हिंदुओं का नया साल इस दिन से हाे रहा है शुरु, यह साल रह सकता है भारी !
punjabkesari.in Thursday, Mar 05, 2026 - 05:30 PM (IST)
नारी डेस्क: भारतीय पंचांग के अनुसार हिंदू नव वर्ष की शुरुआत चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। इसी दिन से विक्रम संवत का नया साल शुरू माना जाता है। साल 2026 में हिंदू नव वर्ष 19 मार्च 2026 से शुरू होगा। इस दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे अलग नामों से मनाया जाता है, जैसे गुड़ी पड़वा, उगादी और चैत्र नवरात्रि की शुरुआत भी इसी दिन से होती है।

क्या होता है ‘राजा’ और ‘गुरु’ का अर्थ?
ज्योतिष शास्त्र में हर हिंदू नव वर्ष में ग्रहों के आधार परराजा (शासन करने वाला ग्रह) और गुरु या मंत्री का निर्धारण किया जाता है। इन ग्रहों के प्रभाव से पूरे साल के सामाजिक, आर्थिक और प्राकृतिक संकेत बताए जाते हैं। वार का स्वामी ही वर्ष का राजा होता है, ऐसे में गुरुवार से शुरू होने के कारण इस संवत के राजा भी देवगुरु बृहस्पति होंगे। वहीं हिंदू नववर्ष के मंत्री मंगल ग्रह होंगे।
भारी रहेगा ये साल
संवत की गणना के अनुसार, इस साल सरकार कुछ ऐसा फैसले ले सकती है कि जिससे जनता में व्याकुलता बढ़ेगी। विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों में वाद विवाद और विरोध होने की संभावनाएं हैं। इसके अलावा इस साल आगजनी, दुर्घटनाओं और प्राकृतिक समस्याओं की घटनाएं बढ़ सकती हैं। बारिश कम होने की वजह से फसलों पर असर पड़ सकता है, जिससे महंगाई भी बढ़ने की संभावना है। यानि कुल मिलाकर रौद्र नाम का यह संवत चुनौतियां पैदा करने वाला साबित हो सकता है।

हिंदू नव वर्ष का महत्व
हिंदू धर्म में यह दिन बेहद शुभ माना जाता है। लोग इस दिन घर की साफ-सफाई करते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और नए काम की शुरुआत को शुभ मानते हैं। कई जगहों पर लोग इस दिन नए कपड़े पहनते हैं और भगवान की पूजा करके साल की अच्छी शुरुआत की कामना करते हैं। साल 2026 में हिंदू नव वर्ष 19 मार्च से शुरू होगा और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राजा गुरु होने से यह वर्ष शिक्षा, धर्म और सामाजिक संतुलन के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।

