कमजोरी से लेकर कब्ज तक में रामबाण है ये पहाड़ी आलू , महंगे सुपरफूड भी इसके सामने फेल

punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 02:37 PM (IST)

नारी डेस्क: आज के समय में जब बाजार में मिलने वाला खाना अक्सर केमिकल और प्रिजर्वेटिव से भरा होता है, लोग फिर से प्राकृतिक और पारंपरिक चीज़ों की ओर लौट रहे हैं। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में पीढ़ियों से खाई जाने वाली गेठी (Air Potato), जिसे कई जगहों पर कंदमूल, पहाड़ी आलू या बेल वाला आलू कहा जाता है, स्वास्थ्य का असली खजाना साबित हो रही है। यह बेल पर उगने वाला कंद न केवल स्वाद में अच्छा है, बल्कि इसमें कई औषधीय गुण भी छिपे हैं।

गेठी कैसे खाई जाती है

पहाड़ी इलाकों में गेठी को अलग-अलग तरीकों से पकाया जाता है। कुछ लोग इसे उबालकर नमक-मिर्च के साथ खाते हैं, जबकि कुछ लोग इसे भूनकर या मसालेदार सब्ज़ी के रूप में इस्तेमाल करते हैं। सही तरीके से पकाई जाए तो यह पेट पर भारी नहीं पड़ती और खाने में स्वादिष्ट भी लगती है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग मौसम के अनुसार गेठी को अपने रोजमर्रा के खाने में शामिल करते हैं।

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पाचन और कमजोरी में सहायक

गेठी स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है। इसमें फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो पाचन को दुरुस्त करती है और कब्ज जैसी समस्या में राहत देती है। इसके अलावा, इसमें आयरन और आवश्यक मिनरल्स भी पाए जाते हैं, जो शरीर को ताकत देते हैं और कमजोरी दूर करने में मदद करते हैं। यही वजह है कि पहाड़ों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी इसे खाते हैं।

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पुरानी पीढ़ियों की देसी दवा

गांव की हेमवंती देवी बताती हैं कि पुराने समय में जब दवाइयाँ आसानी से उपलब्ध नहीं होती थीं, तब गेठी जैसी देसी चीज़ें ही लोगों का सहारा होती थीं। हेमवंती देवी कहती हैं, “हमारे जमाने में गेठी रोज़ के खाने का हिस्सा थी। पेट खराब हो, कमजोरी लगे या काम की थकान हो, गेठी खा लो। यह दवा जैसी है, लेकिन पूरी तरह शुद्ध और प्राकृतिक।”

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आज फिर लौटने की जरूरत

आज के दौर में हमें अपनी थाली में फिर से ऐसी पारंपरिक और पौष्टिक चीज़ों को शामिल करने की जरूरत है। गेठी हमें यह याद दिलाती है कि अच्छी सेहत महंगे सप्लीमेंट्स या पैकेट वाले खाने में नहीं, बल्कि देसी और प्राकृतिक भोजन में छिपी होती है। यह साधारण दिखने वाली सब्ज़ी अपने अंदर सेहत का असली खजाना समेटे हुए है।

गेठी या पहाड़ी आलू पाचन सुधारने, कमजोरी दूर करने और शरीर को ताकत देने में अद्भुत है। इसे अपने रोज़मर्रा के खाने में शामिल करना हर घर के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।  


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Content Editor

Priya Yadav

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