नाग पंचमी पर इन 7 नागों के नाम लेने से दूर होगा सर्प दोष

punjabkesari.in Monday, Aug 17, 2026 - 05:39 PM (IST)

नारी डेस्क : नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने की परंपरा है। सनातन धर्म की पौराणिक कथाओं और लोकमान्यताओं में कई नागों को विशेष स्थान दिया गया है। मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन प्रमुख नाग देवताओं का स्मरण और पूजा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में अनंत (शेषनाग), वासुकि, तक्षक, कर्कोटक, पद्म, महापद्म और शंखपाल जैसे नागों का विशेष उल्लेख मिलता है। हालांकि, इनका नाम लेने मात्र से कालसर्प दोष निश्चित रूप से समाप्त हो जाता है।

अनंत या शेषनाग

नागों में अनंत यानी शेषनाग का विशेष स्थान माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शय्या पर विश्राम करते हैं। शेषनाग को अनंतता और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। नाग पंचमी पर शेषनाग का स्मरण करते हुए परिवार की सुख-शांति और सुरक्षा की कामना की जाती है।

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वासुकि नाग

वासुकि नाग का उल्लेख समुद्र मंथन की पौराणिक कथा में मिलता है। कथा के अनुसार देवताओं और असुरों ने समुद्र मंथन के लिए वासुकि नाग को रस्सी के रूप में इस्तेमाल किया था। भगवान शिव से भी वासुकि नाग का संबंध बताया जाता है। इसी वजह से शिव भक्तों के लिए वासुकि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

तक्षक नाग

पौराणिक कथाओं में तक्षक नाग को शक्तिशाली नागों में गिना गया है। महाभारत के आदिपर्व में राजा परीक्षित और तक्षक से जुड़ी कथा का उल्लेख मिलता है।  धार्मिक परंपरा में तक्षक का नाम नाग पंचमी पर स्मरण किए जाने वाले प्रमुख नागों में लिया जाता है।

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कर्कोटक नाग

कर्कोटक नाग का संबंध राजा नल की प्रसिद्ध पौराणिक कथा से बताया जाता है। मान्यता के अनुसार कर्कोटक ने राजा नल की सहायता की थी। इसी वजह से लोकमान्यताओं में कर्कोटक नाग को संकट और विपरीत परिस्थितियों से रक्षा से जोड़कर देखा जाता है।

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पद्म नाग

पद्म नाग का उल्लेख नागों की प्रमुख परंपरा में मिलता है। धार्मिक मान्यताओं में इन्हें नागलोक से जुड़े प्रमुख नागों में माना जाता है। नाग पंचमी के अवसर पर पद्म नाग का स्मरण करते हुए सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है।

महापद्म नाग

महापद्म नाग का नाम भी प्रमुख नागों में लिया जाता है। पौराणिक परंपराओं में इनका संबंध नागलोक और समृद्धि से जोड़ा गया है। लोकमान्यता के अनुसार व्यापार और आर्थिक उन्नति की कामना करने वाले लोग नाग देवता की पूजा करते हैं।

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शंखपाल नाग

शंखपाल नाग का उल्लेख भी नागों की धार्मिक परंपरा में मिलता है। कुछ लोकमान्यताओं में इन्हें सुरक्षा और न्याय से जोड़कर देखा जाता है। नाग पंचमी पर शंखपाल नाग का स्मरण करते हुए व्यक्ति अपने जीवन में आने वाली परेशानियों से मुक्ति और सुरक्षा की प्रार्थना कर सकता है।

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नाग पंचमी पर कैसे करें नाग देवताओं का स्मरण?

नाग पंचमी के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान शिव तथा नाग देवता की पूजा करें। इसके बाद श्रद्धापूर्वक प्रमुख नागों का स्मरण किया जा सकता है। अनंत, वासुकि, तक्षक, कर्कोटक, पद्म, महापद्म और शंखपाल के नाम लेकर भगवान शिव से परिवार की सुख-शांति और मंगल की प्रार्थना करें। ध्यान रखें कि पूजा-पाठ की विधि अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों की परंपराओं के अनुसार अलग हो सकती है।

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क्या इन सात नागों का नाम लेने से कालसर्प दोष खत्म हो जाता है?

कालसर्प दोष को लेकर अलग-अलग ज्योतिषीय मत और परंपराएं हैं। कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं में नाग देवताओं की पूजा, भगवान शिव का अभिषेक और नाग पंचमी पर विशेष पूजा को इससे संबंधित उपायों में शामिल किया जाता है। लेकिन केवल सात नागों के नाम लेने से कालसर्प दोष निश्चित रूप से समाप्त हो जाएगा, ऐसा दावा सभी शास्त्रों में समान रूप से स्वीकार नहीं किया गया है। इसलिए इसे धार्मिक आस्था के रूप में लें और किसी भी ज्योतिषीय उपाय को अपनाने से पहले योग्य ज्योतिषाचार्य से सलाह लेना बेहतर है।


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Monika

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