दालचीनी असली है या नकली, घर बैठे इन आसान तरीकों से करें पता
punjabkesari.in Monday, Sep 21, 2026 - 10:46 AM (IST)
नारी डेस्क: दालचीनी भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाला एक जाना-पहचाना मसाला है। चाय से लेकर सब्जी, बिरयानी और मिठाइयों तक में इसका इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन बाजार में मिलने वाली हर दालचीनी एक जैसी नहीं होती। आमतौर पर दो किस्में ज्यादा देखने को मिलती हैं सीलोन दालचीनी (Ceylon Cinnamon) और कैसिया (Cassia)। दोनों दिखने में काफी हद तक एक जैसी लग सकती हैं, इसलिए पहली नजर में इनके बीच फर्क करना आसान नहीं होता। हालांकि, इनकी बनावट, स्वाद, खुशबू और परतों में काफी अंतर होता है। खासकर सीलोन दालचीनी और कैसिया में कूमारिन की मात्रा अलग-अलग होती है। कैसिया में कूमारिन अपेक्षाकृत ज्यादा पाया जाता है और बहुत अधिक मात्रा में लंबे समय तक इसका सेवन करना लिवर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके घर में रखी साबुत दालचीनी सीलोन है या कैसिया, तो कुछ आसान चीजों पर ध्यान देकर काफी हद तक पहचान कर सकते हैं।
सबसे पहले दालचीनी की परतें देखें
साबुत दालचीनी खरीदते समय उसकी स्टिक को ध्यान से देखें। सीलोन दालचीनी की छाल आमतौर पर कई बहुत पतली परतों से बनी होती है। यह कई पतली परतों को एक-दूसरे के अंदर रोल करने जैसी दिखाई देती है। वहीं कैसिया की छाल मोटी और ज्यादा सख्त होती है। इसमें आमतौर पर मोटी परत दिखाई देती है। इसी वजह से सीलोन दालचीनी अपेक्षाकृत नाजुक होती है, जबकि कैसिया की स्टिक ज्यादा कड़ी होती है। अगर स्टिक को देखते ही आपको अंदर कई पतली-पतली परतें दिखाई दे रही हैं, तो वह सीलोन दालचीनी होने की संभावना ज्यादा है।

रंग और खुशबू से भी कर सकते हैं अंदाजा
दालचीनी की पहचान में उसका रंग और खुशबू भी मदद कर सकते हैं। सीलोन दालचीनी आमतौर पर हल्के भूरे या टैन रंग की होती है। दूसरी तरफ कैसिया का रंग ज्यादा गहरा भूरा और लालिमा लिए हुए हो सकता है। खुशबू की बात करें तो सीलोन दालचीनी की महक आमतौर पर हल्की, मीठी और नाजुक होती है। कैसिया की खुशबू ज्यादा तेज और मसालेदार महसूस हो सकती है। हालांकि, केवल रंग या खुशबू देखकर पक्की पहचान करना मुश्किल है। इसलिए दूसरे संकेतों को भी साथ में देखना बेहतर रहता है।
पानी वाला टेस्ट कितना सही है?
दालचीनी की पहचान के लिए पानी में डालने या उबालने वाला घरेलू टेस्ट भी कई जगह बताया जाता है। हालांकि, इसे पक्की या वैज्ञानिक जांच नहीं माना जाना चाहिए। सिर्फ पानी का रंग बदलने या स्टिक के नरम होने के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि दालचीनी सीलोन है या कैसिया। दालचीनी की उम्र, प्रोसेसिंग और उसकी नमी जैसी चीजें भी इस तरह के घरेलू टेस्ट के नतीजे को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए पानी वाला टेस्ट करने के बजाय स्टिक की बनावट और परतों को देखना ज्यादा उपयोगी संकेत हो सकता है।
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स्वाद से भी थोड़ा फर्क समझ सकते हैं
सीलोन दालचीनी का स्वाद आमतौर पर हल्का, मीठा और नाजुक होता है। वहीं कैसिया का स्वाद ज्यादा तेज, गर्म और मसालेदार लग सकता है। लेकिन सिर्फ स्वाद के आधार पर भी किसी दालचीनी को निश्चित रूप से सीलोन या कैसिया बताना सही नहीं होगा। खासकर पिसी हुई दालचीनी में पहचान करना और भी मुश्किल हो जाता है।
पैकेट पर क्या देखें
अगर आप सीलोन दालचीनी खरीदना चाहते हैं तो पैकेट पर “Ceylon Cinnamon” या “True Cinnamon” जैसे नाम देखें। सिर्फ “Cinnamon” लिखा होने से यह तय नहीं होता कि वह सीलोन ही है। जहां संभव हो, साबुत दालचीनी खरीदना बेहतर रहता है क्योंकि उसकी बनावट और परतों को देखकर किस्म का अंदाजा लगाना पाउडर की तुलना में आसान होता है।

सीलोन और कैसिया में फर्क जानना क्यों जरूरी है?
सीलोन दालचीनी और कैसिया दोनों का इस्तेमाल मसाले के तौर पर किया जाता है। फर्क मुख्य रूप से उनकी प्रजाति, स्वाद, बनावट और कूमारिन की मात्रा में होता है। कैसिया में कूमारिन की मात्रा सीलोन दालचीनी की तुलना में काफी ज्यादा हो सकती है। सामान्य मात्रा में कभी-कभार इस्तेमाल को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लंबे समय तक बहुत ज्यादा मात्रा में कैसिया का सेवन करने से कूमारिन का सेवन बढ़ सकता है।
अगर आप रोजाना दालचीनी का इस्तेमाल करते हैं या ज्यादा मात्रा में लेते हैं, तो इसकी किस्म और मात्रा पर ध्यान देना अच्छा रहेगा। और अगर आपको लिवर से जुड़ी कोई बीमारी है, तो नियमित रूप से ज्यादा मात्रा में दालचीनी लेने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर है।

