पिता से आखिरी कॉल में बोला– “मैं डूब रहा हूं, मुझे बचा लीजिए”, घनी धुंध बनी मौत की वजह
punjabkesari.in Sunday, Jan 18, 2026 - 04:02 PM (IST)
नारी डेस्क: ग्रेटर नोएडा में घनी धुंध और जीरो विजिबिलिटी एक युवक के लिए जानलेवा साबित हुई। गुरुग्राम के रहने वाले 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार रास्ता न दिखने के कारण नाले की बाउंड्री से टकराकर करीब 70 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। कार में पानी भर जाने से युवराज की मौके पर ही डूबकर मौत हो गई।
कैसे हुआ हादसा
यह दर्दनाक हादसा बीती रात ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 इलाके में हुआ। युवराज मेहता गुरुग्राम से अपने घर लौट रहे थे। घनी धुंध के कारण सड़क पर कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। इसी दौरान उनकी कार जल निकासी बेसिन (नाले) की बाउंड्री से टकरा गई और सीधे नीचे गहरे गड्ढे में जा गिरी।
#WATCH | Visuals of the drain at the Sector-150 interVisuals of the drain at the Sector-150 intersection, where a car fell in after it broke through the boundary wall, resulting in the death of Yuvraj, age 27, resident of Sector-150, Noida, Gautam Buddh Nagar. pic.twitter.com/vRWkjoQVIm
— ANI (@ANI) January 18, 2026
लोगों ने सुनी चीखें, लेकिन कुछ दिखा नहीं
हादसे के समय आसपास मौजूद लोगों ने कार गिरने की आवाज और युवक की चीखें सुनीं, लेकिन घनी धुंध के कारण कुछ भी दिखाई नहीं दिया। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और कार से युवक को निकालने की कोशिश की, लेकिन गड्ढा बहुत गहरा और पानी से भरा होने के कारण वे सफल नहीं हो सके।
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पिता को किया आखिरी फोन
नॉलेज पार्क थाना प्रभारी सर्वेश कुमार ने बताया कि हादसे के बाद युवराज ने अपने पिता राजकुमार को फोन किया था। कॉल पर युवराज ने कहा, “मैं डूब रहा हूं, मैं मरना नहीं चाहता, मुझे आकर बचा लीजिए।” यह सुनते ही पिता घबरा गए और बेटे का नंबर ट्रेस करते हुए मौके पर पहुंचे। बेटे की हालत की जानकारी सुनकर वे बेहोश हो गए। जब उन्हें होश आया, तब तक पुलिस युवराज का शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप चुकी थी।
5 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
पुलिस ने गोताखोरों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम की मदद से करीब 5 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद कार को गड्ढे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक युवराज की मौत हो चुकी थी।
लोगों में गुस्सा, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि सड़क पर न तो रिफ्लेक्टर लगे थे और न ही कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा घेराबंदी थी। धुंध में सड़क और नाले का अंदाजा लगाना मुश्किल था।
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पिता ने दर्ज कराई शिकायत
मृतक के पिता राजकुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने युवराज की मौत के लिए सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। शिकायत में कहा गया है कि सर्विस रोड पर रिफ्लेक्टर नहीं लगे थे ।नालों को खुला छोड़ा गया था। कोई साइनबोर्ड या चेतावनी संकेत नहीं थे। उन्होंने इलाके में रिफ्लेक्टर, साइनबोर्ड और नालों को कवर करने की मांग की है।
A delivery guy who witnessed it says Yuvraj kept struggling after his car fell into the pit in Noida.
— Maria Khan (@mariakhan_11) January 18, 2026
Officials were present.
No one went in.
"Cold water", they said.
He didn’t come out. pic.twitter.com/cnVIO8hC4i
विरोध के बाद गड्ढा भरा गया
लोगों के विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने आनन-फानन में उस गड्ढे को कूड़े से भरवा दिया। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा, खराब व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े करता है। अगर समय रहते सड़क पर सुरक्षा इंतजाम होते, तो शायद एक युवा की जान बचाई जा सकती थी।

