पेट के ये 5 लक्षण नजरअंदाज न करें,  दिखते ही भागें डॉक्टर के पास, देरी से सड़ सकता है लिवर

punjabkesari.in Sunday, Feb 01, 2026 - 05:48 PM (IST)

 नारी डेस्क: फैटी लिवर एक साइलेंट डिजीज है, जो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है। अक्सर इसके शुरुआती लक्षण पेट से शुरू होते हैं, लेकिन लोग इन्हें सामान्य पेट की परेशानियों जैसे गैस, पेट फूलना या भूख न लगना समझ कर नजरअंदाज कर देते हैं। अगर ये लक्षण लगातार बने रहें, तो इसे अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है। लिवर शरीर में 500 से अधिक फंक्शन में अहम भूमिका निभाता है। यह अपने आप को डिटॉक्स कर सकता है और सेल्फ-क्लीनिंग ऑर्गन है। लेकिन गलत खानपान और जीवनशैली की वजह से लिवर पर फैट जमने लगता है, जिससे फैटी लिवर की समस्या होती है। यदि समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह गंभीर और जानलेवा हो सकता है।

ना लक्षण, ना दर्द - Fatty Liver धीरे-धीरे करता है लिवर को Damage!

फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण

दाई ओर पसलियों के नीचे दर्द

अगर आपको दाई ओर हल्का दर्द, भारीपन या दबाव महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह लिवर में बढ़ती फैट की वजह से हो सकता है। ज्यादा खाना खाने या लेटने पर यह दर्द बढ़ सकता है।

बिना प्रयास वजन घटना

अगर आपका वजन अचानक और तेजी से घटने लगे, जबकि आपने कोई डाइट या एक्सरसाइज नहीं की है, तो सावधान हो जाएँ। ऐसा तब होता है जब लिवर पोषक तत्वों को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता और शरीर कमजोर पड़ने लगता है।

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बार-बार मिचली या उल्टी जैसा महसूस होना

खासकर तैलीय या चटपटा भोजन खाने के बाद अगर मिचली या उल्टी होती है, तो यह लिवर की गड़बड़ी का संकेत है। अगर यह कुछ दिनों से ज्यादा बनी रहे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

पेट या पैरों में सूजन

अगर पेट अचानक फूलने लगे या पैर और टखनों में सूजन आए, तो इसे हल्के में न लें। इसे मेडिकल भाषा में एडिमा या असाइटिस कहा जाता है। यह तब होता है जब लिवर ब्लड सर्कुलेशन और फ्लुइड बैलेंस ठीक से संभाल नहीं पाता।

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मल का रंग बदलना

मल का रंग लिवर की स्थिति के बारे में संकेत देता है। अगर मल पीला, धूसर, काला या पतला दिखाई दे, तो यह पित्त (bile) के असंतुलन का संकेत हो सकता है। यह सीधे फैटी लिवर की ओर इशारा करता है।

फैटी लिवर शुरू में बहुत धीरे-धीरे बढ़ता है और आम पेट की परेशानियों जैसा दिखता है। इसलिए अगर उपरोक्त लक्षण लगातार महसूस हों, तो समय पर डॉक्टर से जांच कराएं। सही खानपान, नियमित एक्सरसाइज और डॉक्टर की सलाह से फैटी लिवर को नियंत्रित किया जा सकता है।
  

 
 


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Content Editor

Priya Yadav

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