इस राज्य ने बीड़ी-सिगरेट, गुटखा और तंबाकू पर लगाया पूरी तरह बैन, बेचने पर होगी सख्त कार्रवाई
punjabkesari.in Friday, Jan 23, 2026 - 05:36 PM (IST)
नारी डेस्क : ओडिशा में तंबाकू और निकोटिन से बने उत्पादों पर सरकार ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। राज्य में अब बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, पान मसाला, खैनी, जर्दा और तंबाकू जैसे सभी उत्पादों की बिक्री, भंडारण और उत्पादन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल दुकानदारों के सामने खड़ा हो गया है। क्या दुकानों में पड़ा पुराना स्टॉक भी अब बेचना गैरकानूनी हो गया है?
ओडिशा में तंबाकू पर क्यों लगाया गया पूरा बैन?
ओडिशा सरकार ने 21 जनवरी को एक सख्त नोटिफिकेशन जारी करते हुए सभी निकोटिन युक्त उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट और FSSAI (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की गाइडलाइंस के तहत लिया गया है। सरकार का मकसद लोगों को तंबाकू से होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाना है।

किन-किन उत्पादों पर लागू होगा प्रतिबंध?
यह प्रतिबंध राज्य में मुंह से इस्तेमाल होने वाले सभी तंबाकू और निकोटिन युक्त उत्पादों पर लागू होगा। इसके तहत गुटखा, पान मसाला, जर्दा, खैनी, तंबाकू और निकोटिन मिला कोई भी खाद्य पदार्थ प्रतिबंधित रहेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह रोक पैकेज्ड और खुले में बिकने वाले, फ्लेवर्ड या बिना फ्लेवर सभी तरह के उत्पादों पर समान रूप से लागू होगी। यहां तक कि वे उत्पाद भी बैन के दायरे में आएंगे, जिन्हें अलग-अलग पैकेट में बेचकर बाद में मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है।
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क्या दुकानदार पुराना स्टॉक बेच सकते हैं?
इस फैसले के बाद दुकानदारों की सबसे बड़ी चिंता यही है। लेकिन सरकार की गाइडलाइन बिल्कुल साफ है।
बैन लागू होने के बाद न तो नया और न ही पुराना कोई भी स्टॉक बेचा जा सकता है।
दुकानों में पहले से रखा तंबाकू या गुटखा भी अब बेचना गैरकानूनी होगा।
सिर्फ बिक्री ही नहीं, भंडारण करना भी अपराध की श्रेणी में आएगा।
सरकार ने इतना सख्त कदम क्यों उठाया?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, तंबाकू और निकोटिन से बने उत्पाद कैंसर की प्रमुख वजहों में शामिल हैं। इनके नियमित सेवन से मुंह, गला, फेफड़े, पेट और किडनी जैसे अहम अंगों में कैंसर होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) पहले ही तंबाकू को कैंसरकारी पदार्थ घोषित कर चुकी हैं।

ओडिशा में स्थिति कितनी गंभीर है?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ओडिशा में 42% से ज्यादा वयस्क स्मोकलेस तंबाकू का सेवन करते हैं।
यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना है
बच्चे और युवा सबसे ज्यादा इसकी चपेट में हैं
कम उम्र में शुरू हुई यह लत भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन रही है।
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किस कानून के तहत लगाया गया बैन?
यह प्रतिबंध खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (Food Safety and Standards Act) के तहत लागू किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और सजा तक का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह फैसला व्यापार को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा के लिए लिया गया है।

