Navratri में जरूर करें माता के इन 9 मंदिरों के दर्शन, पूरी होगी हर मनोकामना

punjabkesari.in Friday, Mar 20, 2026 - 12:17 PM (IST)

नारी डेस्क: भारत को आस्था और अध्यात्म की भूमि कहा जाता है, जहां हर कोने में भक्ति की अद्भुत ऊर्जा महसूस होती है। खासकर Chaitra Navratri के दौरान देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है। यह पर्व मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा का प्रतीक है, जिसमें भक्त पूरे मन से मां का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं। अगर आप इस नवरात्रि कुछ खास और आध्यात्मिक अनुभव करना चाहते हैं, तो देश के इन प्रसिद्ध देवी मंदिरों के दर्शन जरूर करें।

वैष्णो देवी मंदिर, कटरा Vaishno Devi Temple

कटरा की पहाड़ियों में स्थित Vaishno Devi Temple भारत के सबसे लोकप्रिय और पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। यहां पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 13 किलोमीटर की चढ़ाई करनी पड़ती है, जो न सिर्फ शारीरिक बल्कि एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव भी होती है। मान्यता है कि सच्चे मन से माता के दरबार में आने वाले हर भक्त की मनोकामना जरूर पूरी होती है, इसलिए हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

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करणी माता मंदिर, राजस्थान

राजस्थान के देशनोक में स्थित Karni Mata Temple अपनी अनोखी परंपरा के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में हजारों चूहे रहते हैं, जिन्हें श्रद्धालु देवी का स्वरूप मानते हैं। भक्त नंगे पांव इन चूहों के बीच से गुजरते हैं और इसे शुभ माना जाता है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।

कामाख्या मंदिर, गुवाहाटी

गुवाहाटी की नीलांचल पहाड़ी पर स्थित Kamakhya Temple शक्ति उपासना का एक प्रमुख और प्राचीन केंद्र है। यह मंदिर देवी के स्त्रीत्व और सृजन शक्ति का प्रतीक माना जाता है, जहां विशेष रूप से शक्ति की आराधना की जाती है। यहां हर साल अंबुबाची मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, क्योंकि इस समय देवी के मातृत्व स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व होता है।

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ज्वाला देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश

इस मंदिर में कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि यहां सदियों से जलती हुई ज्योतियां ही देवी का स्वरूप मानी जाती हैं।हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में स्थित Jwala Devi Temple एक अनोखा और अत्यंत पवित्र शक्ति स्थल है। इस मंदिर में देवी की कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि यहां सदियों से जल रही प्राकृतिक ज्योतियों को ही माता का स्वरूप माना जाता है। इन अखंड ज्वालाओं के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं और मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना जरूर पूरी होती है।

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मनसा देवी मंदिर, हरिद्वार

हरिद्वार की शिवालिक पहाड़ियों पर स्थित Mansa Devi Temple श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर मनोकामनाएं पूरी करने के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जहां भक्त देवी के दरबार में धागा बांधकर अपनी इच्छाएं मांगते हैं। मान्यता है कि जब मनोकामना पूरी हो जाती है, तो भक्त दोबारा आकर उस धागे को खोलते हैं, जिससे उनकी आस्था और विश्वास और भी मजबूत होता है।

चामुंडेश्वरी मंदिर, मैसूर

मैसूर की चामुंडी पहाड़ी पर स्थित Chamundeshwari Temple एक प्रसिद्ध शक्ति स्थल है, जहां से पूरे शहर का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है। यह मंदिर देवी चामुंडेश्वरी को समर्पित है और महिषासुर वध की पौराणिक कथा से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि यहां माता ने राक्षस महिषासुर का वध किया था, इसलिए यह स्थान धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

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दक्षिणेश्वर काली मंदिर, कोलकाता

कोलकाता में हुगली नदी के किनारे स्थित Dakshineswar Kali Temple अपनी शांति और दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर मां काली को समर्पित है और इसका गहरा संबंध महान संत Ramakrishna Paramahamsa से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि यहां पूजा-अर्चना करने से मन को सुकून मिलता है और आध्यात्मिक शांति की अनुभूति होती है।

धारी देवी मंदिर, उत्तराखंड

उत्तराखंड में अलकनंदा नदी के किनारे स्थित Dhari Devi Temple एक अत्यंत पवित्र शक्ति स्थल माना जाता है। यह मंदिर चार धाम की रक्षा करने वाला माना जाता है और श्रद्धालुओं के बीच खास आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि देवी दिन में तीन रूप बदलती हैं, और यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती है।

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अंबाजी मंदिर, गुजरात

गुजरात के अरावली पहाड़ियों में स्थित Ambaji Temple एक प्रमुख शक्तिपीठ और अत्यंत पवित्र स्थल माना जाता है। इस मंदिर में देवी की पूजा किसी मूर्ति के रूप में नहीं बल्कि पवित्र यंत्र के रूप में की जाती है। श्रद्धालु यहां सच्चे मन से माता के दर्शन करने आते हैं और मान्यता है कि मां अंबाजी अपनी कृपा से भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं।

Chaitra Navratri के पावन अवसर पर इन मंदिरों के दर्शन करना न सिर्फ धार्मिक बल्कि आध्यात्मिक अनुभव भी देता है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां की आराधना करने पर हर मनोकामना पूरी होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
 


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Monika

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