कम कर लो पेट की चर्बी नहीं तो धीरे-धीरे सिकुड़ने लगेगा दिमाग, यहां पढ़िए नई स्टडी
punjabkesari.in Wednesday, May 06, 2026 - 06:41 PM (IST)
नारी डेस्क: MRI स्कैन के विश्लेषण से पता चलता है कि अधेड़ उम्र में पेट की चर्बी का कम जमा होना, दिमाग के सिकुड़ने (छोटा होने) की गति को काफी धीमा करने, दिमाग की मुख्य संरचनाओं को सुरक्षित रखने और अधेड़ उम्र के बाद के दौर में बेहतर सोचने-समझने की क्षमता (cognitive performance) से जुड़ा है और यह वजन घटाने से अलग है। अधेड़ उम्र के बाद के दौर में 533 महिलाओं और पुरुषों के दिमाग और पेट के MRI स्कैन का विश्लेषण किया गया, जिन पर 16 साल तक नज़र रखी गई।
पेट की चर्बी और दिमाग के बुढ़ापे के बीच का है गहरा संबंध
इस दौरान प्रतिभागियों के विसरल फैट (पेट के अंदर की चर्बी) और दिमाग की संरचनाओं के बार-बार MRI माप लिए गए, साथ ही उनकी सोचने-समझने की क्षमता का भी आकलन किया गया। 'नेचर कम्युनिकेशंस' जर्नल में प्रकाशित ये निष्कर्ष बताते हैं कि पेट की चर्बी और दिमाग के बुढ़ापे के बीच का संबंध मुख्य रूप से ग्लूकोज नियंत्रण और इंसुलिन संवेदनशीलता के माध्यम से बनता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि यह अध्ययन पहला ऐसा अध्ययन है जो जमा हुए विसरल फैट के बार-बार लिए गए MRI-आधारित मापों को दिमाग के बुढ़ापे और सोचने-समझने की क्षमता के दीर्घकालिक रुझानों से जोड़ता है।
क्या होता है विसरल फैट
प्रतिभागियों के एक उपसमूह में, पांच वर्षों के दौरान दिमाग के तीन MRI स्कैन लिए गए; उनके विश्लेषण से पता चला कि समय के साथ विसरल फैट का स्तर लगातार बढ़ा रहने से दिमाग का आयतन (volume) तेजी से कम होता है, खासकर हिप्पोकैम्पस (दिमाग का याददाश्त केंद्र) में और दिमाग के वेंट्रिकल्स (कोटरों) का आकार तेजी से बढ़ता है। विसरल फैट (Visceral Fat) पेट के अंदर गहराई में अंगों (जैसे लिवर, आंतों) के आसपास जमा होने वाली हानिकारक चर्बी है। इसे 'हिडन फैट' या 'एक्टिव फैट' भी कहते हैं
त्वचा के नीचे की चर्बी के नहीं है ज्यादा नुकसान
शोधकर्ताओं ने कहा कि त्वचा के नीचे की चर्बी के बढ़ने के ज्यादा नुकसान नहीं देखे गए। यह अध्ययन सुझाव देता है कि वजन घटाने के बजाय, विसरल फैट का लगातार कम होना, कई साल बाद बेहतर सोचने-समझने की क्षमता और दिमाग के सिकुड़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है। 18 महीने के डाइटरी इंटरवेंशन के दौरान विसरल (पेट की) चर्बी में कमी से पांच और 10 साल बाद दिमाग की संरचनाओं के बेहतर संरक्षण का अनुमान लगाया गया। साफ शब्दों मे कहें ता जितनी पेट की चर्बी कम होगी उतना ही आपका दिमाग लंबे समय तक हेल्दी रहेगा।

