वजन घटाने के साथ-साथ शरीर की 10 बड़ी बीमारियों से दिलाएगा छुटकारा, रसोई में रखा ये छोटा सा खजाना
punjabkesari.in Saturday, Aug 30, 2025 - 12:27 PM (IST)

नारी डेस्क : हमारी रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसालों में लौंग (Clove) का खास स्थान है। ये छोटे-छोटे फूलों की सूखी कलियां होती हैं, जो इंडोनेशिया के मालुकु द्वीप से दुनिया भर में पहुंची हैं। सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाती, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होती हैं। आइए जानें लौंग के 10 ऐसे फायदे जो इसे एक औषधीय मसाला बनाते हैं।
इम्युनिटी को मजबूत बनाता है
लौंग में मौजूद विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट और अन्य रोग-प्रतिरोधक तत्व शरीर की इम्युनिटी यानी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं। ये तत्व शरीर को बैक्टीरिया, वायरस और फंगल संक्रमणों से बचाने में मदद करते हैं। जब हमारी इम्युनिटी मजबूत होती है, तो हम सामान्य सर्दी, खांसी, जुकाम और मौसम बदलने पर होने वाली बीमारियों से जल्दी उबर सकते हैं या फिर बीमार ही नहीं पड़ते। लौंग का नियमित सेवन शरीर को संक्रमणों से लड़ने के लिए तैयार करता है और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
पाचन शक्ति को बेहतर बनाता है
लौंग पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करने में मदद करती है, जिससे खाना आसानी से पचता है। यह गैस, अपच, पेट दर्द और सूजन जैसी समस्याओं को दूर करने में कारगर है। इसके ऐंठन-रोधी (Antispasmodic) गुण पाचन तंत्र की मांसपेशियों को आराम देते हैं, जिससे पेट हल्का महसूस होता है।
वजन घटाने में सहायक
लौंग मेटाबॉलिज्म यानी शरीर की चयापचय क्रिया को तेज करती है, जिससे कैलोरी जल्दी बर्न होती हैं। साथ ही यह पाचन में सुधार करती है, जिससे शरीर में वसा जमा नहीं होती। इसे नियमित रूप से खाने में शामिल करने से वजन कम करने में मदद मिल सकती है।
ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है
लौंग में ऐसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं जो शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाते हैं। इंसुलिन वह हार्मोन है जो शरीर में ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) को नियंत्रित करता है। जब इंसुलिन ठीक से काम करता है, तो शरीर में शुगर का स्तर संतुलन में रहता है और डायबिटीज का खतरा कम होता है। जो लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं या जिन्हें प्रीडायबिटीज है, उनके लिए लौंग एक प्राकृतिक उपाय हो सकता है। रोजाना थोड़ा-सा लौंग पाउडर या काढ़े के रूप में इसका सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना बेहतर होगा, खासकर अगर आप पहले से कोई दवा ले रहे हैं।
लिवर को डिटॉक्स करता है
लौंग में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स और यूजिनॉल जैसे सक्रिय यौगिक लिवर को हानिकारक विषैले पदार्थों से बचाते हैं। ये तत्व लिवर की सफाई (डिटॉक्स) में मदद करते हैं और उसके कामकाज को बेहतर बनाते हैं। जब लिवर स्वस्थ रहता है, तो शरीर के अंदर जमा हुए जहरीले पदार्थ आसानी से बाहर निकलते हैं। इससे शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन प्रोसेस सुचारू रूप से चलता है और हम स्वस्थ बने रहते हैं।
सांस की बीमारियों में राहत देता है
लौंग में पाए जाने वाले सूजनरोधी (Anti-inflammatory) और जीवाणुरोधी (Antimicrobial) गुण सांस से जुड़ी कई बीमारियों में आराम देते हैं। यह खांसी, बलगम जमना, अस्थमा और गले की खराश जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। विशेषकर सर्दियों के मौसम में जब सर्दी-ज़ुकाम और सांस की तकलीफें बढ़ जाती हैं, तब लौंग का सेवन फेफड़ों और गले को साफ रखने में सहायक होता है। यह बलगम को कम करता है और सांस लेने में आसानी प्रदान करता है।
दर्द से राहत दिलाता है
लौंग में प्राकृतिक दर्द निवारक (पेनकिलर) गुण पाए जाते हैं, जो शरीर के विभिन्न हिस्सों में होने वाले दर्द को कम करने में मदद करते हैं। खासकर दांत दर्द में लौंग बहुत असरदार होती है। दांत में दर्द होने पर लौंग का तेल या पाउडर दर्द वाली जगह पर लगाने से तुरंत सूजन और जलन कम हो जाती है। इसके अलावा, लौंग सिर दर्द, मांसपेशियों के दर्द और जोड़ों के दर्द में भी आराम देने में सहायक होती है। इसलिए, पारंपरिक रूप से भी इसे दर्द से राहत पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।
दांत और मुंह के लिए लाभकारी
लौंग में मौजूद रोगाणुरोधी (Antimicrobial) गुण मुंह से जुड़ी कई समस्याओं में फायदेमंद होते हैं। इसका इस्तेमाल दांत दर्द, मसूड़ों की सूजन, मुंह की बदबू और संक्रमण को कम करने के लिए किया जाता है। लौंग चबाने से मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया खत्म होते हैं और ताजगी बनी रहती है। वहीं, लौंग का तेल दांत दर्द वाले हिस्से पर लगाने से तुरंत राहत मिल सकती है। इसके नियमित इस्तेमाल से दांत और मसूड़े दोनों मजबूत होते हैं और मुंह की साफ-सफाई बनी रहती है।
सूजन को कम करता है
लौंग में पाए जाने वाले यूजिनॉल और अन्य यौगिकों में सूजनरोधी (Anti-inflammatory) गुण होते हैं, जो शरीर में किसी भी प्रकार की सूजन को कम करते हैं। गठिया (Arthritis) जैसी बीमारियों में यह विशेष रूप से फायदेमंद होती है, क्योंकि यह जोड़ों के दर्द और अकड़न को कम करती है।
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
लौंग में यूजिनॉल नाम का एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो शरीर में मौजूद हानिकारक फ्री रेडिकल्स से लड़ता है। इससे कोशिकाओं को नुकसान से बचाव होता है और दिल की बीमारी, कैंसर और त्वचा से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम होता है। रोजाना थोड़ी मात्रा में लौंग का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
लौंग एक छोटा सा मसाला होते हुए भी अनेक बीमारियों से बचाव और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में बेहद उपयोगी है। इसे आप चाय में, खाना पकाते समय, काढ़े में या लौंग का तेल लगाकर कई तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे, किसी भी चीज की अति हानिकारक हो सकती है, इसलिए लौंग का सेवन सीमित मात्रा में करें।