मुंह की नहीं करोगे सफाई तो लिवर में हो सकता है ये गंभीर रोग
punjabkesari.in Friday, Jan 16, 2026 - 01:24 PM (IST)
नारी डेस्क: एक अध्ययन में पाया गया कि आपके मुंह के बैक्टीरिया आपके पेट के स्वास्थ्य को काफी प्रभावित कर सकते हैं, और क्रोनिक लिवर रोग के जोखिम की भविष्यवाणी कर सकते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि दांतों और मसूड़ों में पाए जाने वाले कुछ खास बैक्टीरिया यह अनुमान लगाने में मदद कर सकते हैं कि किसी व्यक्ति को क्रॉनिक लिवर डिजीज (Chronic Liver Disease) होने का जोखिम कितना है।

क्या कहती है यह स्टडी?
स्टडी के अनुसार जिन लोगों के मुंह में हानिकारक बैक्टीरिया की मात्रा ज्यादा होती है। उनमें लिवर से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी अधिक पाया गया। खासतौर पर मसूड़ों की बीमारी (Gum Disease) और लिवर की खराब सेहत के बीच गहरा संबंध देखा गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि कुछ ओरल बैक्टीरिया शरीर में सूजन (Inflammation) बढ़ाते हैं, जो आगे चलकर लिवर डैमेज का कारण बन सकते हैं।
मुंह और लिवर का क्या कनेक्शन है?
डॉक्टरों के अनुसार मुंह में मौजूद बैक्टीरिया खून के जरिए लिवर तक पहुंच सकते हैं, इससे लिवर में सूजन और संक्रमण बढ़ सकता है।लंबे समय तक ऐसा होने पर फैटी लिवर, लिवर फाइब्रोसिस और सिरोसिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं यानी खराब ओरल हेल्थ सिर्फ दांतों तक सीमित नहीं रहती, यह अंदरूनी अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
पेट में बस जाते हैं बैक्टीरिया
नेचर माइक्रोबायोलॉजी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने 86 रोगियों के लार और मल के नमूनों में बैक्टीरिया की आबादी का विश्लेषण किया। जर्मनी में टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख की टीम ने पाया कि लिवर की बीमारी बिगड़ने के साथ-साथ पेट और मुंह दोनों के माइक्रोबायोम में महत्वपूर्ण बदलाव होते हैं। लिवर की बीमारी वाले रोगियों में, बीमारी बढ़ने के साथ-साथ मुंह और पेट के माइक्रोबायोम तेजी से समान होते गए, और रोगियों के मुंह और पेट से लगभग समान बैक्टीरिया स्ट्रेन पाए गए। इसके अलावा, टीम ने कई मुंह के बैक्टीरिया प्रजातियों की पहचान की जो रोगियों के पेट में बस गए थे। उन्होंने यह भी पाया कि मल के नमूनों में इन बैक्टीरिया के उच्च स्तर आंतों की बाधा को नुकसान से जुड़े थे।

इन लोगों को ज्यादा खतरा?
स्टडी के मुताबिक उन लोगों में जोखिम ज्यादा हो सकता है जिन्हें मसूड़ों से खून आता है, जिनके दांतों में लगातार इंफेक्शन रहता है, जो नियमित रूप से दांतों की सफाई नहीं करते। डायबिटीज़ और मोटापे से जूझ रहे लोग, ज्यादा शराब पीने वाले व्यक्ति। शोधकर्ताओं का मानना है कि भविष्य में लार (Saliva) टेस्ट के जरिए मुंह के बैक्टीरिया की जांच कर लिवर डिज़ीज़ का खतरा शुरुआती चरण में ही पहचाना जा सकेगा। इससे बीमारी गंभीर होने से पहले इलाज शुरू करना संभव हो सकता है।
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए करे ये उपाय
डॉक्टरों की सलाह है कि दिन में दो बार दांत ब्रश करें। फ्लॉस और माउथवॉश का सही इस्तेमाल करें,मसूड़ों की समस्या को नजरअंदाज न करें और शराब से दूरी बनाए रखें। संतुलित आहार और नियमित एक्सरसाइज करें। अच्छी ओरल हाइजीन न सिर्फ दांतों को बचाती है, बल्कि लिवर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को भी कम कर सकती है। स्वस्थ मुंह, स्वस्थ लिवर की ओर पहला कदम हो सकता है।

