Menopause के दौरान क्यों झड़ने लगते हैं महिलाओं के बाल ?  जानिए कैसे मिलेगा इससे छुटकारा

punjabkesari.in Saturday, Oct 24, 2026 - 06:17 PM (IST)

नारी डेस्क: इसमें कोई शक नहीं कि उम्र के साथ बालों में बदलाव आता है। बालों का सफ़ेद या ग्रे हो जाना तो आम बात है,  लेकिन अगर आपको ऐसा लगता है कि मेनोपॉज की वजह से आपके बालों में कुछ और बदलाव भी आ रहे हैं  जैसे कि बालों का पतला होना, या उनका कमज़ोर और रूखा हो जाना  तो यह सिर्फ आपका वहम नहीं है। मेनोपॉज की वजह से बाल झड़ सकते हैं, पतले हो सकते हैं और यहां तक कि आपके बालों का रूप-रंग भी बदल सकता है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से। 

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रजोनिवृत्ति आपके बालों को कैसे प्रभावित करती है?

रजोनिवृत्ति के दौरान बालों में बदलाव आना आम बात है। कुछ शोध बताते हैं कि तीन में से दो महिलाओं को रजोनिवृत्ति के दौरान बालों के पतले होने और झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है। लेकिन इन बदलावों की तीव्रता हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है।


बालों का पतला होना: बाल झड़ने से आपकी मांग चौड़ी हो जाती है या पोनीटेल पतली हो जाती है।

बालों का अधिक झड़ना: आपको अपने ब्रश, शॉवर ड्रेन या तकिए पर सामान्य से अधिक बाल दिखाई दे सकते हैं।

पैटर्न वाला बाल झड़ना: बालों का पतला होना जो मांग के पास से शुरू होकर सिर के ऊपरी हिस्से की ओर बढ़ता है, उसे फीमेल पैटर्न हेयर लॉस (FPHL) कहा जाता है, जिसे एंड्रोजेनिक एलोपेसिया भी कहते हैं।

रूखापन और टूटना: आपके बाल अधिक रूखे या दोमुंहे हो सकते हैं। बालों को रंगने या हीट स्टाइलिंग करने से पहले की तुलना में अधिक बाल टूट सकते हैं।

बनावट में बदलाव: कभी-कभी बालों के रेशे पतले और अधिक कड़े हो जाते हैं। या आपको लग सकता है कि आपके बाल अधिक खुरदुरे हो गए हैं।


मेनोपॉज के दौरान बाल क्यों झड़ते हैं?

मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर कम हो जाता है। हार्मोन में होने वाला यह बदलाव आपके शरीर के हर हिस्से को प्रभावित कर सकता है, जिसमें आपकी स्कैल्प (सिर की त्वचा) और हेयर फॉलिकल्स (बालों की जड़ें) भी शामिल हैं। एस्ट्रोजन आपके बालों को लंबे समय तक 'ग्रोथ फेज़' (बढ़ने की अवस्था) में बनाए रखने में मदद करता है। यह बालों को मोटा बनाने और उन्हें झड़ने से बचाने में भी भूमिका निभा सकता है। इसलिए, जब मेनोपॉज़ के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर कम हो जाता है, तो आपके बालों की ग्रोथ धीमी हो सकती है और पहले की तुलना में आपके बाल ज़्यादा झड़ सकते हैं।

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मेनोपॉज़ के दौरान बालों को झड़ने से कैसे रोकें?

मेनोपॉज़ से जुड़े बालों के झड़ने का जल्दी इलाज कराने से इन बदलावों को कम करने और लंबे समय तक होने वाले नुकसान को रोकने में मदद मिल सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जैसे ही आपको अपने बालों में कोई बदलाव दिखे, तुरंत किसी डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा विशेषज्ञ) से बात करें। शुरुआती जांच से यह पता चल सकता है कि बालों के झड़ने का कारण मेनोपॉज़ है या कोई और ऐसी समस्या जिसका इलाज संभव है। आपके जेनेटिक्स (आनुवंशिकी), पोषण, तनाव का स्तर और यहाँ तक कि दवाइयाँ भी आपके बालों पर असर डाल सकती हैं।


इन बातोंं का रखें खास ख्याल

लंबे समय तक रहने वाले तनाव (क्रॉनिक स्ट्रेस) को कम करें। मेडिटेशन, व्यायाम और अच्छी नींद लेने से आपके शरीर को तनाव के कारण बालों के पतले होने की समस्या से निपटने में मदद मिल सकती है। अपने बालों के लिए सही पोषण पर ध्यान दें। मेनोपॉज़ के बाद बालों की सेहत के लिए प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और लो-ग्लाइसेमिक कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्व बहुत जरूरी हैं। इसके अलावा, जिंक, आयरन और विटामिन A, B व C जैसे विटामिन और मिनरल्स भी महत्वपूर्ण हैं। अपनी दवाइयों के बारे में डॉक्टर से बात करें। कुछ प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाइयों के कारण बाल झड़ सकते हैं। इसलिए, किसी हेल्थकेयर प्रोफेशनल के साथ अपनी दवाइयों की समीक्षा जरूर करें।बालों की देखभाल के लिए हल्के और सुरक्षित तरीकों का इस्तेमाल करें। बालों को नुकसान पहुँचाने वाली चीजों से बचें, जैसे कि हीट स्टाइलिंग, कलरिंग और बालों को खराब करने वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कम से कम करें। साथ ही, अपने बालों (और स्कैल्प) को धूप से बचाएं।
 


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vasudha

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