इन गलतियों के कारण महिलाओं को आता है Sudden Cardiac Arrest, हल्के में ना लें लक्षण
punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 01:10 PM (IST)
नारी डेस्क: अक्सर महिलाएं सीने की तकलीफ़, सांस फूलना या घबराहट जैसे गंभीर लक्षणों को यह सोचकर नजरअंदाज कर देती हैं कि यह सिर्फ “एंग्जायटी” या “स्ट्रेस” है। लेकिन यही लापरवाही कई बार कार्डियक अरेस्ट जैसी जानलेवा स्थिति में बदल सकती है। एंग्जायटी और हार्ट से जुड़ी समस्याओं के लक्षण कई बार मिलते-जुलते होते हैं, लेकिन हर लक्षण को नॉर्मल मान लेना जानलेवा हो सकता है।

महिलाओं में हार्ट के लक्षण होते हैं अलग
पुरुषों की तरह तेज सीने का दर्द हमेशा नहीं होता। महिलाओं में ये संकेत दिख सकते हैं:
-जबड़े, गर्दन या पीठ में दर्द
-अचानक बहुत ज्यादा थकान
-सांस लेने में दिक्कत
- उल्टी या मितली
- ठंडा पसीना
इन्हें अक्सर स्ट्रेस या घबराहट समझ लिया जाता है।
कम उम्र का भ्रम
“उम्र कम है, दिल की बीमारी कैसे?” यही सोच सबसे बड़ा खतरा है। आजकल हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट युवा महिलाओं में भी बढ़ रहे हैं। महिलाएं खुद को आख़िरी नंबर पर रखती हैं, घर, बच्चे, काम सबसे पहले और अपनी सेहत को बाद में इसी वजह से समय पर डॉक्टर तक नहीं पहुंच पातीं। कई बार हेल्थ प्रोफेशनल्स भी लक्षणों को एंग्जायटी, पैनिक अटैक मानकर जरूरी हार्ट टेस्ट नहीं कराते।

इन लक्षणों को बिल्कुल न करें इग्नोर
अगर सीने में भारीपन या जलन, सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज़ या अनियमित, चक्कर या बेहोशी, असामान्य थकान जैसे संकेत हों तो तुरंत जांच कराएं। महिलाओं के लिए ये सलाह है कि अपने शरीर की आवाज़ को गंभीरता से लें, “ये सिर्फ स्ट्रेस है” कहकर खुद को न समझाएं। ECG, ब्लड टेस्ट जैसे हार्ट चेक में देर न करें, ज़रूरत हो तो सेकंड ओपिनियन ज़रूर लें। महिलाओं को अपनी सेहत के लिए आवाज़ उठानी होगी क्योंकि समय पर पहचान ही जान बचा सकती है।

