महिलाएं सावधान! सर्दियों में अचानक बढ़ गया कमर दर्द, कहीं L3, L4, L5 की समस्या तो नहीं

punjabkesari.in Friday, Jan 09, 2026 - 01:14 PM (IST)

नारी डेस्क : सर्दियों का मौसम शुरू होते ही अगर कमर के निचले हिस्से में लगातार दर्द, जकड़न, पैरों में झनझनाहट या चलने-फिरने में परेशानी महसूस होने लगे, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। डॉक्टरों के मुताबिक, यह समस्या अक्सर रीढ़ की हड्डी के L3, L4 और L5 वर्टिब्रा से जुड़ी होती है। ये तीनों रीढ़ की सबसे महत्वपूर्ण हड्डियां मानी जाती हैं, जो शरीर का पूरा वजन संभालती हैं और पैरों तक जाने वाली नसों को सुरक्षा देती हैं।

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विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं में खासतौर पर डिलीवरी के बाद यह समस्या ज्यादा गंभीर रूप ले सकती है। सही पोस्चर, नियमित योग, संतुलित आहार और विटामिन-D से इस दर्द से काफी हद तक बचाव संभव है।

L3, L4, L5 क्या होते हैं और क्यों हैं अहम?

L3, L4 और L5 रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में स्थित वर्टिब्रा होते हैं। इनका सीधा संबंध कमर, कूल्हों और पैरों से जुड़ी नसों से होता है। जब इन हिस्सों में सूजन या नसों पर दबाव (Nerve Compression) बढ़ता है, तो कमर से लेकर पैरों तक तेज दर्द, सुन्नपन और कमजोरी महसूस होने लगती है।

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सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है कमर दर्द?

सर्दियों में तापमान कम होने की वजह से नसों और मांसपेशियों में जकड़न बढ़ जाती है। इससे पहले से मौजूद हल्की समस्या भी गंभीर रूप ले सकती है।
डॉक्टर के अनुसार, L3, L4 और L5 को कई बार ‘ब्रोकन चैनल’ भी कहा जाता है। इन हिस्सों में मामूली गड़बड़ी भी पूरे शरीर के मूवमेंट और बैलेंस को प्रभावित कर सकती है।

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महिलाओं को क्यों बरतनी चाहिए ज्यादा सावधानी?

डॉक्टर बताती हैं कि सर्दियों में महिलाओं में कमर दर्द की समस्या इसलिए भी ज्यादा होती है, क्योंकि ठंड के कारण शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है।
खासतौर पर डिलीवरी के बाद महिलाएं लंबे समय तक एक्सरसाइज नहीं कर पातीं, जिससे कमर और रीढ़ की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।
जिसके बाद कमर में जकड़न और उठने-बैठने में दर्द।
पैरों में खिंचाव और सफेद पानी की समस्या।
जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं।

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सूर्य नमस्कार और वज्रासन से मिलती है राहत

ऐसे लक्षण देखने को मिलते हैं, इसलिए समय रहते सावधानी बरतना जरूरी है। कमर की मांसपेशियों को मजबूत करने और रीढ़ को बेहतर सहारा देने के लिए सूर्य नमस्कार, वज्रासन और मयूरासन जैसे योगासन बेहद मददगार होते हैं। इसके साथ ही सही तरीके से और सीधा लेटकर आराम करना भी महत्वपूर्ण है, ताकि रीढ़ को सही पोजिशन मिल सके और दर्द में राहत महसूस हो।

गलत पोस्चर बना देता है दर्द को गंभीर

लंबे समय तक झुककर काम करना, एक ही पोजिशन में घंटों बैठे रहना या गलत तरीके से बैठना L3, L4 और L5 की समस्या को और गंभीर बना देता है।इसलिए बैठते समय पीठ सीधी रखें, कमर को पूरा सपोर्ट दें और मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करते समय झुकने से बचें।

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कॉर्पोरेट लाइफस्टाइल वालों के लिए खास चेतावनी

ऑफिस में घंटों बैठकर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
हर 1 घंटे में 5 मिनट की वॉक जरूर लें
लंबे समय तक लगातार बैठे न रहें
जंक और ऑयली फूड से दूरी बनाएं
संतुलित और हेल्दी डाइट शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है।

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विटामिन-D की कमी भी बनती है बड़ा कारण

सर्दियों में धूप कम मिलने की वजह से शरीर में विटामिन-D की कमी हो जाती है, जो कमर दर्द का बड़ा कारण बन सकती है।
रोजाना कुछ देर धूप में बैठें और डॉक्टर की सलाह से विटामिन-D सप्लीमेंट लें। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं और नसों को सही पोषण मिलता है।
सर्दियों में कमर दर्द को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। सही दिनचर्या, संतुलित आहार, हल्का व्यायाम, सही पोस्चर और पर्याप्त आराम अपनाकर L3, L4 और L5 से जुड़ी समस्याओं से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।


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Monika

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