पति नहीं बेटी से करवाना मेरा अंतिम संस्कार....  टीचर ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में मम्मी-पापा से मांगी माफी

punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 05:16 PM (IST)

नारी डेस्क: सोमवार को वैशाली ज़िले में एक 28 साल की सरकारी स्कूल टीचर अपनी किराए की जगह पर फंदे से लटकी मिली। मौके से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें महिला ने लिखा था- "मम्मी-पापा, सॉरी। मेरा किसी से कोई झगड़ा नहीं है।" मृतक की पहचान प्रिया भारती के रूप में हुई है, जो  दीपक राज की पत्नी थीं। वह सरकारी टीचर थीं और स्कूल के पास एक किराए के मकान में रहती थीं। उनके परिवार में उनकी तीन महीने की बेटी है।


कमरा बंद देखकर और कोई जवाब न मिलने पर स्थानीय लोगों ने कटरा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाज़ा तोड़ा और शव को लटका हुआ पाया।  नोट में प्रिया ने लिखा था कि वह बीमारी की वजह से अपनी जान दे रही है और इसके लिए किसी को भी ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उसने कहा कि उसका मोबाइल फ़ोन उसके पति को दे दिया जाए, यह बताते हुए कि उसमें मैसेज, ऑडियो और वीडियो फ़ाइलें हैं जिनका पासवर्ड उसके पति को पता है। उसने आगे लिखा कि अंतिम संस्कार उसके पति नहीं, बल्कि उसकी बेटी करे, और पुलिस से अपील की कि उसके पति या परिवार के खिलाफ कोई केस दर्ज न किया जाए।
 

 नोट में 5.5 लीटर दूध के बकाया पेमेंट का भी ज़िक्र था, और कहा गया था कि यह पेमेंट उसके पर्स में रखे पैसों से कर दिया जाए। प्रिया के पति दीपक कुमार, जो रक्सौल में ICICI बैंक में डिप्टी ब्रांच मैनेजर के तौर पर काम करते हैं ने बताया कि उन्होंने रविवार शाम को WhatsApp कॉल पर अपनी पत्नी से आखिरी बार बात की थी। उन्होंने कहा- "कोई फ़ोन कॉल नहीं हुआ, सिर्फ़ WhatsApp कॉल हुआ था। सुबह, उनकी एक कलीग ने मुझे फ़ोन किया और बताया कि मैडम फ़ोन नहीं उठा रही हैं।" उन्होंने आगे बताया कि बार-बार कॉल करने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने मकान मालिक के भतीजे से कमरा चेक करने के लिए कहा। 
 

हालांकि, प्रिया के मामा हरिकांत गिरि ने आरोप लगाया है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या थी। उन्होंने कहा- “एक हफ़्ते पहले, घरेलू झगड़े के बाद, वह अपनी तीन महीने की बेटी के साथ अपने मायके आई थी। मौके पर पहुंचने पर हमने देखा कि उसकी लाश लटकी हुई थी, लेकिन पूरी तरह ज़मीन को छू रही थी। यह आत्महत्या जैसा नहीं लग रहा था।” उन्होंने सुसाइड नोट की सच्चाई पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया- “नोट में लिखा है कि पोस्ट-मॉर्टम नहीं होना चाहिए, उसकी लाश को रसूलपुर नहीं ले जाना चाहिए, और पति बेगुनाह है। वह ऐसी बातें कभी नहीं लिख सकती थी। उसके माता-पिता ने उसे पढ़ाने-लिखाने के लिए बहुत मेहनत की थी। वह अपनी कमाई का कुछ हिस्सा 15 दिन बाद होने वाली अपने भाई की शादी पर खर्च करने का प्लान बना रही थी। इसी बात पर उसका अपनी सास से झगड़ा हुआ था।”


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vasudha

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