डरा रहा धारी देवी मंदिर का नया वीडियो, इस मंदिर की मूर्ति हटाने से ही 2013 में आई थी प्रलय
punjabkesari.in Friday, Aug 29, 2025 - 03:52 PM (IST)

नारी डेस्क: उत्तराखंड में बदरीनाथ केदारनाथ राजमार्ग पर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ धारी देवी मंदिर के नीचे श्रीनगर बांध का पानी तेजी से बढ़ रहा है और मंदिर प्रांगण से महज एकाध फुट नीचे तक अलकनंदा का पानी पहुंच गया है। आधिकारिक सूचना के अनुसार चमोली तथा रुद्रप्रयाग के कई हिस्सों में हो रही भारी बारिश तथा बादल फटने की घटनाओं के कारण मंदाकिनी तथा अलकनंदा का पानी तेजी से बढ़ रहा है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग सात के नजदीक स्थित धारी देवी मंदिर को अलकनंदा नदी का पानी छूने लगा है।
#WATCH | Rudraprayag District Administration informed that due to the cloudburst incident in Badeth Dungar Tok area of Tehsil Basukedaar of Rudraprayag district, information has been received about damage in some areas due to debris. Relief and rescue operations are being… pic.twitter.com/CJ8nkprjJS
— ANI (@ANI) August 29, 2025
मंदिर की तरफ तेजी से बढ़ रहा है पानी
मंदिर से नदी का पानी कुछ ही फुट नीचे बह रहा है। धारीदेवी मंदिर झील के ऊपर है जहां सामान्य दिनों में श्रद्धालु पुल से पहुंचकर माता के दर्शन करने जाते हैं। बांध बनाते समय नदी में पिलर डालकर माता के मंदिर को ज्यों का त्यों माता की प्राचीन पीठ पर ही स्थापित किया गया था। अलकनंदा का पानी मंदिर को जाने वाले पुल तथा मंदिर प्रांगण की तरफ तेजी से चढ़ रहा है। सूचना के अनुसार सिरोबगड़ के पास की झील का पानी अब सड़क पर बहने लगा है और सड़क लगभग झील बन गई है।
धारी देवी की कृपा से चार धाम यात्रा होती है पूरी
धारी देवी उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति पीठ और धार्मिक स्थल है, जो श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के बीच अलकनंदा नदी के तट पर स्थित है। यह मंदिर अपनी रहस्यमयी और चमत्कारी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध है और इसे उत्तराखंड की संरक्षक देवी माना जाता है। धारी देवी को चार धामों (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, और यमुनोत्री) की रक्षक के रूप में भी पूजा जाता है। मान्यता है कि माता सती का शरीर का एक हिस्सा यहां गिरा था, जिसके कारण यह स्थान पवित्र हो गया। स्थानीय लोग और श्रद्धालु मानते हैं कि धारी देवी उत्तराखंड की रक्षा करती हैं। उनकी कृपा के बिना चार धाम यात्रा पूरी नहीं हो सकती।

प्राकृतिक आपदा से मंदिर का संबंध
धारी देवी की मूर्ति के बारे में कहा जाता है कि यह दिन में तीन बार अपना स्वरूप बदलती है। सुबह यह कन्या , दोपहर में युवती, और शाम को वृद्ध महिला के रूप में दिखाई देती है। यह चमत्कार मंदिर की प्रसिद्धि का प्रमुख कारण है। 2013 में उत्तराखंड में आई भीषण बाढ़ को धारी देवी के क्रोध से जोड़ा जाता है। 16 जून 2013 को मंदिर की मूल मूर्ति को एक जलविद्युत परियोजना के लिए इसके मूल स्थान से हटाकर ऊंचाई पर स्थानांतरित किया गया था। उसी दिन शाम को केदारनाथ और आसपास के क्षेत्रों में विनाशकारी बाढ़ आई, जिसमें हजारों लोगों की जान गई। यह माना जाता है कि धारी देवी की कृपा से ही चार धाम यात्रा सफल होती है। उनकी अनुमति के बिना कोई भी इस क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।