इस राज्य में नदियों में गणेश प्रतिमा विसर्जन की नहीं मिलेगा इजाजत, अगले साल से कड़ें होंगे नियम
punjabkesari.in Friday, Sep 18, 2026 - 11:59 AM (IST)
नारी डेस्क: तमिलनाडु सरकार ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को भरोसा दिलाया है कि अगले साल से चेन्नई के फोरशोर एस्टेट और नीलांकरई बीच पर गणेश प्रतिमा विसर्जन की इजाजत नहीं होगी। यह कदम ट्रिब्यूनल द्वारा इन तटीय इलाकों में प्रतिमा विसर्जन को लेकर चिंता जताए जाने के बाद उठाया गया है, क्योंकि ये इलाके पर्यावरण के लिहाज़ से संवेदनशील माने जाते हैं।
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पर्यावरण को रहा नुकसान
NGT के सामने दायर याचिका में प्लास्टर ऑफ़ पेरिस (PoP), केमिकल वाले पेंट और अन्य ऐसी चीज़ों से बनी प्रतिमाओं से होने वाले संभावित प्रदूषण की ओर ध्यान दिलाया गया था, जो आसानी से नष्ट नहीं होतीं। पानी में विसर्जित होने पर ये चीजें पानी की गुणवत्ता और जलीय जीवन पर बुरा असर डाल सकती हैं। याचिकाकर्ता ने अस्थायी कृत्रिम तालाब बनाने का सुझाव भी दिया है, जहां भक्त प्राकृतिक जल स्रोतों को नुकसान पहुंचाए बिना मूर्तियों का विसर्जन कर सकें।
ट्रैफ़िक और भीड़ की भी समस्या
राज्य ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट, मद्रास हाई कोर्ट और NGT द्वारा जारी निर्देशों और दिशानिर्देशों का पालन करते हुए प्राकृतिक जल निकायों में इस प्रथा को खत्म करने की दिशा में काम करेगा। उम्मीद है कि सरकार ट्रिब्यूनल के समक्ष एक हलफनामे में इस योजना का और विवरण देगी। हालांकि, प्रस्तावित पाबंदियों के साथ कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी हैं। ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़ी संख्या में मूर्तियों और जुलूसों को नई जगहों पर ले जाने से कानून-व्यवस्था, ट्रैफ़िक और भीड़-प्रबंधन की समस्याएं पैदा हो सकती हैं। कॉर्पोरेशन ने लगभग 450 मूर्तियों को पलावक्कम बीच से कोवलम और लगभग 250 मूर्तियों को पट्टिनापक्कम से एन्नोर ले जाने का प्रस्ताव दिया है।
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पहले ही लग चुकी हैं कई तरह की पाबंदियां
अधिकारी ऐसे वैकल्पिक तालाबों और झीलों पर भी विचार कर रहे हैं जिनका इस्तेमाल इस रस्म के लिए किया जा सके और साथ ही पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को भी कम किया जा सके। NGT ने तमिलनाडु सरकार से कहा है कि वह अपने प्रस्तावित उपायों को एक हलफनामे में बताए। इस साल के जश्न के लिए, अधिकारी पहले से ही चेन्नई के कुछ समुद्र तटों पर लगी पाबंदियों से निपट रहे हैं और विसर्जन के लिए वैकल्पिक जगहों की तलाश कर रहे हैं।

