12 दिन बाद जेल से बाहर आए राजपाल यादव, बोले- पूरे देश का बच्चा-बच्चा मेरे साथ है
punjabkesari.in Tuesday, Feb 17, 2026 - 06:12 PM (IST)
नारी डेस्क: जेल में लंबी सजा काटने के बाद राजपाल यादव आखिरकार रिहा हो गए। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को उनकी सज़ा को 18 मार्च तक के लिए अंतरिम तौर पर सस्पेंड कर दिया था। जेल से बाहर निकलते ही एक्टर ने मीडिया से बात की और उन सभी लोगों का धन्यावाद किया जिन्होंने मुश्किल वक्त में उनका साथ दिया।
#WATCH दिल्ली: चेक बाउंस मामले में हाई कोर्ट से अंतरिम ज़मानत मिलने के बाद अभिनेता राजपाल यादव तिहाड़ जेल से बाहर आ गए।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 17, 2026
उन्होंने कहा, "कोई भी लीगल जानकारी लेनी हो तो आप हमारे वकील साहब से पूछ सकते हैं। मुझे 2027 में बॉलीवुड में 30 साल हो जाएंगे... भारतीय सिनेमा का प्रत्येक बच्चा… pic.twitter.com/ji9Jpn3WXK
राजपाल यादव ने मीडिया से कहा- उनके साथ पूरे देश का सपोर्ट रहा और अगर उन पर कोई आरोप है, तो उसका जवाब देने के लिए वह हर जगह और चौराहे पर उपलब्ध रहेंगे। साथ ही कहा कि बाकी कानूनी बातें सिर्फ उनके वकील भास्कर उपाध्याय ही बता पाएंगे। उन्होंने कहा- मुझे 30 साल हो जाएंगे बॉलीवुड में। पूरे देश का दुनिया का बच्चा-बच्चा मेरे साथ रहा तभी तो मैं 200-250 फिल्में कर पाया। ये किस्सा 2012-13 में शुरू हुआ था, 2026 में मैं 200-250 फिल्में किए हुए हूं। भारतीय सिनेमा का बच्चा-बूढ़ा और नौजवान मेरे कलेजे का टुकड़ा है। वो मेरे साथ था और साथ है।
एकटर ने आगे कहा- पिछले 10 साल में माननीय हाई कोर्ट ने जहां-जहां आदेश दिए मैं वहां-वहां हाजिर रहा। आगे भी जहां-जहां आदेश होगा, मैं बिल्कुल हाजिर रहूंगा। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने ऑर्डर पास करते हुए यादव को 1 लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही रकम की एक ज़मानत देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि राहत पर विचार करते हुए रेस्पोंडेंट के बैंक अकाउंट में 1.5 करोड़ रुपये जमा कर दिए गए हैं। कोर्ट ने इस शर्त पर सज़ा सस्पेंड करने का आदेश दिया कि यादव 1 लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही रकम की एक श्योरिटी दे।
इससे पहले दिन में, यादव के वकील, एडवोकेट भास्कर उपाध्याय ने कहा कि वे बिना किसी शर्त के, फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद (FDR) के ज़रिए 1.5 करोड़ रुपये जमा करने को तैयार हैं। हालांकि, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने निर्देश दिया कि रकम डिमांड ड्राफ्ट (DD) से दी जाए। कोर्ट ने यह भी सख्त टिप्पणी की कि यादव को कोर्ट के सामने पहले किए गए वादों को पूरा न करने के कारण जेल भेजा गया था। केस फाइल को रिव्यू करते हुए, कोर्ट ने कहा कि कई मुद्दे सामने आए हैं और पहले के ऑर्डर को पहले ही सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया जा चुका है, जिसने कोई राहत नहीं दी। इससे पहले, हाई कोर्ट ने चेक बाउंस होने के कई मामलों में यादव को दी गई नरमी वापस ले ली थी और उसे संबंधित जेल सुपरिटेंडेंट के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया था।

