पीएम मोदी से ज्यादा सैलरी, आलिशान घर.... RBI की नई डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता के बारे में जानिए विस्तार से
punjabkesari.in Thursday, Apr 03, 2025 - 11:31 AM (IST)

नारी डेस्क: सरकार ने प्रतिष्ठित शोध संस्थान नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लॉयड इकनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) की महानिदेशक पूनम गुप्ता को तीन साल के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का डिप्टी गवर्नर नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। माइकल देबव्रत पात्रा के जनवरी में पद छोड़ने के बाद आरबीआई में डिप्टी गवर्नर का पद खाली हो गया था, अब पूनम गुप्ता को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। RBI की डिप्टी गवर्नर को हर महीने सैलरी 2.25 लाख रुपए मिलेगी।

गुप्ता को 3 साल के लिए किया नियुक्त
सूत्रों ने कहा कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने गुप्ता की आरबीआई में डिप्टी गवर्नर पद पर नियुक्ति को उनके कार्यभार संभालने की तारीख से तीन साल के लिए मंजूरी दी है। वह वर्तमान में नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च में महानिदेशक हैं। गुप्ता प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य और 16वें वित्त आयोग की सलाहकार परिषद की सदस्य भी हैं। वह नीति आयोग की विकास सलाहकार समिति का भी हिस्सा हैं और भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान मैक्रोइकॉनॉमिक्स और व्यापार पर टास्क फोर्स की अध्यक्षता कर चुकी हैं।

अर्थशास्त्री के तौर पर भी कर चुकी हैं काम
इससे पहले गुप्ता विश्व बैंक में प्रमुख अर्थशास्त्री के तौर पर काम कर चुकी हैं। उनके करियर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी (एनआईपीएफपी) में आरबीआई चेयर प्रोफेसर और इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस (आईसीआरआईईआर) में प्रोफेसर के तौर पर काम करना शामिल है। गुप्ता विश्व बैंक के 'गरीबी और समानता' तथा 'विश्व विकास रिपोर्ट' पर सलाहकार समूहों के सदस्य भी हैं। एनसीएईआर में गुप्ता आर्थिक विकास, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली, केंद्रीय बैंकिंग, व्यापक आर्थिक स्थिरता, सार्वजनिक ऋण और राज्य वित्त जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर शोध का नेतृत्व करती हैं।
एक्जिम बैंक पुरस्कार भी कर चुकी है अपने नाम
गुप्ता के पास अमेरिका के मैरीलैंड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी और मास्टर डिग्री है, साथ ही दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री भी है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र पर डॉक्टरेट के काम के लिए 1998 के एक्जिम बैंक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। आरबीआई के चार डिप्टी गवर्नर हैं, जिनमें से दो केंद्रीय बैंक के सेवारत अधिकारी हैं। तीसरा डिप्टी गवर्नर मौद्रिक नीति विभाग की देखरेख करने वाला अर्थशास्त्री है और चौथा वाणिज्यिक बैंक का अधिकारी है। इन पदों पर नियुक्त लोगों को कई सुविधाएं भी मिलती हैं, जैसे कि ईंधन भत्ता, फर्नीचर भत्ता और सोडेक्सो कूपन। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर को एक अच्छा बड़ा घर रहने के लिए दिया जाता है।
पीएम मोदी की इतनी है सैलरी
पूनम गुप्ता, आरबीआई की डिप्टी गवर्नर होने के नाते, अतिरिक्त लाभों के साथ 2.25 लाख रुपये का मासिक वेतन पाने की हकदार हैं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री का मूल वेतन 50,000 रुपये है, जिसमें 45,000 रुपये का संसदीय भत्ता, 2,000 रुपये का दैनिक भत्ता और 3,000 रुपये का व्यय भत्ता जैसे अतिरिक्त लाभ शामिल हैं। इस हिसाब से प्रधानमंत्री का कुल वेतन 1.66 लाख रुपये है। यानी कि पूनम की सैलरी पीएम से ज्यादा होगी।