध या दही डालें और गुलाब जल मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें।
लगाने का सही तरीका
सबसे पहले चेहरे को माइल्ड फेसवॉश से साफ करें। इसके बाद तैयार उबटन को चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं। आंखों और होंठों के आसपास के हिस्से से बचें। इसे लगभग 10–15 मिनट तक लगा रहने दें। जब उबटन हल्का सूख जाए, तो पानी या गुलाब जल की मदद से हल्के हाथों से गोलाकार (Circular Motion) में मसाज करते हुए साफ करें। आखिर में सामान्य पानी से चेहरा धोकर मॉइस्चराइजर या एलोवेरा जेल लगा लें।
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इस उबटन के संभावित फायदे
अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने में मदद
बेसन त्वचा पर मौजूद अतिरिक्त तेल और गंदगी को साफ करने में मदद करता है, जिससे चेहरा ताजा महसूस हो सकता है।
त्वचा की सफाई और एक्सफोलिएशन
मसूर दाल का पाउडर एक प्राकृतिक स्क्रब की तरह काम करता है, जो डेड स्किन सेल्स हटाने में मदद कर सकता है।

त्वचा को ठंडक और ताजगी
चंदन पाउडर और गुलाब जल त्वचा को ठंडक पहुंचाने और ताजगी का एहसास देने में सहायक हो सकते हैं।
पिंपल्स के जोखिम को कम करने में सहायक
कस्तूरी हल्दी में मौजूद प्राकृतिक गुण त्वचा को साफ रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, यह पिंपल्स का इलाज नहीं है।
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उबटन लगाते समय रखें ये सावधानियां
पहले हाथ की त्वचा पर पैच टेस्ट करें।
यदि त्वचा पर जलन, खुजली या लालिमा हो तो तुरंत उपयोग बंद कर दें।
उबटन लगाने के बाद धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं।
यदि आपको एक्जिमा, गंभीर मुंहासे या किसी प्रकार की स्किन एलर्जी है, तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह के बिना इसका इस्तेमाल न करें।

कितनी बार करें इस्तेमाल?
सामान्य त्वचा वाले लोग इस उबटन का इस्तेमाल हफ्ते में 1–2 बार कर सकते हैं। जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएशन त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। यह देसी उबटन त्वचा की सफाई, अधिक तेल कम करने और त्वचा को ताजगी देने में मददगार हो सकता है। हालांकि, "पहली बार में ही रोज़ी ग्लो" या "परमानेंट इलाज" जैसे दावों के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। बेहतर परिणाम के लिए नियमित स्किन केयर, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और धूप से बचाव भी उतना ही जरूरी है।

