एबॉर्शन के बाद भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना बढ़ सकती हैं दिक्कतें

punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 04:00 PM (IST)

नारी डेस्क: एबॉर्शन (गर्भपात) के बाद महिला का शरीर कई शारीरिक और हार्मोनल बदलावों से गुजरता है। इस समय शरीर को ठीक होने और यूटरस (गर्भाशय) को सामान्य स्थिति में लौटने के लिए पर्याप्त समय चाहिए। अगर इस दौरान सही देखभाल न की जाए तो संक्रमण, ज्यादा ब्लीडिंग, कमजोरी और अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह मानना और कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी होता है।

एबॉर्शन के बाद शरीर में क्या बदलाव होते हैं?

एबॉर्शन के बाद शरीर में हार्मोन तेजी से बदलते हैं। इससे कमजोरी, थकान, हल्का बुखार, मूड स्विंग्स या भावनात्मक उतार-चढ़ाव महसूस हो सकते हैं। गर्भाशय को सामान्य आकार में आने में थोड़ा समय लगता है और इस दौरान ब्लीडिंग भी हो सकती है। इम्यून सिस्टम भी इस समय थोड़ा कमजोर हो सकता है, इसलिए संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि इस समय साफ-सफाई, आराम और सही खानपान बहुत जरूरी है।

एबॉर्शन के बाद इन गलतियों से जरूर बचें

भारी काम या ज्यादा मेहनत करना

एबॉर्शन के तुरंत बाद भारी सामान उठाना, ज्यादा सीढ़ियां चढ़ना या कठिन शारीरिक काम करना नुकसानदायक हो सकता है। इससे ब्लीडिंग बढ़ सकती है और शरीर की रिकवरी धीमी हो सकती है। डॉक्टर आमतौर पर कुछ दिनों तक आराम की सलाह देते हैं।

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दवाओं को नजरअंदाज करना

डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं समय पर लेना बहुत जरूरी है। कई महिलाएं दवाओं का पूरा कोर्स नहीं करतीं या बिना सलाह के दूसरी दवाएं ले लेती हैं, जो खतरनाक हो सकता है। ऐसा करने से संक्रमण या अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।

असामान्य लक्षणों को अनदेखा करना

अगर तेज दर्द, ज्यादा ब्लीडिंग, बदबूदार डिस्चार्ज या बुखार हो रहा है, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। यह संक्रमण या किसी अन्य समस्या का संकेत हो सकता है। समय पर डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।

साफ-सफाई में लापरवाही

इस दौरान प्राइवेट हाइजीन का खास ध्यान रखना चाहिए। लंबे समय तक गीले कपड़े पहनना या सैनिटरी पैड समय पर न बदलना संक्रमण का कारण बन सकता है। साफ और सूखे कपड़े पहनें और नियमित रूप से सफाई रखें।

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फॉलो-अप जांच न कराना

कई महिलाएं एबॉर्शन के बाद दोबारा डॉक्टर के पास नहीं जातीं। लेकिन फॉलो-अप जांच जरूरी होती है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि शरीर सही तरीके से ठीक हो रहा है और कोई अंदरूनी समस्या नहीं है।

मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना

एबॉर्शन सिर्फ शारीरिक नहीं, भावनात्मक रूप से भी असर डाल सकता है। कुछ महिलाएं उदासी, गिल्ट या तनाव महसूस कर सकती हैं। ऐसे में परिवार या करीबी लोगों से बात करना और जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग लेना फायदेमंद होता है।

एबॉर्शन के बाद खानपान कैसा होना चाहिए?

इस समय शरीर को ताकत देने वाला संतुलित आहार लेना चाहिए। आयरन से भरपूर भोजन जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां प्रोटीन के लिए दालें, पनीर, दूध, दही ताजे फल और पर्याप्त पानी हल्का और घर का बना भोजन बहुत ज्यादा तला-भुना, जंक फूड और मसालेदार खाना खाने से बचें। शराब और धूम्रपान बिल्कुल न करें, क्योंकि ये शरीर की रिकवरी को धीमा कर देते हैं। ज्यादा कैफीन भी नुकसानदायक हो सकता है।

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किन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से मिलें?

अगर निम्न लक्षण दिखें तो तुरंत मेडिकल जांच कराएं बहुत ज्यादा या लंबे समय तक ब्लीडिंग

तेज और लगातार पेट दर्द

बदबूदार डिस्चार्ज

लगातार बुखार

चक्कर आना या बेहोशी

दवाओं से आराम न मिलना

समय पर इलाज कराने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

क्यों जरूरी है सही देखभाल?

एबॉर्शन के बाद की गई थोड़ी सी लापरवाही भविष्य में स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है। लेकिन सही देखभाल, संतुलित डाइट, पर्याप्त आराम और डॉक्टर की सलाह का पालन करने से शरीर जल्दी और सुरक्षित तरीके से ठीक हो सकता है।

नोट: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी तरह की परेशानी या सवाल होने पर अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें।  


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Content Editor

Priya Yadav

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