शाकाहारी हैं तो जरूर जानें! विटामिन B12 की कमी कैसे पूरी करें और इसके बेहतर स्त्रोत क्या हैं

punjabkesari.in Sunday, May 31, 2026 - 01:59 PM (IST)

नारी डेस्क: विटामिन B12 शरीर के उन जरूरी पोषक तत्वों में से एक है, जिसकी कमी धीरे-धीरे कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। यह विटामिन न सिर्फ शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) के निर्माण में मदद करता है, बल्कि दिमाग, नसों और ऊर्जा के स्तर को भी बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। खास बात यह है कि विटामिन B12 मुख्य रूप से पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, इसलिए शाकाहारी लोगों में इसकी कमी होने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में इसके फायदे, संभावित नुकसान और सही स्रोतों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

खून की कमी से बचाने में मददगार

विटामिन B12 शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए जरूरी होता है। जब शरीर में इसकी कमी होने लगती है तो एनीमिया (Anemia) का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में व्यक्ति को लगातार कमजोरी, थकान, चक्कर आना और सांस फूलने जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। पर्याप्त मात्रा में B12 लेने से शरीर में ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है और ऊर्जा बनी रहती है।

PunjabKesari

दिमाग और नसों को रखता है स्वस्थ

विटामिन B12 का सीधा संबंध मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम से होता है। यह नसों की सुरक्षा करने वाली परत को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर याददाश्त कमजोर हो सकती है, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी हो सकती है और कई बार हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन भी महसूस हो सकता है।

शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में सहायक

अगर आप पर्याप्त नींद लेने के बावजूद हर समय थकान महसूस करते हैं, तो इसकी एक वजह विटामिन B12 की कमी भी हो सकती है। यह शरीर को भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने में मदद करता है। सही मात्रा में B12 मिलने पर शरीर अधिक एक्टिव और ऊर्जावान महसूस करता है।

दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद

विटामिन B12 शरीर में होमोसिस्टीन (Homocysteine) नामक तत्व के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। जब इस तत्व का स्तर बढ़ जाता है, तो हृदय रोगों का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में B12 लेना दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी माना जाता है।

त्वचा और बालों को मिल सकता है फायदा

विटामिन B12 नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। यही कारण है कि इसकी पर्याप्त मात्रा त्वचा को स्वस्थ रखने और बालों को मजबूत बनाने में भी सहायक मानी जाती है। इसकी कमी होने पर त्वचा बेजान दिख सकती है और बालों के झड़ने की समस्या बढ़ सकती है।

क्या ज्यादा विटामिन B12 नुकसान पहुंचा सकता है?

आमतौर पर विटामिन B12 को सुरक्षित माना जाता है, लेकिन बिना जरूरत या डॉक्टर की सलाह के अधिक मात्रा में सप्लीमेंट लेने से कुछ लोगों को दिक्कत हो सकती है।

सिरदर्द और चक्कर आने की समस्या

कुछ मामलों में जरूरत से ज्यादा B12 सप्लीमेंट लेने पर सिरदर्द, चक्कर आना या बेचैनी जैसी शिकायतें हो सकती हैं।

PunjabKesari

एलर्जी की प्रतिक्रिया

कुछ लोगों को B12 इंजेक्शन या सप्लीमेंट्स से एलर्जी हो सकती है। ऐसी स्थिति में खुजली, त्वचा पर रैशेज या सूजन जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं।

दवाओं के साथ हो सकता है असर

अगर आप पहले से किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं, तो B12 सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। कुछ दवाएं इसके असर को प्रभावित कर सकती हैं।

ये भी पढ़ें: किस विटामिन की कमी से होते हैं डार्क सर्कल्स? जानिए क्या-क्या हैं कारण

शाकाहारियों के लिए विटामिन B12 के बेहतर स्रोत

चूंकि विटामिन B12 प्राकृतिक रूप से अधिकतर पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, इसलिए शाकाहारियों को अपने आहार पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।

दूध और डेयरी उत्पाद

दूध, दही, पनीर और छाछ जैसे डेयरी उत्पाद विटामिन B12 के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। नियमित रूप से इनका सेवन करने से इसकी कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।

फोर्टिफाइड फूड्स

आजकल बाजार में मिलने वाले कई Breakfast Cereals, Soy Milk और Plant-Based Milk में अतिरिक्त विटामिन B12 मिलाया जाता है। खरीदते समय पैकेज पर दिए गए पोषण संबंधी विवरण जरूर पढ़ें।

न्यूट्रिशनल यीस्ट

शाकाहारियों के बीच न्यूट्रिशनल यीस्ट काफी लोकप्रिय हो रहा है। इसमें विटामिन B12 पाया जाता है और इसे सलाद, सूप या अन्य व्यंजनों में मिलाकर खाया जा सकता है। यदि खानपान से पर्याप्त मात्रा में B12 नहीं मिल पा रहा है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार सप्लीमेंट्स लिए जा सकते हैं। खासकर बुजुर्गों, शुद्ध शाकाहारियों और गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर B12 लेवल की जांच करवानी चाहिए।

PunjabKesari

ध्यान रखने वाली बात

विटामिन B12 की कमी धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआत में इसके लक्षण आसानी से नजर नहीं आते। इसलिए अगर आपको लगातार थकान, कमजोरी, याददाश्त में कमी या हाथ-पैरों में झनझनाहट महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर रहेगा। सही आहार और जरूरत पड़ने पर उचित सप्लीमेंट्स की मदद से इस कमी को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।
 
 
 
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Priya Yadav

Related News

static