जगन्नाथ मंदिर से घर जरूर लाएं ये 3 पवित्र चीजें, कभी नहीं होगी धन और अन्न की कमी
punjabkesari.in Thursday, Jul 16, 2026 - 01:33 PM (IST)
नारी डेस्क : ओडिशा के पुरी में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर हिंदू धर्म के चार पवित्र धामों में से एक है। हर साल निकलने वाली विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी भक्त जगन्नाथ धाम के दर्शन करने जाता है, उसे वहां से कुछ शुभ वस्तुएं अवश्य घर लानी चाहिए। माना जाता है कि इन वस्तुओं को घर में रखने से भगवान जगन्नाथ और माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है तथा सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए जानते हैं वे कौन-सी 3 पवित्र चीजें हैं जिन्हें जगन्नाथ मंदिर से घर लाना शुभ माना जाता है।
निर्माल्य (महाप्रसाद का सूखा चावल)
जगन्नाथ मंदिर से मिलने वाला निर्माल्य सबसे पवित्र प्रसादों में से एक माना जाता है। यह विशेष प्रकार का सूखा चावल होता है, जिसे पहले भगवान जगन्नाथ को भोग लगाया जाता है और फिर सुखाकर श्रद्धालुओं को लाल रंग की पोटली में दिया जाता है।धार्मिक मान्यता है कि इस निर्माल्य को घर के पूजा स्थान में रखने से अन्न और धन की कभी कमी नहीं होती। कई लोग शुभ कार्यों की शुरुआत में इसका एक दाना भी प्रयोग करते हैं, जिसे मंगलकारी माना जाता है।

बेंत (पूजित छड़ी)
जगन्नाथ मंदिर से बेंत (छड़ी) लाने की भी पुरानी परंपरा है। मंदिर में पूजा के दौरान इस बेंत को श्रद्धालुओं से स्पर्श कराया जाता है। मान्यता है कि इसे घर में रखने से माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है तथा परिवार को बल, बुद्धि, यश और सकारात्मक ऊर्जा का आशीर्वाद मिलता है।
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तुलसी की माला
पुरी धाम से तुलसी की माला लाना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। तुलसी भगवान श्रीकृष्ण और भगवान जगन्नाथ को अत्यंत प्रिय है। धार्मिक विश्वास है कि तुलसी की माला घर में रखने या धारण करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, मानसिक शांति मिलती है और घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है।

जगन्नाथ मंदिर से जुड़े रोचक रहस्य
जगन्नाथ मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं और रहस्यों के लिए भी पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीला समाप्त करने के बाद अपनी दिव्य देह का त्याग किया था, लेकिन उनका दिव्य हृदय आज भी भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा में विराजमान है। इसे 'ब्रह्म पदार्थ' के नाम से जाना जाता है, हालांकि इस विषय में मंदिर की परंपराएं अत्यंत गोपनीय हैं।
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एक और प्रसिद्ध मान्यता यह है कि मंदिर के सिंहद्वार के बाहर तक समुद्र की लहरों की आवाज सुनाई देती है, लेकिन जैसे ही श्रद्धालु सिंहद्वार के भीतर प्रवेश करते हैं, लहरों की आवाज लगभग सुनाई देना बंद हो जाती है। इसे जगन्नाथ धाम के अनोखे रहस्यों में से एक माना जाता है।

