कैंसर मरीजों के लिए हल्दी कितनी सुरक्षित और फायदेमंद? एक्सपर्ट से समझें
punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 02:42 PM (IST)
नारी डेस्क: हल्दी सिर्फ एक मसाला नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद औषधि भी है। आयुर्वेद में इसे लंबे समय से कई बीमारियों में लाभकारी माना गया है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में हल्दी शरीर को सहारा देने, सूजन कम करने और कीमोथेरेपी के नुकसान को घटाने में मदद कर सकती है।
हल्दी में क्या है खास?
हल्दी में मुख्य रूप से करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है। करक्यूमिन में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाले) और एंटीऑक्सीडेंट (फ्री रेडिकल से बचाने वाले) गुण होते हैं। यह शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करता है। इसके अलावा, यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत करता है। हल्दी का नियमित सेवन शरीर को संक्रमण और सूजन से बचाने में सहायक माना गया है।

कैंसर में हल्दी कैसे मदद करती है?
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन कई तरह से कैंसर के इलाज में सहायक साबित हो सकता है। सबसे पहले, यह कैंसर कोशिकाओं के तेजी से बढ़ने को धीमा कर सकता है। इसके अलावा, कैंसर और कीमोथेरेपी के दौरान शरीर में होने वाली सूजन और दर्द को हल्दी कम करने में मदद कर सकती है। कुछ शोधों के अनुसार, हल्दी की वजह से कीमोथेरेपी के दौरान निकलने वाली हानिकारक किरणों का असर भी कम हो सकता है। ध्यान रखें कि हल्दी कैंसर का इलाज नहीं है, बल्कि यह आपके उपचार को सहारा देने और शरीर को मजबूत रखने में सहायक है।
हल्दी का सही इस्तेमाल कैसे करें?
हल्दी का अधिकतम लाभ उठाने के लिए इसे सही तरीके से खाना और पीना जरूरी है।
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काली मिर्च के साथ
हल्दी का करक्यूमिन शरीर में आसानी से अवशोषित नहीं होता। इसे सही तरीके से शरीर में लेने के लिए काली मिर्च के साथ मिलाना फायदेमंद होता है। काली मिर्च में मौजूद पाइपरिन हल्दी के पोषक तत्वों को शरीर में जल्दी अवशोषित होने में मदद करता है। आप हल्दी को खाने में या दूध में डालते समय इसमें काली मिर्च मिलाकर खा सकते हैं।

वसा (फैट) के साथ
हल्दी फैट-सॉल्युबल है, यानी यह वसा के साथ शरीर में आसानी से घुलकर काम करता है। इसलिए हल्दी को घी, नारियल तेल या दूध के साथ लेना फायदेमंद होता है। इससे हल्दी के गुण ज्यादा प्रभावी तरीके से शरीर तक पहुँचते हैं।
हल्दी वाला दूध
भारत में रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीने की परंपरा है। इसे बनाने के लिए गुनगुने दूध में आधा चम्मच हल्दी और एक चुटकी काली मिर्च डालकर पी सकते हैं। यह न केवल नींद को बेहतर बनाता है बल्कि कैंसर जैसी गंभीर स्थिति में शरीर को सहारा देने में भी मदद करता है।
हल्दी का सेवन करते समय ध्यान रखें
हल्दी फायदेमंद होने के बावजूद इसका सेवन करते समय कुछ सावधानियां जरूरी हैं। सबसे पहले, कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में हल्दी का सेवन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें। अत्यधिक हल्दी खाने से पेट में समस्या, एसिडिटी या गैस जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसके अलावा, हल्दी कुछ दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकती है, जिससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए इसे नियमित और सीमित मात्रा में, और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए।

हल्दी में करक्यूमिन जैसे शक्तिशाली तत्व होते हैं जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, सूजन कम करने और कैंसर के दौरान शरीर को सहारा देने में मदद कर सकते हैं। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि हल्दी कैंसर का इलाज नहीं है, बल्कि यह आपके उपचार को सहारा देने का प्राकृतिक तरीका है। सही तरीके से हल्दी का सेवन करने और डॉक्टर की सलाह लेने से इसके अधिकतम लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।

