विकसित भारत के लिए PM मोदी का बड़ा विजन, जानिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ की 7 शक्तियां
punjabkesari.in Saturday, Aug 15, 2026 - 01:43 PM (IST)
नारी डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को लेकर कई अहम बातें कहीं और देश के विकास की दिशा के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का विजन सामने रखा। प्रधानमंत्री ने इन सात धाराओं को भारत की ताकत और आने वाले समय में देश को नई गति देने वाले प्रमुख क्षेत्रों के रूप में बताया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं खाद्य उत्पादन, टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी और भारत का सॉफ्ट पावर ये सात क्षेत्र भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’?
‘शक्ति की सप्तधारा’ को आसान भाषा में भारत के विकास की सात प्रमुख धाराओं या शक्तियों के रूप में समझा जा सकता है। पीएम मोदी ने लाल किले से देशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में सामर्थ्य बढ़ाकर भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाना होगा।

मैन्युफैक्चरिंग पावर
सप्तधारा की पहली शक्ति मैन्युफैक्चरिंग है। प्रधानमंत्री ने भारत को केवल बाजार के तौर पर नहीं, बल्कि दुनिया के लिए एक मजबूत उत्पादन केंद्र बनाने पर जोर दिया। भारत को डिजाइन से लेकर उत्पादन तक पूरी वैल्यू चेन मजबूत करने की जरूरत है, ताकि देश वैश्विक सप्लाई चेन में एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में अपनी जगह और मजबूत कर सके।
कृषि और खाद्य उत्पादन
दूसरी धारा कृषि और खाद्य उत्पादन है। पीएम मोदी ने किसानों और कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने भारतीय मसालों, मिलेट्स, पारंपरिक खाद्य पदार्थों, फल-सब्जियों और फूलों को वैश्विक ब्रांड बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही। मुक्त व्यापार समझौतों यानी FTAs से खुलने वाले नए बाजारों को भारतीय किसानों और MSMEs के लिए अवसर के तौर पर इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया।
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन
तीसरी शक्ति है टेक्नोलॉजी और इनोवेशन। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों की ओर बढ़ रही है। भारत को इन उभरती तकनीकों में अपनी क्षमता बढ़ाकर ग्लोबल इनोवेशन हब बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। प्रधानमंत्री ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और UPI जैसी तकनीकी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।
गति शक्ति और तेज कनेक्टिविटी
सप्तधारा की चौथी शक्ति गति शक्ति है। इसका फोकस देश में तेज, बेहतर और निर्बाध कनेक्टिविटी तथा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर है। हाई-स्पीड रेल, बेहतर परिवहन व्यवस्था और पोर्ट-लेड डेवलपमेंट जैसी सुविधाओं को बढ़ावा देकर देश की आर्थिक गतिविधियों को और गति देने पर जोर दिया गया।

रक्षा शक्ति
पांचवीं धारा रक्षा शक्ति है। प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भारत की रणनीतिक ताकत से जोड़ते हुए देश में अत्याधुनिक रक्षा तकनीक विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने हाइपरसोनिक तकनीक, ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम जैसी आधुनिक क्षमताओं की दिशा में भारत की प्रगति का उल्लेख किया। रक्षा उत्पादन बढ़ाने और भारत को वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश भी दिया गया।
ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी
छठी शक्ति ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी है। इसमें स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन टेक्नोलॉजी और समुद्र से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को महत्वपूर्ण माना गया है। ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी और ऊर्जा भंडारण के साथ-साथ मत्स्य पालन, समुद्री तकनीक और तटीय अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में भारत की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
भारत का सॉफ्ट पावर
सप्तधारा की सातवीं और बेहद खास शक्ति है भारत का सॉफ्ट पावर। इसमें भारत की संस्कृति, योग, आयुर्वेद, कला, फिल्म, क्रिएटिव इंडस्ट्री, VFX, एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट जैसी क्षमताएं शामिल हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत को अपनी सांस्कृतिक और रचनात्मक ताकत को वैश्विक स्तर पर पहुंचाना चाहिए। योग ने दुनिया को भारत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और अब भारतीय क्रिएटिव इंडस्ट्री को भी वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है।
‘विकसित भारत@2047’ के लिए क्यों अहम है सप्तधारा?
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में ‘शक्ति की सप्तधारा’ सिर्फ सात क्षेत्रों की सूची नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक, तकनीकी, सामरिक, पर्यावरणीय और सांस्कृतिक ताकत को एक साथ आगे बढ़ाने का विजन है। मैन्युफैक्चरिंग से रोजगार और उत्पादन, कृषि से वैश्विक बाजार, टेक्नोलॉजी से इनोवेशन, गति शक्ति से कनेक्टिविटी, रक्षा से आत्मनिर्भरता, ग्रीन- ब्लू इकोनॉमी से टिकाऊ विकास और सॉफ्ट पावर से वैश्विक सांस्कृतिक प्रभाव बढ़ाने की दिशा इसमें दिखाई देती है।
युवाओं की भूमिका भी अहम
पीएम मोदी ने अपने भाषण में युवाओं को विकसित भारत के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया। टेक्नोलॉजी और AI जैसे क्षेत्रों में युवाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए उन्होंने एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग जैसी घोषणाएं भी कीं।

