बच्चे के सिर पर चोट लग जाए तो इन 5 लक्षणों पर जरूर दें ध्यान
punjabkesari.in Monday, Mar 23, 2026 - 12:17 PM (IST)
नारी डेस्क : बच्चे खेलते-कूदते अक्सर गिर जाते हैं। कई बार गिरने पर सिर पर चोट भी लग जाती है। हर बार चोट गंभीर हो, यह जरूरी नहीं होता, लेकिन कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। बच्चों के डॉक्टर के मुताबिक अगर बच्चा सिर के बल गिरा है, तो उसके व्यवहार और शरीर में होने वाले कुछ बदलावों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। इन संकेतों से पता चल सकता है कि चोट सामान्य है या अंदरूनी नुकसान की आशंका है। सिर की चोट के बाद इन 5 संकेतों को न करें नजरअंदाज।
बार-बार उल्टी होना या खाना न खाना
अगर बच्चे के सिर पर चोट लगने के बाद उसे बार-बार उल्टी हो रही है या वह खाना खाने से मना कर रहा है, तो यह सामान्य लक्षण नहीं है। ऐसे संकेत इस बात की ओर इशारा कर सकते हैं कि अंदरूनी चोट लगी हो या दिमाग पर असर पड़ा हो। कई बार बच्चे को चक्कर, बेचैनी या कमजोरी भी महसूस हो सकती है, जिसके कारण वह कुछ खाने-पीने से बचता है। ऐसे में माता-पिता को सतर्क रहना चाहिए और इस स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि उल्टी लगातार हो रही हो या बच्चा कुछ भी नहीं खा रहा हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है, ताकि समय रहते सही जांच और इलाज हो सके।

नींद में असामान्य बदलाव
अगर सिर पर चोट लगने के बाद बच्चे की नींद के पैटर्न में अचानक बदलाव आ जाए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बच्चा सामान्य से ज्यादा सोने लगे, बार-बार उनींदा दिखे या उसे सोने में दिक्कत होने लगे, तो यह दिमाग पर असर पड़ने का संकेत हो सकता है। कई बार बच्चा सुस्त, थका हुआ या प्रतिक्रिया देने में धीमा भी हो जाता है। ऐसी स्थिति में माता-पिता को बच्चे पर लगातार नजर रखनी चाहिए और अगर यह समस्या बनी रहती है, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
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व्यवहार में बदलाव या लगातार रोना
अगर सिर पर चोट लगने के बाद बच्चे के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखने लगे, तो यह चिंता की बात हो सकती है। बच्चा बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार रोने लगे, चिड़चिड़ा हो जाए या पहले जैसा सामान्य व्यवहार न करे, तो यह अंदरूनी परेशानी का संकेत हो सकता है। कई बार बच्चा बेचैन, घबराया हुआ या असहज महसूस करता है, जिसे वह अपने व्यवहार के जरिए जाहिर करता है। ऐसे में माता-पिता को इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और अगर यह बदलाव लंबे समय तक बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

बेहोशी या दौरा पड़ना
अगर सिर पर चोट लगने के बाद बच्चा कुछ समय के लिए बेहोश हो जाए या उसे दौरा (फिट) पड़ने लगे, तो यह बेहद गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। यह इस बात की ओर इशारा करता है कि दिमाग पर गहरा असर पड़ा है और तुरंत मेडिकल जांच की जरूरत है। कई बार बच्चा अचानक सुस्त पड़ जाता है, प्रतिक्रिया देना बंद कर देता है या उसकी आंखें उलटने लगती हैं। ऐसी स्थिति में बिल्कुल भी देरी न करें और तुरंत डॉक्टर या नजदीकी अस्पताल ले जाएं, क्योंकि समय पर इलाज ही बच्चे को बड़े खतरे से बचा सकता है।
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सिर की सूजन का बढ़ना
अगर बच्चे के सिर पर चोट लगने के बाद सूजन धीरे-धीरे कम होने की बजाय बढ़ती जा रही है, तो यह गंभीर संकेत हो सकता है। सामान्य चोट में सूजन कुछ समय बाद कम होने लगती है, लेकिन अगर वह लगातार बढ़े, सख्त हो जाए या छूने पर ज्यादा दर्द हो, तो यह अंदरूनी चोट या खून जमा होने की ओर इशारा कर सकता है। ऐसी स्थिति में देरी करना सही नहीं है, इसलिए तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी होता है, ताकि सही जांच कर समय पर इलाज किया जा सके।

बच्चा गिर जाए और सिर पर चोट लग जाए तो क्या करें
चोट वाली जगह पर कपड़े में लपेटकर 15–20 मिनट तक बर्फ से सिकाई करें। इससे सूजन कम हो सकती है।
हर 2–3 घंटे में बच्चे की स्थिति पर नजर रखें और देखें कि कोई गंभीर लक्षण तो नहीं दिख रहे।
बच्चे को आराम करने दें और ज्यादा भाग-दौड़ या खेल से कुछ समय के लिए दूर रखें।
बच्चे को सोने दें, लेकिन उसके सामान्य व्यवहार पर ध्यान जरूर रखें।
बच्चों को सिर की चोट से बचाने के तरीके
बच्चों को सख्त जमीन या सीढ़ियों के पास खेलने से बचाएं।
कार में बैठाते समय सीट बेल्ट जरूर लगाएं।
साइकिल चलाते समय या खेल के दौरान हेलमेट पहनने की आदत डालें।
बच्चों के गिरने की घटनाएं आम होती हैं, लेकिन सिर की चोट को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर लक्षण पहचानना और सही कदम उठाना बच्चे की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

