बेटे की आखिरी इच्छा पूरी करेंगे अनिल अग्रवाल, संपत्ति का आधे से ज्यादा हिस्सा करेंगे दान
punjabkesari.in Thursday, Jan 08, 2026 - 06:27 PM (IST)
नारी डेस्क : वेदांता समूह के चेयरमैन और देश के जाने-माने उद्योगपति अनिल अग्रवाल इस समय अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। अमेरिका में उनके बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया है। इस गहरे दुख के बीच अनिल अग्रवाल ने एक बड़ा और भावुक फैसला लिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि वह अपनी 75 प्रतिशत से अधिक संपत्ति समाज के नाम दान करेंगे।
बेटे की मौत ने झकझोर दिया परिवार
49 वर्षीय अग्निवेश अग्रवाल का निधन अमेरिका के न्यूयॉर्क में हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ समय पहले वह स्कीइंग के दौरान घायल हो गए थे। इलाज के दौरान न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई हॉस्पिटल में उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उनकी मौत हो गई। परिवार को उम्मीद थी कि अग्निवेश जल्द ठीक हो जाएंगे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

बेटे से किया वादा निभाएंगे अनिल अग्रवाल
अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि उन्होंने यह वादा अपने बेटे से किया था कि उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा समाज के काम आएगा। उन्होंने लिखा कि बेटे के जाने के बाद यह संकल्प और भी मजबूत हो गया है। अब उनकी बाकी जिंदगी इसी उद्देश्य को पूरा करने में लगेगी।
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75% संपत्ति समाज के नाम
अनिल अग्रवाल और उनके परिवार की कुल नेटवर्थ करीब 4.2 अरब डॉलर, यानी भारतीय रुपये में लगभग 35,000 करोड़ रुपये है। इस संपत्ति का 75 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा वे शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और गरीबों के कल्याण में दान करेंगे।
‘बेटे के बिना जिंदगी अधूरी है’
अनिल अग्रवाल ने कहा, मेरे लिए वह सिर्फ मेरा बेटा नहीं था, वह मेरा दोस्त, मेरा गर्व और मेरी पूरी दुनिया था। बेटे के बिना जिंदगी अधूरी है, लेकिन उसके सपने अधूरे नहीं रहेंगे। उन्होंने बताया कि उनका और उनके बेटे का सपना एक जैसा था। भारत आत्मनिर्भर बने, कोई बच्चा भूखा न सोए, हर बच्चे को शिक्षा मिले, महिलाएं सशक्त बनें
और युवाओं को रोजगार मिले।

अग्निवेश अग्रवाल की पढ़ाई और करियर
अग्निवेश अग्रवाल का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उन्होंने मेयो कॉलेज से पढ़ाई की और इसके बाद मेटल्स बिज़नेस में कदम रखा। उन्होंने Fujairah Gold जैसी सफल कंपनी खड़ी की और बाद में Hindustan Zinc के चेयरमैन भी बने। कम उम्र में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी। अनिल अग्रवाल ने कहा कि वह और उनकी पत्नी किरण अग्रवाल इस अपार दुख को सहने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह नुकसान कभी पूरा नहीं हो सकता, लेकिन हम उसके सपनों को जिंदा रखेंगे।

