दुनिया के लिए हीरो...' नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर दिया खास न्योता
punjabkesari.in Sunday, Oct 04, 2026 - 12:27 PM (IST)
नारी डेस्क: फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए खौफनाक कॉकपिट हमले के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार लगातार सुर्खियों में हैं। मुश्किल हालात में घायल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिससे क्रू और यात्रियों को हमलावर को काबू करने में मदद मिली। अब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से बात कर उनकी बहादुरी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने स्मित मच्छार को भारत, इजरायल और पूरी दुनिया का हीरो बताया और उन्हें इजरायल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का न्योता दिया।
नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को दिया खास सम्मान
नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से बातचीत के दौरान कहा कि वह उन्हें इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करना चाहते हैं। यह इजरायल के राष्ट्रीय समारोह में दिया जाने वाला एक बड़ा सम्मान माना जाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस समारोह में शामिल होने का न्योता दिया है। नेतन्याहू ने बातचीत में स्मित की बहादुरी की तारीफ करते हुए उन्हें भारत, इजरायल और पूरी दुनिया का हीरो बताया। हालांकि, इजरायल में मशाल जलाने वालों का अंतिम चयन एक तय प्रक्रिया के तहत होता है, इसलिए नेतन्याहू का यह न्योता फिलहाल उनके सम्मान और समारोह में शामिल होने के प्रस्ताव के तौर पर देखा जा रहा है।
इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कैप्टन स्मिथ को इजरायल आने का न्योता दिया... कैप्टन स्मिथ को कहा हीरो... https://t.co/nRtKkKqYhP
— Mahima Singh (@MahimaS45382990) October 4, 2026
30 सितंबर को फ्लाइट में हुआ था खौफनाक हमला
यह पूरा मामला 30 सितंबर का है। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी और उसमें 170 से ज्यादा लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके ओमानी सह-पायलट ने कथित तौर पर हमला कर दिया। जांच के मुताबिक हमले में कॉकपिट में मौजूद क्रैश ऐक्स का इस्तेमाल किया गया था। हमले के दौरान विमान अचानक काफी तेजी से नीचे आया। स्थिति बिगड़ने के बाद कैप्टन स्मित घायल अवस्था में भी विमान को बचाने की कोशिश करते रहे। आखिरकार उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद अन्य क्रू सदस्यों और यात्रियों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद मिली। विमान की सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

नेतन्याहू को सुनाई पूरी घटना
बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से उस रात का पूरा घटनाक्रम भी जाना। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्मित ने बताया कि सह-पायलट के कॉकपिट से बाहर जाने के बाद उन पर अचानक हमला हुआ। शुरुआत में उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर हो क्या रहा है। जब लगातार चोटें लगीं, तब उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ बैठे व्यक्ति ने ही हमला किया है। स्मित ने बताया कि शुरुआती चोटों के कारण उन्हें ठीक से दिखाई भी नहीं दे रहा था। इसके बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और कॉकपिट का दरवाजा खोलने का फैसला किया। उन्हें पता था कि अगर उन्होंने उस समय कुछ नहीं किया तो विमान में मौजूद दूसरे लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।
'आपने बहुत से लोगों की जान बचाई'
कैप्टन की पूरी बात सुनने के बाद नेतन्याहू ने उनकी हिम्मत और मुश्किल परिस्थिति में शांत रहकर फैसला लेने की क्षमता की तारीफ की। उन्होंने कहा कि स्मित ने बहुत से लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। इस घटना के बाद भारत और इजरायल दोनों जगह कैप्टन स्मित की बहादुरी की चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे बातचीत कर उनके साहस की तारीफ की है।

अभी जांच जारी है
फ्लाइट में हुए इस हमले के पीछे की वजह और सह-पायलट के मकसद को लेकर जांच जारी है। संदिग्ध सह-पायलट को हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच में कई एजेंसियां शामिल हैं। इसलिए घटना के पीछे की अंतिम वजह को लेकर अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

