Kharmas 2026 Date: कब लगेगा साल 2026 का दूसरा खरमास, क्यों माना जाता है ये अशुभ

punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 06:11 PM (IST)

नारी डेस्क: खरमास 2026 वह विशेष अवधि है जब सूर्य देव धनु या मीन राशि में गोचर करते हैं। इस समय विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। धार्मिक दृष्टि से इसे अशुभ माना जाता है, लेकिन यह समय साधना, दान और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए बहुत फलदायी होता है।

खरमास क्यों आता है?

पुराणों के अनुसार, सूर्य देव सात घोड़ों वाले रथ में ब्रह्मांड की परिक्रमा करते हैं। घोड़ों की थकान को देखते हुए उन्होंने रथ में गधों को जोड़ दिया। गधों की धीमी चाल के कारण सूर्य की गति भी धीमी हो जाती है। इस धीमी गति को ही खरमास कहा जाता है। इसके अलावा, जब सूर्य देव बृहस्पति की राशियों धनु और मीन में प्रवेश करते हैं, तो गुरु का प्रभाव कमजोर हो जाता है। चूंकि गुरु विवाह और शुभ कार्यों के कारक माने जाते हैं, इसलिए इस समय मांगलिक कार्यों को टालना चाहिए।

खरमास क्यों माना जाता है अशुभ?

ज्योतिष के अनुसार, खरमास के दौरान गुरु का प्रभाव कमजोर होता है। सूर्य की तेजस्विता के साथ यह समय विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कामों के लिए अशुभ माना जाता है। हालांकि, यह समय दान, साधना और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अत्यंत शुभ है। इस दौरान किए गए अच्छे कार्य पुण्य को बढ़ाते हैं।

आज से शुरू हो रहा है खरमास, 30 दिनों तक शुभ कार्यों पर रहेगा रोक

ये भी पढ़ें:  लोहे की अंगूठी किस उंगली में पहनें और क्या होते हैं इसके फायदे?

साल 2026 का दूसरा खरमास कब है?

साल में दो बार खरमास आता है क्योंकि सूर्य देव साल में दो बार बृहस्पति की राशियों – पहली धनु और दूसरी मीन – में गोचर करते हैं।

पहला खरमास: 16 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026

दूसरा खरमास: 14 मार्च 2026 से 13 अप्रैल 2026

इस दौरान सूर्य देव मीन राशि में रहेंगे।

खरमास में क्या करें?

सूर्य पूजा: प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर तांबे के लोटे से सूर्य को जल अर्पित करें और “ॐ सूर्याय नमः” का जाप करें।

तुलसी पूजा: संध्या समय तुलसी के पास दीपक जलाएं और उसकी सेवा करें।

दान-पुण्य: जरूरतमंदों को कपड़े, भोजन या दान दें।

सात्विक जीवन: सात्विक भोजन लें और संयम तथा शुद्धता बनाए रखें।

भगवान विष्णु की पूजा: इस समय भगवान विष्णु की कथा सुनना और पूजा करना शुभ माना जाता है।

खरमास में क्या न करें?

मांगलिक कार्य: शादी, सगाई, मुंडन या जनेऊ का आयोजन टालें।

गृह प्रवेश और निर्माण: नया घर न खरीदें और नए घर में प्रवेश न करें।

तामसिक भोजन: मांस, शराब, प्याज या लहसुन का सेवन न करें।

नई खरीदारी: नया वाहन, सोना, चांदी या प्रॉपर्टी न खरीदें।

PunjabKesari

व्यापार या नौकरी शुरू करना: नया व्यवसाय या नौकरी इस समय शुरू न करें।

खरमास का समय मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है, लेकिन धार्मिक, आध्यात्मिक और दान-पुण्य के कार्यों के लिए यह बहुत शुभ होता है। साल 2026 का दूसरा खरमास 14 मार्च से 13 अप्रैल तक रहेगा, और इस दौरान साधना, दान और सात्विक जीवन पर ध्यान देना चाहिए।  


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Priya Yadav

Related News

static