खून की नलियों में जमा गंदें कोलेस्ट्रॉल को कैसे कम करें
punjabkesari.in Thursday, Mar 26, 2026 - 11:12 AM (IST)
नारी डेस्क: हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल एक तरह का फैट होता है, जो शरीर के कई जरूरी कामों के लिए आवश्यक है। लेकिन जब इसका स्तर ज्यादा बढ़ जाता है, खासकर LDL यानी “खराब कोलेस्ट्रॉल”, तो यह खून की नलियों में जमा होने लगता है। इससे ब्लॉकेज बन सकता है, जो आगे चलकर दिल की बीमारी, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बनता है। अच्छी बात यह है कि सही खानपान और जीवनशैली में बदलाव करके इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
ट्रांस फैट से दूरी बनाना बहुत जरूरी
ट्रांस फैट सबसे खतरनाक प्रकार का फैट माना जाता है, जो शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बढ़ाता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को कम करता है। यह आमतौर पर प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड में पाया जाता है, जैसे कि बिस्किट, केक, पेस्ट्री, नमकीन, चिप्स और तली-भुनी चीजें। फास्ट फूड जैसे पिज्जा, बर्गर और फ्रेंच फ्राइज में भी इसकी मात्रा अधिक होती है। बार-बार ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से खून की नलियों में फैट जमा होने लगता है। इसलिए बेहतर है कि आप ताजे, घर के बने और कम तेल वाले भोजन को प्राथमिकता दें और पैकेज्ड फूड का सेवन कम से कम करें।

अच्छे फैट को अपनी डाइट में शामिल करें
सभी फैट नुकसानदायक नहीं होते। मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट जैसे “अच्छे फैट” शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। ये खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करते हैं। ऐसे फैट एवोकाडो, ऑलिव ऑयल, मूंगफली का तेल, बादाम, अखरोट, काजू और बीजों में पाए जाते हैं। इनका नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने से दिल स्वस्थ रहता है और खून की नलियां साफ बनी रहती हैं। हालांकि, इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा मात्रा में कोई भी फैट नुकसान पहुंचा सकता है।
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नियमित व्यायाम करें
कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने का सबसे प्रभावी तरीका है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर शारीरिक गतिविधियों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे शरीर में फैट जमा होने लगता है। रोजाना कम से कम 30 मिनट की एक्सरसाइज, जैसे तेज चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना या तैराकी, न केवल वजन को नियंत्रित करती है बल्कि खराब कोलेस्ट्रॉल को भी कम करती है। एक्सरसाइज करने से अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) का स्तर बढ़ता है, जो धमनियों से खराब फैट को हटाने में मदद करता है। अगर आप ज्यादा समय नहीं निकाल सकते, तो दिनभर में छोटे-छोटे समय में भी एक्टिव रहना फायदेमंद होता है, जैसे सीढ़ियां चढ़ना या पैदल चलना।

वजन को संतुलित रखें
दिल की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। ज्यादा वजन या मोटापा कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सीधे प्रभावित करता है। जब शरीर में अतिरिक्त फैट जमा हो जाता है, तो यह LDL को बढ़ाता है और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर भी बढ़ जाता है। रिसर्च के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति अपने कुल वजन का सिर्फ 5 से 10 प्रतिशत भी कम कर ले, तो उसके कोलेस्ट्रॉल स्तर में सुधार देखा जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि आप संतुलित आहार लें, जिसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन शामिल हों, और नियमित रूप से व्यायाम करें। साथ ही, मीठे और ज्यादा कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं।
कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना पूरी तरह से आपकी जीवनशैली पर निर्भर करता है। सही खानपान, नियमित व्यायाम और वजन को संतुलित रखकर आप न सिर्फ अपने कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल कर सकते हैं, बल्कि दिल की बीमारियों से भी बच सकते हैं। यदि आपका कोलेस्ट्रॉल स्तर बहुत ज्यादा है, तो किसी डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है और बिना परामर्श के दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए।

