कई देशों में चुपचाप फैल गया कोविड का नया वेरिएंट, क्या इससे सिर्फ बच्चों को ही खतरा?

punjabkesari.in Thursday, Apr 16, 2026 - 04:03 PM (IST)

नारी डेस्क:  अब तक इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि COVID वायरस लगातार म्यूटेट हो रहा है, और इसके नए स्ट्रेन सामने आते रहते हैं। इनमें से सबसे नया स्ट्रेन तो 2024 में पहली बार सामने आने के बाद अब एक बार फिर से वापस आ गया है। COVID के इस नए वेरिएंट, Cicada की दाेबारा वापसी हो गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि Covid-19 फैलाने वाले वायरस का एक ऐसा वैरिएंट, जिसमें बहुत ज़्यादा म्यूटेशन हुआ है, मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करता दिख रहा है। हालांकि, यह बच्चों या बड़ों, किसी में भी ज़्यादा गंभीर बीमारी पैदा नहीं कर रहा है।

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2024 में सामने आया था ये वायरस

U.S. Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के अनुसार, BA.3.2, जिसे सिकाडा (Cicada) नाम दिया गया है, सबसे पहले 2024 के आखिर में दक्षिण अफ्रीका में लोगों को संक्रमित करना शुरू हुआ था। इसे दूसरे वेरिएंट्स ने पीछे छोड़ दिया था लेकिन लगभग एक साल बाद यह फिर से सामने आया और U.S. में संक्रमण फैलाने लगा। इसे सिकाडा वेरिएंट  इसलिए दिया गया, क्योंकि यह उस शोर मचाने वाले कीड़े की तरह ही सालों तक किसी की नजर में आए बिना अचानक बड़ी संख्या में सामने आया।  U.S. में अभी सिकाडा बड़ी संख्या में नए संक्रमणों के लिए ज़िम्मेदार नहीं है, हालांकि हाल के महीनों में यूरोप में COVID के लगभग 30% संक्रमणों के पीछे इसी का हाथ रहा है।


सभी वायरस के हैं एक जैसे लक्षण

फ़िलहाल इस बात का कोई सबूत नहीं है कि सिकाडा लोगों को वायरस के बाकी के वेरिएंट की तुलना में ज़्यादा बीमार बनाता है। ज़्यादातर वायरसों के लक्षण इतने मिलते-जुलते होते हैं  जैसे नाक बहना, खांसी, मांसपेशियों में दर्द, बुखार  कि डॉक्टर कहते हैं कि बिना टेस्ट के आप सच में यह पता नहीं लगा सकते कि आपको क्या हुआ है। बताया जा रहा है कि दवाई कंपनियां सिकाडा को ध्यान में रखकर नई वैक्सीन को तभी तैयार करेंगी अगर मामलों की संख्या और गंभीरता तेज़ी से बढ़ती है। 

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घबराने की जरुरत नहीं 

 पुरानी वैक्सीनेशन ही इस नये वेरिएंट के खिलाफ पर्याप्त सुरक्षा प्रदान कर रही है। हाई रिस्क ग्रुप के लोगों में बूस्टर डोज की आवश्यक हो सकती है, ताकि गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की नौबत ना आ सके। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा प्रतीत नहीं होता कि “सिकाडा” स्ट्रेन अधिक गंभीर बीमारी या उच्च मृत्यु दर का कारण बनता है। अधिकतर मामले हल्के और मामूली देखे जा रहे हैं और इनके खिलाफ वैक्सीन प्रभावी साबित हो रही है। हालांकि सावधानी, एहतियात और संक्रमण पर निगरानी रखना जरूरी है।


बच्चों को वायरल से बचाने के आसान टिप्स

बच्चों में हाथ धोने की आदत डालें। उन्हें समझाएं कि बाहर से आने के बाद, खाने से पहले,साबुन से 20 सेकंड तक हाथ धोना जरूरी है। उनकी डाइट में फल (संतरा, सेब, केला), हरी सब्जियां, दाल, दूध, अंडा जरूर शामिल करें। इससे शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ती है। अगर घर में कोई बीमार है, तो बच्चे को उससे दूर रखें, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचाएं। सबसे जरूरी बात उनके आस-पास साफ- सफाई का जरूर ध्यान रखें।


 


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Content Writer

vasudha

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