अब पुरुषों के लिए आएगी गर्भनिरोधक गोली! जानें कैसे करेगी काम और कब लेनी होगी
punjabkesari.in Sunday, Nov 01, 2026 - 12:37 PM (IST)
नारी डेस्क : अब तक गर्भनिरोध की जिम्मेदारी मुख्य रूप से महिलाओं पर रही है, लेकिन जल्द ही पुरुषों के पास भी एक नया विकल्प हो सकता है। अमेरिका के वीइल कॉर्नेल मेडिसिन के वैज्ञानिक एक ऐसी गर्भनिरोधक गोली विकसित कर रहे हैं, जो बिना हार्मोन में बदलाव किए कुछ समय के लिए स्पर्म की मूवमेंट को रोक सकती है। खास बात यह है कि इस गोली को रोजाना लेने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि इसे शारीरिक संबंध बनाने से करीब 30 मिनट पहले लेने की योजना है। इस एक्सपेरिमेंटल गोली को लेकर अक्टूबर 2026 में एक अहम अपडेट सामने आया है। रिसर्च टीम को अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) से चार साल के लिए 8.2 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिली है, जिससे दवा की सुरक्षा और टॉक्सिसिटी से जुड़े परीक्षण आगे बढ़ाए जाएंगे। हालांकि, यह गोली अभी रिसर्च के चरण में है और इंसानों पर इसके ट्रायल होने बाकी हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर यह दवा सुरक्षित और असरदार साबित होती है, तो भविष्य में गर्भनिरोध की जिम्मेदारी केवल महिलाओं तक सीमित न रहकर दोनों पार्टनर के बीच साझा हो सकेगी।
कैसे काम करेगी पुरुषों की यह गर्भनिरोधक गोली?
वीइल कॉर्नेल मेडिसिन के वैज्ञानिक ऐसी दवा विकसित कर रहे हैं, जो शरीर में मौजूद एक खास एंजाइम को टारगेट करती है। इसे सॉल्युबल एडेनिलेट साइक्लेज यानी sAC कहा जाता है। यह एंजाइम स्पर्म की मूवमेंट और अंडे तक पहुंचने की क्षमता के लिए जरूरी होता है। प्रयोग के तौर पर तैयार की गई दवा इस एंजाइम की गतिविधि को कुछ समय के लिए रोकती है। इसके कारण स्पर्म सामान्य तरीके से तैरकर आगे नहीं बढ़ पाते और उनकी अंडे तक पहुंचने की क्षमता प्रभावित होती है। इस तरह प्रेग्नेंसी की संभावना कम करने का प्रयास किया जा रहा है। इस तरीके की खास बात यह है कि यह पुरुषों के हार्मोन को दबाने के बजाय सीधे स्पर्म की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है।

शारीरिक संबंध से 30 मिनट पहले लेनी होगी गोली?
वीइल कॉर्नेल मेडिसिन के वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस दवा को जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करने के लिए विकसित किया जा रहा है। इसकी प्रस्तावित खुराक शारीरिक संबंध बनाने से करीब 30 मिनट पहले लेने की होगी। रिसर्च टीम के अनुसार, इसका असर लगभग 6 से 8 घंटे तक रह सकता है। इसका मतलब है कि भविष्य में अगर यह दवा इंसानों में सुरक्षित और असरदार साबित होती है, तो पुरुषों को गर्भनिरोध के लिए रोजाना गोली लेने की जरूरत नहीं पड़ सकती। हालांकि, 30 मिनट में असर शुरू होने और 6 से 8 घंटे तक सुरक्षा मिलने की बात अभी रिसर्च टीम की ओर से बताई गई संभावित विशेषताएं हैं। इंसानों में इसकी वास्तविक प्रभावशीलता क्लिनिकल ट्रायल के बाद ही स्पष्ट होगी।
क्या यह गोली स्पर्म बनना बंद कर देगी?
नहीं, इस दवा का उद्देश्य पुरुषों में स्पर्म का बनना बंद करना नहीं है। यह कुछ समय के लिए स्पर्म की मूवमेंट को प्रभावित करने का काम करती है। यानी शरीर में स्पर्म बनते रह सकते हैं, लेकिन दवा के असर के दौरान उनके तैरकर आगे बढ़ने की क्षमता कम हो सकती है। वैज्ञानिकों के लिए यह साबित करना भी जरूरी होगा कि दवा का असर खत्म होने के बाद स्पर्म की सामान्य गतिविधि और पुरुषों की फर्टिलिटी वापस आ जाती है।
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क्या इस गोली का परीक्षण इंसानों पर हो चुका है?
फिलहाल इस दवा को आम इस्तेमाल के लिए मंजूरी नहीं मिली है। साल 2023 में प्रकाशित रिसर्च में वैज्ञानिकों ने sAC को ब्लॉक करने वाले कंपाउंड का परीक्षण चूहों पर किया था। नतीजों में पाया गया कि दवा देने के बाद चूहों के स्पर्म की मूवमेंट प्रभावित हुई और परीक्षण के दौरान गर्भधारण नहीं हुआ। दवा का असर खत्म होने के बाद उनकी फर्टिलिटी वापस आ गई। अब रिसर्च टीम को मिली नई फंडिंग से दवा की टॉक्सिसिटी और सेफ्टी से जुड़े परीक्षण आगे बढ़ाए जाएंगे। इसके बाद स्वस्थ पुरुषों पर पहले चरण का क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा।

फर्टिलिटी पर क्या पड़ सकता है असर?
इस तरह की गर्भनिरोधक दवा के विकास में सबसे अहम सवाल यह है कि इसका असर अस्थायी होगा या नहीं। वैज्ञानिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि दवा का प्रभाव खत्म होने के बाद स्पर्म की सामान्य मूवमेंट वापस आ जाए। इसके अलावा बार-बार दवा लेने पर शरीर पर क्या असर पड़ता है, इसकी सही खुराक कितनी होनी चाहिए और लंबे समय तक इस्तेमाल करने से फर्टिलिटी प्रभावित तो नहीं होती, इन सभी सवालों के जवाब परीक्षणों के जरिए तलाशे जाएंगे।
क्या यह प्रेग्नेंसी रोकने में पूरी तरह असरदार होगी?
अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह गोली इंसानों में प्रेग्नेंसी को कितनी प्रभावी तरीके से रोक पाएगी। जानवरों पर मिले अच्छे नतीजे इंसानों में भी उसी तरह के परिणाम की गारंटी नहीं देते। क्लिनिकल ट्रायल के दौरान वैज्ञानिक यह जांचेंगे कि दवा लेने के बाद स्पर्म की मूवमेंट कितनी प्रभावित होती है, इसका असर कितनी देर तक रहता है और क्या यह गर्भधारण रोकने के लिए पर्याप्त है।
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गर्भनिरोध की जिम्मेदारी में आ सकता है बदलाव
अगर यह गोली आगे चलकर सुरक्षित और प्रभावी साबित होती है, तो पुरुषों के लिए गर्भनिरोध का एक नया विकल्प उपलब्ध हो सकता है। फिलहाल पुरुषों के पास मुख्य रूप से कंडोम और नसबंदी जैसे विकल्प हैं। वहीं, महिलाओं के लिए कई तरह के गर्भनिरोधक तरीके उपलब्ध हैं, जिनमें कुछ हार्मोन से जुड़े होते हैं।
ऐसी गोली आने से कपल्स को परिवार नियोजन के लिए एक और विकल्प मिल सकता है और गर्भनिरोध की जिम्मेदारी दोनों पार्टनर के बीच साझा हो सकती है।

क्या यह गोली यौन संक्रमण से भी बचाएगी?
नहीं। इस दवा का उद्देश्य केवल गर्भधारण को रोकना है। यह HIV समेत अन्य यौन संचारित संक्रमणों (STIs) से सुरक्षा नहीं देगी। इन संक्रमणों से बचाव के लिए कंडोम का इस्तेमाल जरूरीरहेगा।
नोट : पुरुषों के लिए यह गर्भनिरोधक गोली अभी रिसर्च के चरण में है। इसे बाजार में आने या इस्तेमाल करने की मंजूरी नहीं मिली है। इसलिए फिलहाल इसे गर्भनिरोध के मौजूदा तरीकों का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

