घर बनवाने से पहले जान लें वास्तु की ये 5 जरूरी बातें, बाद में नहीं होगी परेशानी
punjabkesari.in Tuesday, Jun 30, 2026 - 03:01 PM (IST)
नारी डेस्क : अपना घर बनाना हर व्यक्ति का सपना होता है। लोग चाहते हैं कि उनका आशियाना न सिर्फ देखने में सुंदर हो, बल्कि परिवार के लिए सुखद, सुरक्षित और आरामदायक भी हो। घर बनवाने से पहले लोग डिजाइन, बजट, कमरों की संख्या और इंटीरियर की प्लानिंग तो करते हैं, लेकिन कई लोग वास्तु शास्त्र से जुड़े नियमों को भी ध्यान में रखते हैं। मान्यता है कि घर का निर्माण सही दिशा और संतुलन के साथ किया जाए, तो घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है और जीवन अधिक व्यवस्थित महसूस होता है। हालांकि, वास्तु से जुड़े इन नियमों का कोई पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, फिर भी भारत में बड़ी संख्या में लोग इन्हें मानते हैं। अगर आप नया घर बनवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन 5 जरूरी बातों को जान लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
प्लॉट खरीदने से पहले दिशा जरूर जांच लें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की नींव सही दिशा से शुरू होती है। इसलिए प्लॉट खरीदते समय उसकी दिशा पर ध्यान देना जरूरी माना जाता है। मान्यता के अनुसार, उत्तर और पूर्व दिशा वाले प्लॉट शुभ माने जाते हैं, क्योंकि इन दिशाओं से प्राकृतिक रोशनी और हवा बेहतर तरीके से घर में प्रवेश करती है। वहीं, कुछ लोग दक्षिण दिशा वाले प्लॉट को चुनने से बचने की सलाह देते हैं।

मुख्य दरवाजा सही स्थान पर बनवाएं
मुख्य दरवाजा घर की सबसे महत्वपूर्ण जगहों में से एक माना जाता है, क्योंकि यहीं से लोग घर में प्रवेश करते हैं। वास्तु के अनुसार, उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में मुख्य द्वार बनाना शुभ माना जाता है। वहीं, दक्षिण और पश्चिम के बीच वाले हिस्से में मुख्य दरवाजा बनाने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, दरवाजे की स्थिति तय करते समय घर के डिजाइन, सुरक्षा और सुविधाजनक आवागमन का भी ध्यान रखना चाहिए।
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टॉयलेट की जगह पहले से तय करें
घर बनाते समय टॉयलेट की जगह को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
वास्तु के अनुसार, मुख्य दरवाजे के ठीक सामने टॉयलेट नहीं होना चाहिए।
घर के बिल्कुल मध्य भाग में टॉयलेट बनाने से बचना चाहिए।
उत्तर-पूर्व दिशा में भी टॉयलेट बनाना उचित नहीं माना जाता।
इसके लिए पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा को बेहतर माना जाता है।

सीढ़ियां और नौकर का कमरा सही दिशा में बनाएं
अगर आपके घर में सीढ़ियां या सर्वेंट रूम बनाया जा रहा है, तो उसकी जगह भी पहले से तय कर लें।
वास्तु के अनुसार, घर के बीचों-बीच सीढ़ियां बनाने से बचने की सलाह दी जाती है।
सीढ़ियों के लिए दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा उपयुक्त मानी जाती है।
नौकर का कमरा उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं बनाना चाहिए।
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लिफ्ट लगाने से पहले सही जगह चुनें
आजकल कई लोग मल्टी-स्टोरी घरों में लिफ्ट भी लगवा रहे हैं। वास्तु शास्त्र में इसकी दिशा को लेकर भी कुछ मान्यताएं हैं।
मान्यता के अनुसार, उत्तर दिशा में लिफ्ट लगाने से बचना चाहिए, जबकि उत्तर-पश्चिम दिशा को इसके लिए बेहतर माना जाता है।

आखिर लोग वास्तु को इतना महत्व क्यों देते हैं?
वास्तु शास्त्र भारत की प्राचीन परंपरा और स्थापत्य कला का हिस्सा है। बहुत से लोगों का मानना है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा और अच्छा वातावरण बना रहता है। हालांकि, इन मान्यताओं को साबित करने वाला कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
इसलिए घर बनवाते समय केवल वास्तु पर निर्भर रहने के बजाय इन बातों पर भी ध्यान देना जरूरी है
घर की मजबूती और निर्माण गुणवत्ता
पर्याप्त धूप और वेंटिलेशन
सुरक्षा और सुविधाएं
पानी और बिजली की उचित व्यवस्था
परिवार की जरूरतों के अनुसार डिजाइन
घर जीवनभर का सपना और बड़ा निवेश होता है। ऐसे में घर बनाते समय वास्तु से जुड़ी मान्यताओं को ध्यान में रखना आपकी व्यक्तिगत पसंद हो सकती है, लेकिन इसके साथ-साथ मजबूत निर्माण, अच्छी रोशनी, हवा और सुरक्षा को प्राथमिकता देना भी उतना ही जरूरी है।

