Viral वीडियो में दिखा जन्नत जैसा नजारा, सच जानकर रह जाएंगे हैरान – आप भी देखिए
punjabkesari.in Monday, Mar 30, 2026 - 03:23 PM (IST)
नारी डेस्क: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग दंग रह गए हैं। वीडियो में दिख रहा मिल्की ब्लू पानी, उसके किनारे बिछी सफेद चादर जैसी जमीन, और चारों तरफ सुकून भरा नजारा लोगों को विदेशी बीच का एहसास दिला रहा है। हर फ्रेम इतना खूबसूरत है कि यह किसी लग्जरी ट्रैवल डेस्टिनेशन जैसा लगता है। कुछ यूजर्स ने इसे ‘इंडिया का मालदीव’ तक कह दिया।
STORY | 'Toxic tourist destination': Scenic marble waste site in Rajasthan draws visitors, experts flag health hazard
— Press Trust of India (@PTI_News) March 29, 2026
Endless white plains glowing under the sun, no pine trees, no chill in the air, yet the scenery looks straight out of a winter postcard. Many confuse it for… pic.twitter.com/zBJ0HAWUPE
वीडियो को ड्रोन कैमरे से शूट किया गया है, जिससे ऊपर से पूरा दृश्य बेहद परफेक्ट दिखाई देता है। हल्का नीला पानी और चमकती सफेद सतह का कॉम्बिनेशन इसे और आकर्षक बनाता है। वीडियो में लोग घूमते और फोटोशूट करते दिख रहे हैं, जिससे जगह और भी आकर्षक लग रही है। यही कारण है कि यह क्लिप तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसे ‘इंडिया का मिनी मालदीव’ कहकर शेयर कर रहे हैं।


सच सामने आया
हालांकि, इस वीडियो का असली सच जानकर लोग हैरान रह जाते हैं। यह जगह कोई विदेशी बीच नहीं बल्कि राजस्थान के अजमेर जिले के पास स्थित किशनगढ़ का मार्बल डंपिंग यार्ड है। किशनगढ़ को मार्बल सिटी भी कहा जाता है। यहां बड़े पैमाने पर मार्बल की कटिंग और पॉलिशिंग होती है। इस प्रक्रिया में बारीक मार्बल पाउडर निकलता है, जो पानी के साथ मिलकर एक स्लरी बनाता है। यह स्लरी सालों से यहीं जमा होती रही है। इसी वजह से यहां की जमीन सफेद और पानी मिल्की ब्लू जैसा दिखाई देता है।
ध्यान रखने वाली बात
हालांकि यह नजारा खूबसूरत दिखता है, लेकिन यह एक डंपिंग साइट है। पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिहाज से यहां का धूल और पानी लोगों के लिए खतरा भी पैदा कर सकते हैं। वायरल वीडियो ने किशनगढ़ के इस डंपिंग यार्ड को इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया के लिए एक जन्नत जैसा दृश्य बना दिया है। लेकिन असलियत यह है कि यह स्वच्छ प्राकृतिक बीच नहीं, बल्कि मानव निर्मित मार्बल स्लरी का असर है।


