थायराइड से परेशान हैं तो लगातार 66 दिन पीएं ये चाय!

punjabkesari.in Thursday, Jan 08, 2026 - 06:48 PM (IST)

नारी डेस्क : हर साल जनवरी महीने को थायराइड अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को थायराइड ग्रंथि से जुड़ी समस्याओं, उनके लक्षणों और सही देखभाल के प्रति जागरूक करना है। थायराइड ग्रंथि शरीर के हार्मोन बैलेंस, मेटाबॉलिज्म, एनर्जी लेवल, मूड और कई अहम अंगों के कामकाज को नियंत्रित करती है। ऐसे में जब थायराइड सही से काम नहीं करता, तो इसका असर पूरे शरीर पर दिखाई देता है। एक खास एंटी-इंफ्लेमेटरी हर्बल टी है, जिसे 66 दिनों तक पीने से हाइपोथायराइडिज्म (Hypothyroidism) के लक्षणों में सुधार देखा जा सकता है। 

हाइपोथायराइडिज्म (Hypothyroidism) क्या है और क्यों होता है?

हाइपोथायराइडिज्म वह स्थिति है जब थायराइड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोन नहीं बना पाती।
 इसके आम लक्षण हैं, लगातार थकान और वजन बढ़ना बढ़ना।
बालों का झड़ना और त्वचा का रूखा होना।
कब्ज और पेट की समस्याएं।
ठंड ज्यादा लगना और मूड स्विंग्स होना।
डाइटीशियन के अनुसार, कई मामलों में यह समस्या ऑटोइम्यून कंडीशन हाशीमोटो थायराइडाइटिस (Hashimoto's thyroiditis) के कारण होती है। ऐसे में सिर्फ दवाइयों से नहीं, बल्कि शरीर की इंफ्लेमेशन कम करना भी जरूरी होता है।

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चाय कैसे बनाएं?

सामग्री
1 कप पानी
1 छोटा चम्मच धनिया के दाने
½ छोटा चम्मच काला जीरा
1 छोटा चम्मच हल्दी
एक चुटकी दालचीनी
½ छोटा चम्मच सूखा अदरक पाउडर
1 छोटा चम्मच मोरिंगा पाउडर
एक चुटकी काली मिर्च
स्वाद अनुसार काला नमक
थोड़ा सा नींबू का रस।

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बनाने की विधि

एक बर्तन में पानी लें और सभी सूखी सामग्री डालें
इसे अच्छी तरह उबालें
छानकर कप में निकालें
अंत में काला नमक और नींबू का रस मिलाएं
गुनगुना होने पर पिएं
इस चाय को रोज़ एक बार, बेहतर है सुबह खाली पेट या डॉक्टर की सलाह अनुसार लें।

इस चाय में मौजूद चीज़ें क्यों हैं फायदेमंद?

धनिया के दाने
शरीर को डिटॉक्स करने में मदद।
ब्लोटिंग और गैस कम करता है।
TSH बढ़ाने वाले टॉक्सिन्स को कम करने में सहायक।

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काला जीरा
शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण
इम्यून सिस्टम को बैलेंस करता है

हल्दी और काली मिर्च
इंफ्लेमेशन कम करने में मदद
हाशीमोटो के लक्षणों में राहत
न्यूट्रिएंट्स (Nutrients) के अवशोषण को बेहतर बनाती है।

दालचीनी
ब्लड शुगर कंट्रोल
हार्मोन बैलेंस में सहायक
थकान और हेयर फॉल में राहत।

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सूखा अदरक पाउडर
गट हेल्थ सुधारता है
मेटाबॉलिज्म तेज करता है
T4 से T3 हार्मोन कंवर्जन में मदद।

मोरिंगा पाउडर
आयरन और सेलेनियम से भरपूर
एंटीऑक्सीडेंट गुण
थायराइड सपोर्ट न्यूट्रिएंट्स प्रदान करता है।

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थायराइड मरीज के लिए जरूरी जानकारी 

यह चाय इलाज का विकल्प नहीं, बल्कि एक सपोर्टिव उपाय है।
थायराइड की दवाएं बंद न करें।
गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली महिलाएं या गंभीर बीमारी वाले लोग इसे लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
 नियमित रूप से थायराइड पैनल टेस्ट कराना जरूरी है।

हाइपोथायराइडिज्म एक लाइफस्टाइल और हार्मोन से जुड़ी समस्या है, जिसे सही डाइट, स्ट्रेस मैनेजमेंट, नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह से बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है। डाइटीशियन द्वारा बताई गई यह हर्बल चाय शरीर की सूजन कम करने और लक्षणों में सुधार लाने में मददगार हो सकती है, लेकिन इसे चमत्कारी इलाज समझना सही नहीं होगा। अगर पहले से ही आपको कोई दिक्कत है तो डॉक्टरी सलाह से ही चाय या अन्य चीजों का सेवन करें। 
 


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Content Editor

Monika

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