गरुड़ पुराण के नियम: आपकी गरीबी की वजह आपकी रसोई हो सकती है!
punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 03:06 PM (IST)
नारी डेस्क: भारतीय संस्कृति में रसोई सिर्फ खाना बनाने की जगह नहीं मानी जाती, बल्कि इसे घर का सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। मान्यता है कि रसोई घर की सेहत, सुख-शांति और समृद्धि से सीधे तौर पर जुड़ी होती है। हिंदू धर्म के प्राचीन ग्रंथ गरुड़ पुराण में भी रसोई से जुड़े कुछ ऐसे नियम बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर व्यक्ति अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक स्थिरता ला सकता है। गरुड़ पुराण के अनुसार, अगर रसोई को सही तरीके से संभाला जाए और कुछ धार्मिक नियमों का पालन किया जाए, तो घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। आइए आसान भाषा में जानते हैं ये जरूरी बातें।
रसोई की पूजा से करें शुरुआत
गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जिस स्थान पर भोजन बनाया जाता है, वह बहुत पवित्र होता है। इसलिए खाना बनाने से पहले ईश्वर का स्मरण करना चाहिए। चूल्हा या गैस जलाने से पहले एक छोटी-सी प्रार्थना करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भोजन तैयार होने के बाद पहला ग्रास (कण) भगवान को अर्पित करना शुभ माना जाता है। कई घरों में इसे थाली के एक कोने में रखकर या मानसिक रूप से अर्पित किया जाता है। ऐसा करने से घर में शांति और समृद्धि बनी रहती है और आर्थिक परेशानियां दूर होने की मान्यता है।

रसोई में साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान
शास्त्रों में कहा गया है कि मां लक्ष्मी स्वच्छ स्थान पर ही निवास करती हैं। इसलिए रसोई की साफ-सफाई केवल स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी जरूरी है। रोजाना किचन की सफाई करें, काउंटर साफ रखें, बर्तन समय पर धोएं और फर्श को साफ रखें। गंदगी, बिखरे हुए सामान और जूठे बर्तन नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं। एक साफ और व्यवस्थित रसोई घर में सुख-शांति और धन को आकर्षित करती है।
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तुलसी से जुड़े नियमों का करें पालन
हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा बहुत पवित्र माना जाता है। कई घरों में तुलसी को रसोई या घर के पास लगाया जाता है। गरुड़ पुराण के अनुसार, तुलसी से जुड़े कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। बिना स्नान किए तुलसी की पत्तियां नहीं तोड़नी चाहिए। इसे धार्मिक दृष्टि से अशुद्ध माना जाता है। रविवार, एकादशी, संक्रांति या शाम के समय तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचना चाहिए। मान्यता है कि इन दिनों और समय में तुलसी विश्राम करती हैं।
रोज सुबह खासकर सूर्योदय के समय तुलसी को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इससे घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा आती है। तुलसी के पौधे के आसपास साफ-सफाई रखें। उसके सामने जूते-चप्पल न रखें और आसपास कूड़ा न फेंकें। ऐसा करने से आध्यात्मिक पुण्य में कमी आती है और समृद्धि पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

रसोई को मानें घर की किस्मत का केंद्र
गरुड़ पुराण के अनुसार, रसोई घर की ऊर्जा का मुख्य केंद्र है। यहां से पूरे परिवार की सेहत और मानसिक स्थिति प्रभावित होती है। इसलिए रसोई में क्रोध, झगड़ा या नकारात्मक बातें करने से बचना चाहिए। खाना बनाते समय सकारात्मक सोच रखें और प्रेम भाव से भोजन तैयार करें। माना जाता है कि जैसा भाव होगा, वैसी ही ऊर्जा भोजन में शामिल होती है और वही ऊर्जा परिवार के सदस्यों तक पहुंचती है।
गरुड़ पुराण के अनुसार, रसोई घर केवल भोजन पकाने का स्थान नहीं, बल्कि समृद्धि और सुख का आधार है। अगर आप रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें, जैसे प्रार्थना करना, साफ-सफाई रखना और तुलसी के नियमों का पालन करना, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक स्थिरता बनी रह सकती है।
इन सरल उपायों को अपनाकर आप अपनी दैनिक आदतों को प्राचीन ज्ञान के अनुसार ढाल सकते हैं और घर में सुख-शांति, धन और खुशहाली का स्वागत कर सकते हैं।

