लगातार थकान और बार-बार बुखार को न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं इस कैंसर के संकेत
punjabkesari.in Sunday, Feb 08, 2026 - 02:15 PM (IST)
नारी डेस्क : लगातार थकान, कमजोरी या बार-बार बुखार आने को अक्सर लोग बदलती लाइफस्टाइल या मौसम का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो ये लक्षण कभी-कभी ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के शुरुआती संकेत भी हो सकते हैं। ऐसे में समय रहते इन चेतावनी संकेतों को पहचानना और जांच कराना इलाज की सफलता के लिए बेहद जरूरी होता है।
धीरे-धीरे शरीर को कमजोर करता है ब्लड कैंसर
ब्लड कैंसर आमतौर पर अचानक तेज लक्षणों के साथ सामने नहीं आता। यह धीरे-धीरे शरीर के अंदर असर डालता है। ल्यूकेमिया, लिंफोमा और मल्टीपल मायलोमा जैसे ब्लड कैंसर बोन मैरो में शुरू होते हैं, जहां खून की कोशिकाएं बनती हैं। समय के साथ ये शरीर की सामान्य कार्यक्षमता को प्रभावित करने लगते हैं।

शुरुआती पहचान क्यों है जरूरी?
डॉक्टर के अनुसार, अगर ब्लड कैंसर की पहचान शुरुआती स्टेज में हो जाए, तो इलाज काफी हद तक आसान हो जाता है। समय रहते बीमारी पकड़ में आने से इलाज की सफलता बढ़ती है और ब्लड स्टेम सेल ट्रांसप्लांट जैसे अहम विकल्पों की संभावना भी मजबूत होती है।
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लगातार थकान को न समझें सामान्य
अगर बिना ज्यादा काम किए भी
लगातार कमजोरी
थकान
सांस फूलना।

आराम करने के बाद भी एनर्जी वापस न आना
जैसी समस्याएं बनी रहें, तो यह चेतावनी संकेत हो सकता है। डॉक्टर बताते हैं कि ब्लड कैंसर में शरीर पर्याप्त स्वस्थ रेड ब्लड सेल्स नहीं बना पाता, जिससे एनीमिया हो जाता है और इसी कारण अत्यधिक थकान महसूस होती है।
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बार-बार बुखार या इंफेक्शन
कमजोर इम्यून सिस्टम भी ब्लड कैंसर का एक बड़ा संकेत हो सकता है।
अगर बार-बार सर्दी-खांसी
बार-बार बुखार
छोटे इंफेक्शन का जल्दी गंभीर हो जाना
देखने को मिले, तो यह दर्शाता है कि शरीर की व्हाइट ब्लड सेल्स सही तरह से काम नहीं कर पा रही हैं।
बिना वजह खून आना या जल्दी चोट लगना
नाक या मसूड़ों से खून आना, हल्की चोट में भी ज्यादा नीला पड़ जाना या त्वचा पर छोटे-छोटे लाल या बैंगनी दाग दिखना प्लेटलेट्स की कमी का संकेत हो सकता है। ल्यूकेमिया में ये लक्षण आम हैं, लेकिन अधिकतर लोग इन्हें मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

वजन घटना, रात में पसीना और गांठें
अगर बिना डाइट या एक्सरसाइज के वजन तेजी से घटे
रात में अत्यधिक पसीना आए
गर्दन, बगल या जांघ में दर्द रहित गांठ महसूस हो
तो सतर्क हो जाना चाहिए। ये लक्षण खासतौर पर लिंफोमा से जुड़े हो सकते हैं।
वहीं हड्डियों, रीढ़ या पसलियों में लगातार दर्द मल्टीपल मायलोमा का संकेत हो सकता है।
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स्टेम सेल ट्रांसप्लांट बन सकता है इलाज की उम्मीद
ब्लड कैंसर के कई मामलों में ब्लड स्टेम सेल ट्रांसप्लांट एक प्रभावी इलाज माना जाता है। इसमें खराब बोन मैरो की जगह स्वस्थ स्टेम सेल्स दी जाती हैं, जिससे नया खून और मजबूत इम्यून सिस्टम तैयार होता है।
लगातार थकान, बार-बार बुखार या शरीर में दिखने वाले ये संकेत अगर लंबे समय तक बने रहें, तो इन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। समय रहते डॉक्टर से संपर्क करना और जरूरी जांच कराना ही ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।

