नसीब वालों को ही होते हैं राधा रानी के परम भक्त प्रेमानंद के दर्शन, जानिए उनसे मिलने के नियम
punjabkesari.in Saturday, Sep 19, 2026 - 11:11 AM (IST)
नारी डेस्क: आज ब्रजभूमि में फिर से उल्लास है, क्योंकि बाज राधा रानी का जन्मोत्सव मनाया जा रह है। यह पवित्र पर्व हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के ठीक 15 दिन बाद आता है। जब राधा रानी का नाम आता है तो पूज्य महाराज प्रेमानंद जी का जिक्र भी जरूर आता है। पूज्य महाराज जी हमें प्रिया-प्रियतम के प्रति पूरी तरह से समर्पित होने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे में लाखों भक्त उनके दर्शन करने के लिए बेताब हैं, पर आप क्या जानते हैं कि प्रेमानंद जी से मिलने के क्या नियम है।

राधा रानी की भक्ति में लीन रहते हैं प्रेमानंद जी महाराज
प्रेमानंद जी का जन्म भारत के एक साधारण परिवार में हुआ था, और उनके जीवन के प्रारंभिक वर्षों में ही उनका ध्यान भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की भक्ति की ओर आकर्षित हो गया था। बाल्यकाल से ही वे धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रूचि रखते थे और धीरे-धीरे उन्होंने भक्ति मार्ग को अपनाया। प्रेमानंद जी ने राधा रानी को सिर्फ एक देवी के रूप में नहीं, बल्कि अपने जीवन के सर्वस्व के रूप में पूजा। उनका मानना है कि राधा रानी ही भगवान श्रीकृष्ण की परम शक्ति और प्रेम की मूर्ति हैं। उनके अनुसार, राधा रानी की कृपा के बिना श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त नहीं की जा सकती।
प्रेमानंद महाराज जी से कैसे मिलें?
अगर आप प्रेमानंद महाराज के दर्शन करना चाहते हैं, तो आपको रात करीब 2:30 बजे उनके आश्रम श्री राधाकेली कुंज के पास पहुंचना पड़ेगा। वह वह रोजाना अपने निवास स्थान से आश्रम पैदल चल कर आते हैं। प्रेमानंद महाराज का आश्रम इस्कॉन मंदिर के पास परिक्रमा रोड पर भक्तिवेदनता हॉस्पिटल के ठीक सामने है। हर रोज हजारों की संख्या में श्रद्धालु महाराज उनके दर्शन के लिए आते हैं। आश्रम में हर दिन सुबह 9:30 बजे महाराज के शिष्यों द्वारा अलग अलग टोकन प्रदान किए जाते है। इसी टोकन की मदद से अगले दिन महाराज के दर्शन होते हैं।

प्रेमानंद जी से कैसे पूछ सकते हैं प्रश्न?
अकेले में बातचीत करने के लिए आपको सुबह के 6:30 बजे आश्रम आना होता है। आप यहां तकरीबन एक घंटे तक प्रेमानंद जी से प्रश्न पूछ सकते हैं। एक टोकन आपको 7:30 बजे ले सकते हैं जहां आप महाराज जी को प्रणाम करके दर्शन कर सकते। यहां आप महाराज जी से एकांतिक वार्तालाप कर सकते हैं। बता दे कि उनसे मुलाकात करने के लिए आपको किसी भी प्रकार का कांटेक्ट नंबर नहीं मिलेगा, क्योंकि अभी तक महाराज जी से मुलाकात या फिर कांटेक्ट करने हेतु कोई भी सार्वजनिक नंबर जारी नहीं किया गया है।
प्रेमानंद जी महाराज से सीख
प्रेमानंद जी महाराज की भक्ति का केंद्र राधा रानी थीं, और उनके जीवन का हर पल राधा रानी की सेवा और प्रेम में समर्पित था। उनकी साधना, तपस्या, और भजन-कीर्तन ने उन्हें राधा रानी के सबसे बड़े भक्तों में से एक बना दिया। उनके जीवन से हमें यह सिखने को मिलता है कि जब हम किसी ईश्वर या देवी-देवता के प्रति सच्चे प्रेम और समर्पण से भक्ति करते हैं, तो वह हमें अपनी कृपा से जीवन की हर कठिनाई से पार कराते हैं और हमें मोक्ष के मार्ग पर ले जाते हैं।

